हरियाणा के रोहतक जिले का रिटौली गांव पिछले कुछ वर्षों से गैंगवार की आग में झुलस रहा है। इस खूनी खेल का केंद्र बना है हिमांशु उर्फ भाऊ, जो कभी पुलिस के लिए एक छोटा अपराधी था, लेकिन आज वह सात समंदर पार बैठकर दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में दहशत का पर्याय बन चुका है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, हिमांशु भाऊ ने न केवल पुलिस की आंखों में धूल झोंकी, बल्कि भारतीय पासपोर्ट प्रणाली की खामियों का फायदा उठाकर गाजियाबाद के एक फर्जी पते पर पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर भाग निकला। वर्तमान में वह अमेरिका में बैठकर अपने गुर्गों के जरिए रंगदारी और हत्या जैसी संगीन वारदातों को अंजाम दे रहा है।
हिमांशु भाऊ का अपराध करने का तरीका बेहद शातिर है। वह विदेश से डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर व्यापारियों को जान से मारने की धमकी देता है और मना करने पर अपने शूटरों के माध्यम से उन पर जानलेवा हमले करवाता है। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और हरियाणा एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया है कि भाऊ का गिरोह केवल रंगदारी तक सीमित नहीं है, बल्कि वह बड़े पैमाने पर अवैध हथियारों की तस्करी में भी लिप्त है।
रिटौली गांव: दोस्ती से खूनी रंजिश तक का सफर
एक समय था जब गैंगस्टर हिमांशु उर्फ भाऊ और अंकित उर्फ बाबा गहरे दोस्त हुआ करते थे। दोनों एक ही गांव रिटौली के रहने वाले हैं, लेकिन वर्चस्व की जंग ने इस दोस्ती को ऐसी दुश्मनी में बदल दिया जिसने गांव की गलियों को खून से लाल कर दिया। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, साल 2016 से शुरू हुआ यह विवाद अब तक पांच से ज्यादा जिंदगियां निगल चुका है। अंकित बाबा वर्तमान में सोनीपत जेल में बंद है, जबकि भाऊ विदेश से अपनी चालें चल रहा है।
| प्रमुख घटना/कार्रवाई | समय/वर्ष | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| फर्जी पासपोर्ट जारी | अगस्त 2021 | गाजियाबाद के पते पर 2032 तक वैधता |
| रोहित उर्फ बजरंग हत्याकांड | मार्च 2023 | रिटौली गांव में दोहरी हत्या की वारदात |
| पुलिस की मेगा छापेमारी | 13 अप्रैल 2023 | 79 मोबाइल और 50 सिम कार्ड बरामद |
| अनिल की हत्या | जुलाई 2025 | रोहतक-बेरी रोड पर 10 गोलियां मारी गईं |
| दिनेश उर्फ गोगा मर्डर | फरवरी 2026 | दिल्ली बाईपास पर दिनदहाड़े हत्या |
एसटीएफ और एनआईए की बड़ी कार्रवाई
हिमांशु भाऊ के नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने लगातार शिकंजा कसा है। 13 अप्रैल 2023 को पुलिस ने भाऊ के संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ दबिश दी थी। इस छापेमारी के दौरान जो बरामदगी हुई, उसने जांच अधिकारियों को भी चौंका दिया। पुलिस ने मौके से 79 मोबाइल फोन, 50 सिम कार्ड, 7 लाख रुपये नकद, विदेशी मुद्रा, डेबिट कार्ड और कई फर्जी आधार कार्ड जब्त किए थे। इसके बाद नवंबर 2023 में एनआईए ने भी टेरर-गैंगस्टर नेक्सस मामले में भाऊ के ठिकानों की तलाशी ली थी।
"जांच में स्पष्ट हुआ है कि आरोपी हिमांशु उर्फ भाऊ ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट हासिल किया। वह विदेश में बैठकर सोशल मीडिया और इंटरनेट कॉलिंग के जरिए अपने गैंग को ऑपरेट कर रहा है। उसके खिलाफ पासपोर्ट एक्ट और धोखाधड़ी की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कानूनी प्रक्रिया तेज कर दी गई है।" - जांच अधिकारी, एसटीएफ रोहतक
बदले की आग: बजरंग से गोगा हत्याकांड तक
भाऊ की रंजिश का मुख्य कारण उसके चचेरे भाई रोहित उर्फ बजरंग की हत्या थी। बजरंग की हत्या का आरोप अंकित बाबा और उसके साथियों पर लगा था। इसका बदला लेने के लिए भाऊ ने जेल से बाहर आए अंकित के करीबियों को निशाना बनाना शुरू किया। जुलाई 2025 में अंकित के चाचा अनिल की हत्या और फिर फरवरी 2026 में दिल्ली बाईपास पर दिनेश उर्फ गोगा की दिनदहाड़े हत्या इसी प्रतिशोध का हिस्सा मानी जा रही है। गोगा की हत्या के बाद यह साफ हो गया कि भाऊ पुर्तगाल से अमेरिका शिफ्ट हो चुका है और वहीं से शूटरों को निर्देश दे रहा है।
कानूनी कार्रवाई और भविष्य की चुनौतियां
शिवाजी कॉलोनी थाना पुलिस ने एसटीएफ की शिकायत पर हिमांशु भाऊ के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 468, 471, 120बी और पासपोर्ट एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब इंटरपोल के माध्यम से रेड कॉर्नर नोटिस जारी करने और उसे भारत प्रत्यर्पित करने की दिशा में काम कर रही है। हालांकि, विदेश में बैठकर गैंग चलाना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बना हुआ है, क्योंकि वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है।





