हरियाणा के कृषि प्रधान परिदृश्य में खरीफ विपणन सीजन 2026-27 के तहत धान की खरीद प्रक्रिया अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। राज्य के खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर स्वयं इस पूरी प्रक्रिया की कमान संभाले हुए हैं। नवीनतम प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार, हरियाणा की विभिन्न मंडियों में अब तक 37.27 लाख मीट्रिक टन धान की आवक हो चुकी है, जिसमें से 30.69 लाख मीट्रिक टन की आधिकारिक खरीद संपन्न कर ली गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि मंडियों में पहुंचने वाली कुल फसल का लगभग 82 प्रतिशत हिस्सा सरकारी खरीद एजेंसियों द्वारा अधिग्रहित किया जा चुका है।
खरीद और उठान का जिलावार विश्लेषण
जी टी रोड बेल्ट के जिलों, विशेषकर कुरुक्षेत्र, करनाल और कैथल में धान की आवक सबसे अधिक देखी जा रही है। कुरुक्षेत्र जिला 8.23 लाख मीट्रिक टन की आवक के साथ प्रदेश में अग्रणी बना हुआ है, जहां 7.64 लाख मीट्रिक टन धान की खरीद हो चुकी है। प्रशासनिक सतर्कता का प्रमाण यह है कि कुरुक्षेत्र में खरीदे गए धान का लगभग 84.75 प्रतिशत हिस्सा मंडियों से गोदामों तक पहुंचाया जा चुका है, जिससे नई फसल के लिए स्थान की कमी नहीं हो रही है।
| खरीद एजेंसी का नाम | निर्धारित लक्ष्य (लाख MT) | वास्तविक खरीद (लाख MT) | कुल उठान (लाख MT) |
|---|---|---|---|
| खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग | 23.20 | 16.53 | 12.90 |
| हैफेड (HAFED) | 23.20 | 9.29 | 7.21 |
| हरियाणा राज्य भंडारण निगम (HSWC) | 11.60 | 4.87 | 3.23 |
| कुल योग | 58.00 | 30.69 | 23.34 |
किसानों को समयबद्ध भुगतान और एमएसपी का लाभ
मंत्री राजेश नागर ने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता केवल फसल खरीदना ही नहीं, बल्कि किसानों को उनकी मेहनत का मूल्य समय पर दिलाना भी है। अब तक प्रदेश के 2,22,154 किसानों को इस खरीद प्रक्रिया का सीधा लाभ मिला है। प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से किसानों के खातों में 4,263 करोड़ रुपये की राशि भेजी जा चुकी है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था में तरलता बनाए रखने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
"प्रदेश सरकार किसानों की उपज का एक-एक दाना एमएसपी पर खरीदने के लिए प्रतिबद्ध है। हमने खरीद एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि भुगतान में किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मंडियों में किसानों की सुविधा और पारदर्शी उठान हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।" - राजेश नागर, खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री, हरियाणा
निजी व्यापारियों की भूमिका और बाजार भाव
सरकारी एजेंसियों के समानांतर, निजी व्यापारियों ने भी बाजार में अपनी सक्रियता दिखाई है। आंकड़ों के मुताबिक, निजी क्षेत्र द्वारा अब तक 38,770 मीट्रिक टन धान की खरीद की गई है। बाजार में निजी खरीद का औसत भाव 2,516 रुपये प्रति क्विंटल रहा है, जबकि गुणवत्ता के आधार पर कुछ सौदों में यह भाव 2,965 रुपये प्रति क्विंटल तक भी पहुंचा है। यह विविधता दर्शाती है कि बेहतर गुणवत्ता वाली फसल के लिए किसानों को खुले बाजार में भी अच्छे विकल्प मिल रहे हैं।
प्रशासनिक चुनौतियां और आगामी रणनीति
मंडियों में उठान (Lifting) की प्रक्रिया को और तेज करने के लिए परिवहन व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। यमुनानगर जैसे जिलों में 85.78 प्रतिशत उठान के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया गया है। विभाग का लक्ष्य आगामी सप्ताह में उठान की दर को 90 प्रतिशत के पार ले जाना है ताकि दीपावली के आसपास मंडियों में भीड़भाड़ की स्थिति से बचा जा सके। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे मंडियों का नियमित दौरा करें और बिजली, पानी व छंटाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की निगरानी करें।





