हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): 48 कोस परिधि के अंर्तगत ग्रामीण अंचलों में स्थित प्राचीन तीर्थ और मंदिर केवल कर्मकांड या पूजा-अर्चना के केंद्र नहीं हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। ये हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सामाजिक समरसता, युवा ऊर्जा और आध्यात्मिक चेतना के सशक्त विकास केंद्र बन सकते हैं।। 'तीर्थ केंद्रित समग्र ग्राम विकास एवं आध्यात्मिक नीति' तैयार करें, तो अपनी प्राचीन सभ्यता को पुनर्जीवित करने के साथ-साथ गांवों का सामाजिक और ढांचागत कायाकल्प कर सकते हैं।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | कुरुक्षेत्र: 48 कोस तीर्थ स्थल बनें खास केंद्र, तीर्थ निगरान |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।





