शुक्रवार, 6 नवंबर 2026
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'अस्पताल को अखाड़ा बना दें? पूरे देश में जींद की थू-थू हो गई और आप सोते रहे'? डिप्टी स्पीकर ने CMO को लगाई फटकार

जींद: नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपचार के लिए आए मरीज और उसकी पत्नी के साथ हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिय।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
6 नवंबर 2026 को 05:00 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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'अस्पताल को अखाड़ा बना दें? पूरे देश में जींद की थू-थू हो गई और आप सोते रहे'? डिप्टी स्पीकर ने CMO को लगाई फटकार
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खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •'अस्पताल को अखाड़ा बना दें? पूरे देश में जींद की थू-थू हो गई और आप सोते रहे'? डि
  • •प्रामाणिक तथ्यों और विकास, जनसुविधा व स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट।
  • •हरियाणा के संबंधित क्षेत्र व नागरिकों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव।
  • •ताज़ा व विश्वसनीय अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): जींद: नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में उपचार के लिए आए मरीज और उसकी पत्नी के साथ हुई मारपीट का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने और अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने के बाद शुक्रवार को विधानसभा उपाध्यक्ष एवं जींद के बीजेपी विधायक डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा का गुस्सा फूट पड़ा. चंडीगढ़ से जींद आते समय घटना की जानकारी मिलते ही वो बीच रास्ते से सीधे नागरिक अस्पताल पहुंच गए. यहां उन्होंने पीड़ित सन्नी और उसकी पत्नी भावना से मुलाकात कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली.डिप्टी स्पीकर ने सीएमओ को लगाई फटकार: इसके बाद सिविल सर्जन डॉक्टर सुमन कोहली को तलब कर अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जमकर नाराजगी जताई. उन्होंने अधिकारियों को दो टूक कहा कि अस्पताल इलाज के लिए हैं या अखाड़ा बनाने के लिए?। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट

इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। पूरे देश में वीडियो वायरल होने से जींद की बदनामी हो गई और अस्पताल प्रशासन सोता रहा. उधर, एसपी उपासना ने मारपीट के दौरान मौके पर मौजूद रहे दोनों होमगार्ड जवानों को निलंबित कर दिया है.अस्पताल में मरीज से मारपीट का आरोप: वीरवार को रोहतक रोड स्थित भगवान नगर निवासी सन्नी अपनी पत्नी भावना के साथ उपचार के लिए नागरिक अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में पहुंचा था. सन्नी का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद चिकित्सक ने उनकी सुध नहीं ली. वो लगातार एमएलआर कटवाने की मांग करते रहे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं हुई. करीब तीन घंटे तक उसे और उसकी पत्नी को उपचार नहीं मिला. दर्द बढ़ने पर उसने चिकित्सक से दर्द की दवा देने की मांग की, लेकिन बार-बार कहने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई.मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल: मरीज का आरोप है कि इसी दौरान चिकित्सक के पास बार-बार जाने पर वहां तैनात सिक्योरिटी गार्ड ने उसे धमकाया. जब सन्नी ने दवा देने या दूसरे अस्पताल में रेफर करने की बात कही तो गार्ड ने उसके साथ थप्पड़ और मुक्कों से मारपीट शुरू कर दी. घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अस्पताल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए.कृष्ण मिड्ढा CMO से बोले- पूरे देश में थू-थू हो गई और आप सोते रहे : अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टर कृष्ण मिड्ढा ने सिविल सर्जन डॉक्टर सुमन कोहली को तलब किया और अस्पताल में मरीजों के साथ हो रहे व्यवहार को लेकर कड़ी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि अस्पताल में बेकसूर मरीज और उसके परिजनों के साथ मारपीट हो रही है, वीडियो पूरे देश में वायरल हो रहा है और जींद की बदनामी हो रही है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की तरफ से अब तक कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई. उन्होंने तल्ख लहजे में कहा कि अस्पताल को अखाड़ा बनवा दें क्या?। यदि व्यवस्था नहीं संभल रही तो बताएं, अब कार्रवाई हम खुद करेंगे. बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए है अस्पताल, मारपीट के लिए नहीं : डॉक्टर मिड्ढा ने कहा कि सरकारी अस्पताल जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हैं, ना कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने के लिए. बीमार बच्ची के पिता के साथ अस्पताल में इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है. मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें उपचार के बजाय मारपीट का सामना करना पड़े, यह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने दोषी सिक्योरिटी गार्ड और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है.मारपीट देखते रहे होमगार्ड, एसपी ने दोनों को किया सस्पेंड: दूसरी ओर, एसपी उपासना भी डिप्टी स्पीकर के साथ अस्पताल पहुंचीं और पीड़ित परिवार से बातचीत कर मामले की जानकारी ली. मारपीट के समय मौके पर मौजूद दोनों होमगार्ड जवानों की भूमिका पर भी सवाल उठे. आरोप है कि दोनों जवान मौके पर मौजूद होने के बावजूद मारपीट रोकने के लिए आगे नहीं आए और मूकदर्शक बने रहे. इस पर एसपी ने दोनों होमगार्ड जवानों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया. डिप्टी स्पीकर और एसपी ने पीड़ित परिवार को भरोसा दिलाया कि मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी. 'बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए है अस्पताल, मारपीट के लिए नहीं': डॉक्टर मिड्ढा ने कहा कि सरकारी अस्पताल जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए हैं, ना कि मरीजों और उनके परिजनों के साथ दुर्व्यवहार और मारपीट करने के लिए. बीमार बच्ची के पिता के साथ अस्पताल में इस तरह की घटना बेहद शर्मनाक है. मरीज इलाज की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचते हैं, लेकिन उन्हें उपचार के बजाय मारपीट का सामना करना पड़े, यह किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता. उन्होंने दोषी सिक्योरिटी गार्ड और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए. साथ ही कहा कि मरीजों के साथ दुर्व्यवहार की शिकायतों को गंभीरता से लेना अस्पताल प्रशासन की जिम्मेदारी है. 'अस्पताल को अखाड़ा बना दें?। पूरे देश में जींद की थू-थू हो गई और आप सोते रहे'?।

परियोजना / जनसुविधाडिपो / विभाग व लाभ
योजना / जनसुविधा'अस्पताल को अखाड़ा बना दें? पूरे देश में जींद की थू-थू हो गई
संबंधित विभागराज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण
नागरिक लाभसुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ

स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। डिप्टी स्पीकर ने CMO को लगाई फटकार 15 नवंबर से लोग कर सकेंगे अंबाला के शहीद स्मारक का दीदार, जानें कैसे बुक करें टिकट जम्मू-कश्मीर हथियार लाइसेंस घोटाला: दो आईएएस अधिकारियों की याचिका खारिज, 14 साल पुराने मामले में बढ़ेगी मुश्किल ₹85,000 के इस डिवाइस पर छिड़ी बहस का नया मोड़, यहां जानें शुरू से अब तक की पूरी कहानी ओडिशा में 10वीं की छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया, गर्ल्स स्कूल के हॉस्टल में रहकर कर रही थी पढ़ाई।

प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन

आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम

विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

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