हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): अंबाला कैंट में 1857 की क्रांति के शहीदों की याद में बनाए गए शहीद स्मारक को 15 नवंबर से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। पहले एक महीने तक प्रतिदिन 500 लोगों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।। हालांकि, फ्री एंट्री के लिए भी लोगों को टिकट बुक करानी होगी।। यह जानकारी हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने शुक्रवार को दी।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | अंबाला में 15 नवंबर से जनता के लिए खुलेगा शहीद-स्मारक: पहले |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। अनिल विज ने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के आदेश पर पहले एक महीने तक लोगों को स्मारक निशुल्क दिखाया जाएगा।। इसके लिए लोग सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक ऑनलाइन या मौके पर टिकट बुक करा सकेंगे।। ऑनलाइन बुकिंग के लिए ambalawarmemorial.com वेबसाइट पर व्यवस्था की गई है।। इसके अलावा स्मारक परिसर में भी टिकट बुक कराने की सुविधा उपलब्ध रहेगी।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। एक महीने तक रोजाना केवल 500 लोगों को ही निशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।। 5 नवंबर को अमित शाह ने किया था उद्घाटन बता दें कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 5 नवंबर को अंबाला छावनी में आजादी की पहली लड़ाई के शहीद स्मारक का उद्घाटन किया था।। अब 10 दिन बाद इसे आम लोगों के लिए खोलने की तैयारी है।। 28 साल पहले अंबाला कैंट में शुरू हुई थी लड़ाई अनिल विज ने कहा कि 1857 की क्रांति को आजादी की पहली लड़ाई के रूप में याद किया जाता है।।





