हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): कुरुक्षेत्र: दीपावली का पावन पर्व अंधकार पर प्रकाश, निराशा पर आशा और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है. इस दिन माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जाती है, ताकि घर में सुख, शांति, वैभव और धन-धान्य का वास हो सके. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जहां एक ओर सही विधि-विधान से किया गया पूजन मां लक्ष्मी को प्रसन्न करता है, वहीं कुछ छोटी-सी असावधानियां और गलत तरीके से किया गया पूजन अनजाने में घर की सुख-शांति और आर्थिक उन्नति में भारी बाधा बन सकता है.दिवाली पर कितने दीपक जलाने चाहिए?। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। कुरुक्षेत्र के पंडित पवन शर्मा तीर्थ पुरोहित ने बताया दिवाली के दिन दीपकों की संख्या का विशेष धार्मिक महत्व होता है. इस दिन घर में कम से कम एक बड़ा मुख्य दीपक (अखंड दीया) और कई अन्य मिट्टी के दीये जलाए जाने चाहिए. आमतौर पर लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार 11, 21, 51 या 101 दीये जलाते हैं. इसके अलावा, कुछ विशेष स्थानों पर दीये रखना बहुत शुभ माना जाता है. मुख्य द्वार: घर के मुख्य द्वार पर दोनों तरफ दीये जलाने से नकारात्मक ऊर्जा बाहर रहती है और सकारात्मकता का प्रवेश होता है.पूजा स्थल: मंदिर और लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति के सामने शुद्ध घी का दीपक जलाना अनिवार्य है.तुलसी का पौधा: तुलसी के पास एक दीपक जरूर प्रज्वलित करें, इससे माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा बनी रहती है.घर के कोने: घर के अंधेरे कोनों, रसोई, और बालकनी में भी दीये रखने से वास्तु दोष दूर होते हैं.छोटी सी गलती पड़ सकती है भारी: पंडित पवन शर्मा तीर्थ पुरोहित ने बताया सबसे पहली और महत्वपूर्ण बात स्वच्छता की है. मां लक्ष्मी का आगमन उसी घर में होता है, जो पूरी तरह स्वच्छ और पवित्र होता है. यदि दीपावली की रात घर के मुख्य द्वार पर गंदगी रखी जाए, घर के कोनों में अंधेरा छोड़ा जाए या मुख्य द्वार को पूरी तरह बंद कर दिया जाए, तो इसे माता लक्ष्मी का अपमान माना जाता है. मान्यता है कि इससे देवी लक्ष्मी रुष्ट होकर वापस लौट जाती हैं और घर में कंगाली, आर्थिक तंगी तथा नकारात्मक ऊर्जा का वास होता है. इसके अलावा, पूजा स्थल के पास जूते-चप्पल या चमड़े की वस्तुएं रखने से मानसिक अशांति बढ़ती है. इस दिवाली कितने दीए जलाएं?। भूलकर भी ना करें ये गलतियां, मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए करें ये काम सचिन की चेतावनी नजरअंदाज, बिहार ने सूर्यवंशी को बनाया कप्तान जानिए छोटी दिवाली या नरक चतुर्दशी पर क्या करें और क्या न करें?। अभिषेक बनर्जी के घर पर आधी रात हुआ हंगामा!।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | इस दिवाली कितने दीए जलाएं? भूलकर भी ना करें ये गलतियां, मां |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। TMC सांसद का दावा....भाजपा समर्थकों पर लगाए आरोप धनतेरस की रात 15 राउंड फायरिंग, 8 गोली लगने से शख्स की मौत, फरीदाबाद में पार्किंग को लेकर विवाद।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।





