हरियाणा के पानीपत जिले से एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां तहसील कैंप क्षेत्र में रहने वाले 15 वर्षीय एक किशोर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान चिराग के रूप में हुई है, जो क्षेत्र के ही विक्टर पब्लिक स्कूल में नौवीं कक्षा का छात्र था। इस दुखद घटना ने न केवल पीड़ित परिवार को झकझोर कर रख दिया है, बल्कि पूरे इलाके में मातम और सन्नाटा पसर गया है। प्राथमिक जानकारी के अनुसार, छात्र ने यह खौफनाक कदम उस समय उठाया जब वह घर पर अकेला था।
बीमारी का बहाना बनाकर घर पर रुका था चिराग
शुक्रवार की सुबह अन्य दिनों की तरह सामान्य लग रही थी, लेकिन चिराग के मन में क्या चल रहा था, इसका अंदाजा किसी को नहीं था। सुबह जब स्कूल जाने का समय हुआ, तो चिराग ने अपने पिता राकेश कुमार को बताया कि उसकी तबीयत ठीक नहीं लग रही है और वह आज स्कूल नहीं जाना चाहता। बेटे की अस्वस्थता की बात सुनकर पिता ने उसे आराम करने की सलाह दी और स्वयं अपनी ड्यूटी पर फैक्टरी चले गए। कुछ समय बाद चिराग की मां भी घर के रोजमर्रा के कार्यों के लिए बाजार से सब्जी लेने निकल गई। इसी एकांत का लाभ उठाते हुए किशोर ने मौत को गले लगा लिया।
| तथ्य | विवरण |
|---|---|
| मृतक का नाम और उम्र | चिराग (15 वर्ष) |
| शिक्षा और संस्थान | 9वीं कक्षा, विक्टर पब्लिक स्कूल |
| घटनास्थल | पूर्ण डॉक्टर वाली गली, तहसील कैंप, पानीपत |
| पिता का नाम व कार्य | राकेश कुमार (फैक्टरी कर्मचारी) |
| पारिवारिक स्थिति | दो बहनों का इकलौता भाई |
| पुलिस थाना | तहसील कैंप थाना, पानीपत |
मां के घर लौटते ही चीखों में बदली खामोशी
जब चिराग की मां बाजार से वापस लौटी, तो घर के अंदर का दृश्य देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमरे में चिराग का शव फंदे से लटका हुआ था। मां की चीखें सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर पहुंचे और आनन-फानन में छात्र को फंदे से नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी सांसें थम चुकी थीं। घटना की सूचना तुरंत पुलिस और फैक्टरी में काम कर रहे पिता को दी गई। मौके पर पहुंची तहसील कैंप थाना पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए।
इकलौते बेटे की मौत से टूटा दुखों का पहाड़
चिराग अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और दो बहनों का अकेला भाई था। परिवार मूल रूप से आर्थिक रूप से संघर्षशील है और फतेहपुरी चौक के पास एक किराये के मकान में रहता है। बड़ी बहन कॉलेज में शिक्षा ग्रहण कर रही है, जबकि दूसरी बहन बच्चों को ट्यूशन पढ़ाकर परिवार की आर्थिक मदद करती है। पिता राकेश कुमार फैक्टरी में कड़ी मेहनत कर बच्चों का भविष्य संवारने में जुटे थे। इकलौते चिराग की असमय मृत्यु ने परिवार के भविष्य के सपनों को चकनाचूर कर दिया है।
जांच में जुटी पुलिस: आत्महत्या का कारण रहस्य
तहसील कैंप थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के स्पष्ट कारणों का पता चल सके। पुलिस परिवार के सदस्यों और चिराग के दोस्तों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या वह किसी मानसिक तनाव, पढ़ाई के दबाव या किसी अन्य समस्या से जूझ रहा था।
छात्रों में बढ़ता तनाव: एक गंभीर सामाजिक चिंता
पानीपत में हुई यह घटना एक बार फिर किशोरों और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि किशोरावस्था में बच्चे अक्सर अपनी समस्याओं को साझा नहीं कर पाते, जिससे वे अवसाद का शिकार हो जाते हैं। अभिभावकों और शिक्षकों को बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों के प्रति निरंतर सतर्क रहने की आवश्यकता है।





