हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): रोहतक की पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी ने दीवाली को देखते हुए चिकित्सा सेवाओं के विशेष इंतजाम किए हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। अगले 2-3 दिन तक डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई है, ताकि हादसों में घायल मरीजों को तुरंत इलाज मिल सके।। PGI के ट्रॉमा सेंटर, बर्न यूनिट और इमरजेंसी विभाग को अलर्ट मोड पर रखा गया है।। दवाइयों, बेड, ऑक्सीजन और एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | दिवाली पर रोहतक PGI अलर्ट, तुरंत मिलेगा इलाज: ट्रॉमा-बर्न य |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। यूनिवर्सिटी के वीसी डॉ. एच.के. अग्रवाल ने लोगों से पटाखे चलाते समय सावधानी बरतने और प्रदूषण से बचाव करने की अपील की है।। वहीं, रजिस्ट्रार डॉ. रूपसिंह ने बताया कि आपात स्थिति से निपटने के लिए सभी जरूरी इंतजाम पूरे कर लिए गए हैं।। ग्रीन पटाखे सीमित मात्रा में चलाने की अपील डॉ. एच.के. अग्रवाल ने बताया कि दीवाली के दौरान वायु प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है।। ऐसे में बहुत जरूरी होने पर ही सीमित मात्रा में ग्रीन पटाखे चलाएं।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। अभिभावक बच्चों के साथ आतिशबाजी करते समय विशेष सावधानी बरतें और उन्हें अकेले पटाखे न चलाने दें।। मिलावटी मिठाई से बचें, मास्क लगाकर निकलें वीसी ने लोगों से मिलावटी मिठाई खाने से बचने की अपील की।। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ प्रदूषण दमा और अस्थमा के मरीजों की परेशानी बढ़ा सकता है।। ऐसे मरीज बाहर निकलते समय मास्क पहनें और भीड़भाड़ व अधिक प्रदूषण वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।।





