हरियाणा की राजनीति में गरमाहट लाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 1 नवंबर को रोहतक में एक विशाल पदयात्रा का आयोजन करने जा रही है। यह पदयात्रा पार्टी के राष्ट्रव्यापी 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान का हिस्सा होगी, जिसका उद्देश्य जनता के बीच राजनीतिक स्थिरता और सुशासन का संदेश फैलाना है। इस महत्वपूर्ण आयोजन में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और हरियाणा प्रदेश प्रभारी व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी प्रमुख रूप से शामिल होंगी, जो पार्टी कार्यकर्ताओं में नया जोश भरेंगी।
शुक्रवार को रोहतक स्थित पार्टी कार्यालय मंगल कमल में आयोजित पत्रकार वार्ता में भाजपा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अर्चना गुप्ता ने इस पदयात्रा की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पदयात्रा रोहतक के जाट शिक्षण संस्था मैदान से शुरू होकर बापू पार्क पर समाप्त होगी। इस दौरान उन्होंने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं पर तीखा प्रहार करते हुए देश में अस्थिरता और भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
पदयात्रा का विस्तृत विवरण और राजनीतिक महत्व
भाजपा की यह पदयात्रा हरियाणा के राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण घटना मानी जा रही है। इसमें रोहतक, झज्जर, भिवानी, सोनीपत, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, फतेहाबाद, हिसार, हांसी, गोहाना, जींद और रेवाड़ी सहित प्रदेश के 12 जिलों से बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। पार्टी ने संगठनात्मक दृष्टिकोण से गोहाना को भी जिला का दर्जा दिया है, जिससे इस क्षेत्र के कार्यकर्ताओं की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी। डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि इस पदयात्रा से पूर्व उन्होंने विभिन्न मोर्चों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ एक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की गई।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी 1 नवंबर को कुरुक्षेत्र में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम में व्यस्त रहेंगे, जिसके कारण वे रोहतक की पदयात्रा में शामिल नहीं हो पाएंगे। हालांकि, पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता मुख्यमंत्री की अनुपस्थिति में भी इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पदयात्रा आगामी चुनावों से पहले कार्यकर्ताओं को एकजुट करने और जनता तक पार्टी की नीतियों को पहुंचाने का एक बड़ा मंच होगा।
| कार्यक्रम विवरण | तिथि | स्थान | प्रमुख प्रतिभागी |
|---|---|---|---|
| रोहतक पदयात्रा | 1 नवंबर | रोहतक (जाट शिक्षण संस्था से बापू पार्क) | नितिन नवीन (राष्ट्रीय अध्यक्ष), स्मृति ईरानी (हरियाणा प्रभारी), डॉ. अर्चना गुप्ता (प्रदेश अध्यक्ष), भोला सिंह (सह प्रभारी) |
| फरीदाबाद पदयात्रा | 1 नवंबर | फरीदाबाद | धर्मेंद्र प्रधान (पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री) |
| केंद्रीय गृह मंत्री का कार्यक्रम | 5 नवंबर | करनाल | अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) |
| 1857 क्रांति स्मारक लोकार्पण | 5 नवंबर | अंबाला | अमित शाह (केंद्रीय गृह मंत्री) |
कांग्रेस पर तीखा हमला और संवैधानिक संस्थाओं पर बहस
पत्रकार वार्ता के दौरान डॉ. अर्चना गुप्ता ने कांग्रेस और इंडी गठबंधन के नेताओं पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से कांग्रेस और राहुल गांधी पर देश में अस्थिरता और अराजकता का माहौल पैदा करने का आरोप लगाया। अर्चना गुप्ता ने कहा कि इन पार्टियों के नेता भ्रामक प्रचार के जरिए देश की जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी का देश की संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास नहीं है, वे लगातार सेना के शौर्य पर प्रश्नचिह्न लगाते रहे हैं और सर्वोच्च न्यायालय पर भी सवाल उठा चुके हैं।
“राहुल गांधी का देश की संवैधानिक संस्थाओं में विश्वास नहीं है। वे सेना के शौर्य पर प्रश्न चिह्न लगा चुके हैं और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल उठा चुके हैं। कांग्रेस पार्टी जब खुद चुनाव जीतती है, तो ईवीएम पर प्रश्न नहीं उठाती और जब हार जाती है, तो ईवीएम गलत हो जाती है। हमारी सरकार की एसआईआर प्रक्रिया पहले भी कई बार हो चुकी है और अब पूर्ण रूप से पारदर्शी तरीके से हो रही है।”
उन्होंने ईवीएम (EVM) पर कांग्रेस के दोहरे रवैये की भी आलोचना की, जहां पार्टी अपनी जीत पर ईवीएम को सही मानती है और हारने पर उस पर सवाल उठाती है। डॉ. गुप्ता ने मतदाता सूची संशोधन (SIR) प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी बताया और इस प्रक्रिया के तहत हटाए गए वोटों के आंकड़े भी प्रस्तुत किए, जिससे विपक्ष के आरोपों का खंडन किया जा सके।
स्थानीय जनजीवन और राजनीतिक व्यवस्था पर प्रभाव
भाजपा की यह पदयात्रा और उसके साथ होने वाली राजनीतिक बयानबाजी हरियाणा के स्थानीय जनजीवन और राजनीतिक व्यवस्था पर गहरा प्रभाव डाल सकती है। रोहतक, जिसे राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील माना जाता है, में इतनी बड़ी पदयात्रा का आयोजन न केवल भाजपा कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करेगा, बल्कि विपक्षी दलों पर भी दबाव बढ़ाएगा। इस तरह के आयोजनों से सड़कों पर यातायात प्रभावित हो सकता है, लेकिन इसका मुख्य उद्देश्य जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना और पार्टी के एजेंडे को मजबूती से पेश करना है।
यह पदयात्रा हरियाणा में आने वाले विधानसभा चुनावों और लोकसभा चुनावों से पहले एक महत्वपूर्ण शक्ति प्रदर्शन के रूप में भी देखी जा रही है। भाजपा कांग्रेस के खिलाफ लगातार हमलावर रुख अपनाकर जनता के सामने अपनी नीतियों और राष्ट्रवाद के एजेंडे को मजबूत करने का प्रयास कर रही है। डॉ. अर्चना गुप्ता के बयान यह दर्शाते हैं कि भाजपा विपक्ष को घेरने और अपने कोर वोट बैंक को सक्रिय करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
आगे की राजनीतिक रणनीति और प्रशासनिक कदम
भाजपा की यह पदयात्रा श्रृंखला केवल रोहतक तक सीमित नहीं है। डॉ. अर्चना गुप्ता ने बताया कि 1 नवंबर को ही फरीदाबाद में पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान भी एक अन्य पदयात्रा में शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करनाल में एक बड़ी रैली को संबोधित करेंगे और उसी दिन अंबाला में 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में बनाए गए स्मारक का लोकार्पण भी करेंगे।
ये सभी कार्यक्रम दर्शाते हैं कि भाजपा आगामी चुनावों को लेकर पूरी तरह से सक्रिय है और प्रदेशभर में अपने शीर्ष नेतृत्व को उतारकर जनता के बीच अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। इन आयोजनों के मद्देनजर स्थानीय प्रशासन द्वारा सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन के विशेष इंतजाम किए जाएंगे ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके और कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हो सकें। भाजपा की यह आक्रामक रणनीति हरियाणा में राजनीतिक माहौल को और गरमाने वाली है।





