रोहतक शहर के प्रमुख ट्रैफिक जंक्शन सुखपुरा चौक पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज का कार्य तेजी से अंतिम चरणों की ओर बढ़ रहा है। जींद रोड पर बन रहे इस 1175 मीटर लंबे फ्लाईओभर का करीब 70 प्रतिशत भौतिक निर्माण पूरा किया जा चुका है। स्थानीय प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी बीएंडआर) ने इस बुनियादी ढांचा परियोजना को 31 दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे शहरवासियों को नए साल में सुगम आवागमन का उपहार मिल सके।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन द्वारा वर्ष 2023 में शुरू की गई इस महत्वाकांक्षी परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 65.88 करोड़ रुपये है। पुल संरचना के अधिकांश मुख्य गर्डर सफलतापूर्वक स्थापित किए जा चुके हैं। वर्तमान में परियोजना के शेष 30 प्रतिशत कार्य के तहत 9 पिलरों के ऊपरी हिस्से पर लेंटर (पीयर कैप व स्लैब) डालने की प्रक्रिया प्रगति पर है। लेंटर ढलाई का काम पूरा होते ही ऊपरी सड़क की पेविंग और सुरक्षा बीम लगाने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
भौगोलिक दृष्टि से सुखपुरा चौक रोहतक का एक बेहद संवेदनशील और व्यस्ततम चौराहा है। यह मार्ग हिसार, जींद, भिवानी और नरवाना जैसे प्रमुख शहरों को आपस में जोड़ता है। चारों दिशाओं से आने वाले भारी और हल्के वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण यहां रोजाना यातायात बाधित होता था। इस 1175 मीटर लंबे ओवरब्रिज के चालू होने से अंतरराज्यीय और अंतर-जिला वाहनों को चौक के ऊपर से सीधा मार्ग मिलेगा, जिससे निचले चौराहे पर स्थानीय यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| सुखपुरा चौक ओवरब्रिज (1175 मीटर) | हरियाणा स्टेट रोड्स एंड ब्रिज डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन / पीडब्ल्यूडी बीएंडआर |
| कुल स्वीकृत बजट एवं प्रगति | ₹65.88 करोड़ (70% कार्य पूर्ण) |
| लाभान्वित मुख्य मार्ग | जींद, हिसार, भिवानी और नरवाना रोड |
| प्रस्तावित संचालन तिथि | 31 दिसंबर (प्रशासनिक समय-सीमा) |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
सुखपुरा चौक पर ओवरब्रिज के निर्माण से रोहतक शहर की आंतरिक यातायात व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा। वर्तमान में पीक आवर्स के दौरान वाहन चालकों को कई मिनटों तक सिग्नल और जाम में फंसना पड़ता है। पुल चालू होने के बाद जींद और हिसार की तरफ जाने वाली बसें व व्यावसायिक वाहन बिना किसी रुकावट के बाईपास हो सकेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी और यात्रा समय में 15 से 20 मिनट की कमी आएगी।
इसके अतिरिक्त, सुखपुरा चौक के आसपास स्थित आवासीय कॉलोनियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के संचालकों को भी नियमित धूल और धुएं की समस्या से स्थायी मुक्ति मिलेगी। सुगम यातायात कनेक्टिविटी से रोहतक के व्यापारिक केंद्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों के बीच वस्तुओं व सेवाओं का परिवहन भी सुचारू रूप से संभव हो सकेगा।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के अधिशासी अभियंता (XEN) अरुण कुमार के अनुसार, कार्यदायी एजेंसी को 31 दिसंबर तक निर्माण कार्य हर हाल में पूरा करने के कड़े निर्देश दिए गए हैं। निर्माण की गुणवत्ता और गति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। पूर्व में जुलाई माह के दौरान एक पिलर की पीयर कैप की शटरिंग में आई तकनीकी खराबी के कारण कार्य में कुछ विलंब हुआ था, जिसे दुरुस्त कर पुनः गति प्रदान की गई है।
प्रशासनिक अधिकारियों का स्पष्ट कहना है कि यदि पर्यावरण नियमों (ग्रैप) के तहत निर्माण गतिविधियों पर कोई अस्थायी रोक लगती है, तो केवल उतने ही दिनों का अतिरिक्त समय एजेंसी को समायोजित किया जाएगा। अन्यथा, निर्धारित समय सीमा में लापरवाही बरतने पर संबंधित निर्माण एजेंसी के विरुद्ध अनुबंध की शर्तों के अनुसार दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
स्थानीय नागरिकों और वाहन चालकों ने निर्माण कार्य में तेजी लाने के प्रशासनिक प्रयासों का स्वागत किया है। शहर के प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि इस पुल का निर्माण रोहतक के आधुनिक बुनियादी ढांचे की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालांकि, नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि 9 पिलरों पर लेंटर डालने के दौरान निचले मार्ग पर वैकल्पिक डायवर्जन और रोशनी के पर्याप्त प्रबंध किए जाएं ताकि रात के समय दुर्घटनाओं की संभावना न रहे।
आगामी कदमों के तहत, लोक निर्माण विभाग पिलर स्लैब की ढलाई के साथ-साथ फ्लाईओभर के दोनों ओर पहुंच मार्गों (एपApproach Roads), स्ट्रीट लाइट इंस्टॉलेशन और दिशा-सूचक बोर्ड लगाने की रूपरेखा तैयार कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि दिसंबर के अंतिम सप्ताह तक सभी सुरक्षा मानकों का परीक्षण पूरा कर पुल को जनता को समर्पित कर दिया जाए।





