हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH), भिवानी ने हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET)-2025 के उन परीक्षार्थियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना जारी की है, जो पूर्व में आयोजित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन प्रक्रिया में शामिल नहीं हो पाए थे। बोर्ड प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों का परीक्षा परिणाम 'RLV' (रिजल्ट लेट वेरिफिकेशन) श्रेणी में रखा गया है, उन्हें पात्रता की शर्तों को पूरा करने के लिए 6 और 7 नवंबर को अंतिम अवसर दिया जा रहा है। यह प्रक्रिया केवल बोर्ड मुख्यालय, भिवानी में संपन्न की जाएगी।
बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. शंकर लाल धूपड़ और सचिव दीपक बाबूलाल करवा ने साझा जानकारी में बताया कि HTET-2025 की परीक्षा का आयोजन 4 और 5 जुलाई को राज्यभर में किया गया था। इसके बाद 22 अगस्त को परिणाम घोषित किए गए थे। हालांकि, कई अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक पहचान का मिलान न होने या प्रक्रिया में अनुपस्थित रहने के कारण उनके परिणाम रोक दिए गए थे। अब ऐसे अभ्यर्थियों को अपनी पहचान प्रमाणित करने का यह आखिरी मौका दिया गया है ताकि उनके प्रमाण पत्र जारी किए जा सकें।
HTET बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन का पूरा विवरण
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| परीक्षा का नाम | हरियाणा अध्यापक पात्रता परीक्षा (HTET) 2025 |
| वेरिफिकेशन की निर्धारित तिथियां | 06 नवंबर और 07 नवंबर, 2024 |
| निर्धारित स्थान | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड मुख्यालय, भिवानी |
| पात्र अभ्यर्थी | जिनका परिणाम RLV (Result Late Verification) है |
| अनिवार्य दस्तावेज | मूल प्रवेश पत्र (Admit Card) और फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र |
पूर्व में दिए गए अवसरों का विवरण और बोर्ड की सख्ती
शिक्षा बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब अभ्यर्थियों को बुलाया गया है। इससे पहले भी बोर्ड ने 10 से 12 अगस्त, 30 व 31 अगस्त और फिर 4 अक्टूबर को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन के लिए विशेष शिविर लगाए थे। बावजूद इसके, कई अभ्यर्थी इन तिथियों पर उपस्थित नहीं हो सके। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को पहले केवल एक या दो मौके मिले थे, उन्हें प्राथमिकता दी जा रही है।
बोर्ड सचिव ने चेतावनी दी है कि यदि इस बार भी अभ्यर्थी निर्धारित समय पर भिवानी मुख्यालय नहीं पहुंचते हैं, तो उनके परिणाम को रद्द माना जा सकता है या उसे लंबे समय के लिए ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। बायोमेट्रिक मिलान के बिना किसी भी स्थिति में पात्रता प्रमाण पत्र (Certificate) जारी नहीं किया जाएगा, क्योंकि यह प्रक्रिया परीक्षा की शुचिता और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए अनिवार्य है।
दस्तावेजों की अनिवार्यता और अभ्यर्थियों के लिए निर्देश
अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे वेरिफिकेशन के लिए आते समय अपने साथ परीक्षा के समय वाला 'मूल प्रवेश पत्र' (Original Admit Card) अवश्य लाएं। इसके साथ ही एक 'फोटोयुक्त मूल पहचान पत्र' (जैसे आधार कार्ड, वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस) होना अनिवार्य है। बोर्ड मुख्यालय पर अभ्यर्थियों की आंखों की पुतली (Iris Scan) और अंगूठे के निशान का मिलान उनके परीक्षा केंद्र पर लिए गए डेटा से किया जाएगा।
"HTET परीक्षा की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन एक अनिवार्य प्रक्रिया है। RLV श्रेणी वाले अभ्यर्थियों को अंतिम अवसर दिया जा रहा है ताकि वे अपनी पात्रता सिद्ध कर सकें। इसके बाद किसी भी व्यक्तिगत दावे पर विचार करना कठिन होगा।" - बोर्ड प्रशासनिक सूत्र
स्थानीय जनजीवन और अभ्यर्थियों पर प्रभाव
इस निर्णय से हरियाणा के उन हजारों युवाओं को बड़ी राहत मिली है जो शिक्षक भर्ती की प्रतीक्षा कर रहे हैं। हरियाणा में आगामी शिक्षक भर्तियों में आवेदन करने के लिए HTET प्रमाण पत्र का होना अनिवार्य है। यदि इन अभ्यर्थियों का परिणाम समय पर जारी नहीं होता, तो वे आने वाली वैकेंसियों से वंचित रह सकते थे। भिवानी बोर्ड के इस कदम को छात्र हितों की रक्षा के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि दूर-दराज के जिलों जैसे सिरसा, पंचकूला और नूंह से आने वाले अभ्यर्थियों के लिए भिवानी पहुंचना एक चुनौती जरूर होगी।
आगामी कदम और बोर्ड की तैयारी
6 और 7 नवंबर को होने वाली इस प्रक्रिया के लिए बोर्ड मुख्यालय में विशेष काउंटर्स स्थापित किए गए हैं। तकनीकी टीम को तैनात कर दिया गया है ताकि डेटा मिलान में कोई त्रुटि न रहे। वेरिफिकेशन सफल होने के 48 से 72 घंटों के भीतर बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट पर संबंधित अभ्यर्थियों का संशोधित परिणाम अपलोड कर दिया जाएगा। इसके बाद अभ्यर्थी अपने डिजिटल और फिजिकल सर्टिफिकेट प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर सकेंगे।





