हरियाणा सरकार के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने हांसी में आयोजित 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के दौरान विपक्षी दलों, विशेषकर कांग्रेस और आम आदमी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मतदाता सूची के शुद्धिकरण (SIR) और घुसपैठियों के मुद्दे पर राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल की चुप्पी और विरोध पर गंभीर सवाल उठाए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार केवल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पारदर्शी बना रही है, लेकिन विपक्ष इसे गलत तरीके से पेश कर रहा है।
महिपाल ढांडा ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि जब भी देशहित में कोई सुधारात्मक कदम उठाया जाता है, तो विपक्ष एकजुट होकर उसमें बाधा डालने का प्रयास करता है। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से उन लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं जो या तो मृत हो चुके हैं या फिर अपना स्थान बदल चुके हैं। इसके अलावा, जो फर्जी या अपात्र लोग सूची में शामिल हैं, उन्हें बाहर करना संवैधानिक जिम्मेदारी है। उन्होंने पूछा कि आखिर पारदर्शी चुनाव प्रणाली से विपक्ष को घबराहट क्यों हो रही है?
SIR प्रक्रिया और ऐतिहासिक संदर्भ: विपक्ष के दोहरे मानदंड
शिक्षा मंत्री ने आंकड़ों और इतिहास का हवाला देते हुए बताया कि स्टेट इंक्लूजन रजिस्टर (SIR) जैसी प्रक्रियाएं देश में नई नहीं हैं। उन्होंने दावा किया कि अब तक 12 बार यह प्रक्रिया अपनाई जा चुकी है, जिसमें से 10 बार कांग्रेस की सरकारों के दौरान ही इसे लागू किया गया था। ढांडा ने सवाल किया कि जो प्रक्रिया कांग्रेस के समय में सही थी, वह भाजपा सरकार के समय में 'लोकतंत्र की हत्या' कैसे हो गई? उन्होंने कहा कि 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले हर पात्र युवा का नाम सूची में जुड़ना चाहिए, लेकिन फर्जीवाड़ा कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
| प्रमुख बिंदु | विवरण व मंत्री का पक्ष |
|---|---|
| कार्यक्रम का नाम | लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ अभियान |
| स्थान | हांसी, हरियाणा |
| मुख्य वक्ता | महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री |
| विपक्ष पर आरोप | भ्रम फैलाना और चर्चा से भागना |
| SIR की स्थिति | 12 में से 10 बार कांग्रेस शासन में हुई |
| 1984 संदर्भ | सिख विरोधी दंगों की बरसी पर रैली का विरोध |
सदन में चर्चा से भागने का आरोप और दिल्ली रैली पर निशाना
शिक्षा मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में विधानसभा और संसद ही चर्चा के सबसे पवित्र मंच हैं। सरकार हर मुद्दे पर सदन में बहस के लिए तैयार रहती है, लेकिन विपक्ष वहां तथ्यों के साथ बात करने के बजाय वॉकआउट करना और बाहर जाकर झूठा नैरेटिव बनाना ज्यादा पसंद करता है। उन्होंने कहा कि घुसपैठियों और फर्जी वोटिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर विपक्ष की चुप्पी उनकी मंशा पर सवाल खड़े करती है।
"अगर मतदाता सूची से अपात्र और फर्जी लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं, तो राहुल गांधी और अरविंद केजरीवाल को इसमें क्या आपत्ति है? क्या वे चाहते हैं कि देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था में फर्जीवाड़ा बना रहे? उन्हें जनता के सामने अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।" - महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा
1 नवंबर की रैली और 1984 के दंगों का दर्द
महिपाल ढांडा ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्षी गठबंधन की रैली पर भी कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि 1 नवंबर की तारीख सिख समाज के लिए अत्यंत पीड़ादायक है, क्योंकि इसी दिन 1984 में दिल्ली की सड़कों पर सिखों का नरसंहार हुआ था। उन्होंने कांग्रेस को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि जिस दिन सिख समाज अपने अपनों को खोने का शोक मनाता है, उसी दिन कांग्रेस जश्न मनाने और राजनीतिक रैलियां करने की योजना बना रही है, जो बेहद शर्मनाक है।
हरियाणा चुनाव परिणामों पर कांग्रेस के 'वोट चोरी' के दावों का खंडन
हरियाणा विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद कांग्रेस द्वारा लगाए जा रहे 'वोट चोरी' के आरोपों पर पलटवार करते हुए ढांडा ने कहा कि हार के बाद बहाने बनाना कांग्रेस की पुरानी आदत है। उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले कांग्रेस के नेता मुख्यमंत्री बनने के सपने देख रहे थे, लेकिन जनता ने भाजपा की नीतियों पर मुहर लगा दी। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि चुनाव में वोट इंसानों ने डाले हैं, ईंटों ने नहीं। जनता के जनादेश का अपमान करने के बजाय कांग्रेस को अपनी कमियों पर आत्ममंथन करना चाहिए।
निष्कर्ष और आगामी प्रशासनिक दिशा
शिक्षा मंत्री ने अंत में अपील की कि विपक्ष को सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार मतदाता सूची को पूरी तरह त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और प्रशासन इस दिशा में पारदर्शी तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने जनता को आश्वस्त किया कि किसी भी पात्र मतदाता का अधिकार नहीं छीना जाएगा, लेकिन फर्जीवाड़े को जड़ से खत्म किया जाएगा। आने वाले दिनों में चुनाव आयोग और स्थानीय प्रशासन इस शुद्धिकरण अभियान को और तेजी से आगे बढ़ाएगा।





