हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Delhi's international airport : दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट की गिनती विश्व के आधुनिक हवाई अड्डों में होती है, लेकिन आने वाले दिनों में यहां और भी कई आधुनिक बदलाव होने जा रहे हैं।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इससे एयरपाेर्ट के सभी टर्मिनल के बीच यात्रियों को बेहतर सुविधा मिलेगी।। इसके लिए योजना बनाई जा रही है और ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर यानी APM की सुविधा 2030 तक शुरू होने की संभावना है।। इसके लिए 3500 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी है।। ऐसे में अगले 4 साल बाद इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सूरत पूरी तरह से बदलने वाली है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | मेट्रो से डारेक्ट कनेक्ट होगा दिल्ली का हवाई अड्डा, बने |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | दिल्ली |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 3500 करोड़, 4 साल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
APM एक आधुनिक ड्राइवरलेस ट्रांसपोर्ट सिस्टम के रूप में काम करता है।। इससे यात्री बहुत ही आसानी से एयरपोर्ट के एक हिस्से से दूसरे हिस्से तक जा सकेंगे।। इसको लेकर दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड के सीईओ प्रदीप पणिकर द्वारा बताया गया कि यह व्यवस्था 2036 तक के 10-वर्षीय मास्टर प्लान के तहत आता है।। 6 स्टेशन देंगे सुविधा दरअसल ऑटोमेटेड पैसेंजर मूवर सिस्टम के तहत ऐसे स्टेशन बनेंगे, जो यात्रियों को उनके गंतव्य तक छोड़ेंगे।। अधिकारियों का कहा है कि इससे 7.3 किलोमीटर लंबा मार्ग तय होगा।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
साथ ही इस पर 6 स्टेशन बनेंगे।। ऐसे में यात्री टर्मिनल-1 से 3 तक करीब 13 मिनट में पहुंच जाएंगे।। दिल्ली मेट्रो के स्टेशन से भी इसको जोड़ा जाएगा।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





