हरियाणा की राजनीति में इन दिनों दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली आगामी 1 नवंबर की रैली को लेकर हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस और इंडिया गठबंधन द्वारा आयोजित की जा रही 'वोट बचाओ, देश बचाओ' रैली को सफल बनाने के लिए हरियाणा कांग्रेस ने अपनी पूरी सांगठनिक शक्ति झोंक दी है। इसी सिलसिले में हरियाणा कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने करनाल का दौरा किया, जहां उन्होंने जिला अध्यक्षों, पूर्व विधायकों और वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ गहन मंत्रणा की। राव नरेंद्र ने स्पष्ट किया कि यह रैली केवल एक राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र और युवाओं के भविष्य को बचाने का एक निर्णायक आंदोलन साबित होगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने करनाल, पानीपत और सोनीपत के कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर तैयारियों का जायजा लेते हुए दावा किया कि अकेले हरियाणा से एक लाख से अधिक लोग इस रैली का हिस्सा बनेंगे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में अभूतपूर्व उत्साह है और लोग अपने खर्च पर, स्वेच्छा से दिल्ली पहुंचने की तैयारी कर रहे हैं। उनके अनुसार, पूरे देश से इस महारैली में लगभग 10 लाख लोगों के जुटने की संभावना है, जो केंद्र और राज्य की वर्तमान सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा जनादेश होगा।
रैली का एजेंडा और सांगठनिक तैयारियां
राव नरेंद्र सिंह ने अपने दौरे के दौरान जीटी रोड बेल्ट के महत्वपूर्ण जिलों में संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ दिनों में फरीदाबाद, गुरुग्राम, पलवल और नूंह जैसे दक्षिण हरियाणा के जिलों का दौरा पूरा किया जा चुका है, और अब उत्तर हरियाणा में कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया जा रहा है। कांग्रेस का मुख्य फोकस उन मुद्दों पर है जो सीधे तौर पर आम जनता को प्रभावित कर रहे हैं, जैसे महंगाई, बेरोजगारी और प्रशासनिक भ्रष्टाचार।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| रैली का नाम | वोट बचाओ, देश बचाओ रैली |
| आयोजन तिथि | 1 नवंबर, 2024 |
| मुख्य स्थल | रामलीला मैदान, नई दिल्ली |
| हरियाणा से अपेक्षित संख्या | 1,00,000+ कार्यकर्ता व आमजन |
| मुख्य मुद्दे | बेरोजगारी, किसान एमएसपी, पेपर लीक, महंगाई |
| प्रमुख नेतृत्व | राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे व इंडिया गठबंधन नेता |
राहुल गांधी के नेतृत्व और भाजपा के आरोपों पर पलटवार
भाजपा द्वारा राहुल गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों कि वे 'युवाओं के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहे हैं', पर राव नरेंद्र ने तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी देश के युवाओं की पीड़ा को समझते हैं और नेता प्रतिपक्ष के नाते उनका यह दायित्व है कि वे पेपर लीक और बेरोजगारी जैसे गंभीर विषयों पर सरकार को घेरें। उन्होंने कहा कि जब देश का युवा सड़कों पर लाठियां खा रहा है, तब राहुल गांधी ही उनकी आवाज बनकर संसद से सड़क तक लड़ रहे हैं।
"भाजपा आज पूरी तरह से डरी हुई है। हरियाणा में जिस तरह से बदलाव की बयार चल रही है, उससे सत्ताधारी दल की जमीन खिसक चुकी है। प्रधानमंत्री का विधायकों से व्यक्तिगत मिलना और केंद्रीय गृह मंत्री के बार-बार होने वाले दौरे इसी घबराहट का प्रमाण हैं। जनता अब वोट की चोरी और बेरोजगारी को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है।" - राव नरेंद्र सिंह, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा कांग्रेस
किसानों की समस्याओं और गन्ने के दाम पर घेरा
हरियाणा के कृषि परिदृश्य पर चर्चा करते हुए राव नरेंद्र ने राज्य सरकार द्वारा गन्ने के एमएसपी में की गई 15 रुपये की वृद्धि को नाकाफी बताया। उन्होंने इसे किसानों के साथ एक भद्दा मजाक करार देते हुए कहा कि लागत के अनुपात में यह वृद्धि बेहद कम है। उन्होंने मांग की कि सरकार को किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम देना चाहिए और हाल ही में हुई बेमौसमी बारिश से हुए नुकसान की तुरंत भरपाई करनी चाहिए। उन्होंने कर्नाटक में दूध के दामों में वृद्धि और हरियाणा में किसानों के प्रदर्शन को जायज ठहराते हुए कहा कि जब सरकारें जनविरोधी निर्णय लेंगी, तो विपक्ष और जनता का सड़कों पर उतरना अनिवार्य है।
व्यापारियों की चिंता और सांगठनिक एकजुटता
दिवाली के त्यौहार के बीच दिल्ली में रैली आयोजित करने पर व्यापारियों की संभावित चिंताओं पर राव नरेंद्र ने सकारात्मक दृष्टिकोण रखा। उन्होंने कहा कि रैली में आने वाले लाखों लोग दिल्ली के बाजारों में खरीदारी भी करेंगे, जिससे स्थानीय व्यापार को लाभ ही होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि कांग्रेस के कार्यकर्ता पूरी तरह अनुशासित रहकर इस आयोजन को सफल बनाएंगे। वहीं, पार्टी के भीतर गुटबाजी के सवालों को खारिज करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि भूपेंद्र सिंह हुड्डा, कुमारी सैलजा और रणदीप सिंह सुरजेवाला सहित सभी दिग्गज नेता एक मंच पर रहकर इस रैली को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
निष्कर्ष और भविष्य की रणनीति
कांग्रेस की यह कवायद आगामी चुनावों के लिए एक मजबूत नींव रखने की कोशिश मानी जा रही है। 1 नवंबर की यह रैली न केवल केंद्र सरकार के खिलाफ एक मोर्चा होगा, बल्कि हरियाणा विधानसभा की भावी राजनीति की दिशा भी तय करेगी। राव नरेंद्र सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस अब गांव-गांव जाकर लोगों को दिल्ली पहुंचने का न्योता दे रही है, जिससे राज्य का राजनीतिक पारा सातवें आसमान पर पहुंच गया है।





