हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): वनों की कटाई पर बड़ा एक्शन: NH-344 पर 57 पेड़ अवैध रूप से काटने का खुलासा, वन दरोगा निलंबित प्रदेशभर के जंगल से खैर के पेड़ों के अवैध कटान के बाद अब हरियाणा में एनएच-344 पर कैल मोड़ से सुडैल पुल तक सड़क के दोनों तरप तरफ 57 पेड़ अवैध तरीके से काटने का मामला उजागर हुआ है।। घटना की सूचना मिलते ही संबंधित पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया।
घटना का सिलसिलेवार विवरण और क्या है मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार पूरे मामले का सिलसिलेवार घटनाक्रम दर्ज कर लिया गया है। वन विभाग की जांच में 47 शीशम समेत विभिन्न प्रजातियों जांच के दायरे में है।। वन मंडल अधिकारी यमुनानगर की रिपोर्ट के मुताबिक, निरीक्षण के दौरान सड़क के दोनों ओर पेड़ों के ठूंठ मिले थे।। इसके बाद 26 अक्तूबर को टीम गठित कर जांच कराई गई।।
| मामले का विवरण | पुलिस कार्रवाई व वर्तमान स्थिति |
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| घटना का संदर्भ | वनों की कटाई पर बड़ा एक्शन: NH-344 पर 57 पेड़ अवैध रूप से का |
| जांच टीम | स्थानीय पुलिस थाना व जांच शाखा |
| वर्तमान स्थिति | मामला दर्ज, निष्पक्ष जांच जारी |
पुलिस जांच, दर्ज मुकदमा व आरोपियों की स्थिति
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की गहनता से पड़ताल की जा रही है। इसके बाद उत्तरी परिमंडल अंबाला के वन संरक्षक आर आनंद ने प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख को पत्र लिखकर आगामी कार्रवाई करने का आग्रह किया था।। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने वन दरोगा अशोक सिंह को निलंबित कर दिया।। जांच में 47 शीशम और 10 अन्य प्रजातियों के पेड़ काटे जाने की पुष्टि हुई।। इनमें शीशम की 8.71 घन मीटर और अन्य प्रजातियों की 2.52 घन मीटर लकड़ी शामिल है।।
घायलों की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान व साक्ष्य
कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है और इलाके में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखी जा रही है।
अदालत में पेशी, रिमांड व आगामी कानूनी कार्रवाई
पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच की जा रही है और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कुल 11.23 घन मीटर लकड़ी की अवैध कटाई सामने आई है।। वन संरक्षक आर आनंद ने बताया कि वह लिंक अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं।। उनके पास कर्मी को निलंबित करने या अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू करने के अधिकार नहीं हैं।। ऐसे में अशोक सिंह, पुनीत के खिलाफ जांच रिपोर्ट व संबंधित रिकॉर्ड प्रधान मुख्य वन संरक्षक को भेजकर सक्षम स्तर पर कार्रवाई का अनुरोध किया था।।





