हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज, पल्ला (नूंह) में टीचरों की 38 दिन से जारी हड़ताल और छात्रों की भूख हड़ताल का मामला तूल पकड़ रहा है।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य समस्या / सुविधा के मुख्य लक्षण और कारण
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर टीचरों और छात्रों की समस्याओं के जल्द समाधान की मांग की।। आफताब अहमद ने मुख्यमंत्री को पत्र सौंपकर मामले में हस्तक्षेप करने और कॉलेज स्टाफ व छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया।। कॉलेज में करीब 100 टीचिंग और नॉन-टीचिंग कर्मचारी तथा लगभग 700 विद्यार्थी हैं।।
| स्वास्थ्य बिंदु | विशेषज्ञ सलाह व सावधानियां |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | मेवात इंजीनियरिंग कॉलेज की हड़ताल, CM से मिले कांग्रेस विधाय |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
डॉक्टरों व चिकित्सा विशेषज्ञों की जरूरी सलाह
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। कॉलेज के 2 विद्यार्थी पिछले 8 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।। उनकी तबीयत बिगड़ने की बात भी सामने आई है।। वहीं, टीचरों का कहना है कि मांगें पूरी नहीं होने के कारण उन्हें हड़ताल जारी रखनी पड़ रही है।। नियमित वेतन और 7वें वेतनमान की मांग हड़ताली स्टाफ की मांग है कि उन्हें नियमित रूप से वेतन दिया जाए, ताकि आर्थिक परेशानियों का सामना न करना पड़े।।
अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं और ओपीडी सेवाएं
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
खान-पान, दिनचर्या और घरेलू सावधानियां
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। कर्मचारियों का डीए वर्ष 2018 से बंद है।। वे एरियर सहित डीए देने की मांग कर रहे हैं।। स्टाफ का कहना है कि उन्हें अभी छठे वेतन आयोग के अनुसार वेतन मिल रहा है, जबकि हरियाणा वक्फ बोर्ड के कर्मचारियों की तर्ज पर 7वें वेतनमान का लाभ दिया जाना चाहिए।। गेस्ट और कांट्रैक्चुअल टीचर्स को वापस लेने की मांग कॉलेज में टीचरों की कमी का मुद्दा भी उठाया जा रहा है।।





