भारतीय रेलवे ने यात्री सुविधाओं में विस्तार करते हुए एक ऐतिहासिक निर्णय लिया है। अब तक केवल ऑनलाइन ई-टिकट (IRCTC) के माध्यम से उपलब्ध रहने वाली 10 लाख रुपये की बीमा सुविधा अब रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटरों (PRS) पर भी उपलब्ध होगी। इस पहल का उद्देश्य उन करोड़ों यात्रियों को सुरक्षा कवच प्रदान करना है जो आज भी प्रत्यक्ष रूप से खिड़की से टिकट लेना पसंद करते हैं।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस नई व्यवस्था के तहत, यात्री को रिजर्वेशन फॉर्म भरते समय या काउंटर पर टिकट बुक कराते समय अपनी सहमति देनी होगी। यह सुविधा पूरी तरह से ऐच्छिक (Optional) रखी गई है, जिसका अर्थ है कि यात्री अपनी इच्छा के अनुसार इसे चुन सकते हैं। बीमा का प्रीमियम महज 45 पैसे तय किया गया है, जो टिकट की राशि के साथ ही जोड़ दिया जाएगा।
रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए यात्री का एक वैध मोबाइल नंबर दर्ज होना अनिवार्य है। साथ ही, पारदर्शिता और कैशलेस इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए यह सुविधा केवल उन यात्रियों को मिलेगी जो अपने टिकट का भुगतान डिजिटल माध्यमों (जैसे UPI, डेबिट/क्रेडिट कार्ड) से करेंगे। बीकानेर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी प्रमुख स्टेशनों पर इसकी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| यात्री सुरक्षा बीमा योजना | रेलवे आरक्षण केंद्र (PRS/UTS) - ₹10 लाख सुरक्षा कवच |
| प्रीमियम दर | महज 45 पैसे प्रति यात्री |
| भुगतान मोड | डिजिटल ट्रांजेक्शन (UPI/Card) अनिवार्य |
| प्रशासनिक क्रियान्वयन | बीकानेर मंडल के सभी स्टेशनों पर सूचना बोर्ड व निर्देश जारी |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
इस सुविधा से विशेष रूप से उन वरिष्ठ नागरिकों और ग्रामीण क्षेत्र के यात्रियों को बड़ा लाभ होगा, जो तकनीकी कारणों या इंटरनेट की पहुंच न होने के कारण ऑनलाइन टिकट बुक नहीं कर पाते थे। अब वे आरक्षण केंद्र पर जाकर भी मामूली खर्च में अपनी यात्रा को सुरक्षित कर सकेंगे। किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में, यह बीमा राशि यात्री के परिवार के लिए एक बड़ा वित्तीय संबल साबित होगी।
स्थानीय यात्रियों का कहना है कि रेलवे का यह कदम जनहित में है। महज 45 पैसे में 10 लाख रुपये का कवर मिलना एक बड़ी राहत है। इससे न केवल यात्रियों का आत्मविश्वास बढ़ेगा, बल्कि रेलवे की सेवाओं के प्रति जनता का भरोसा भी मजबूत होगा। डिजिटल भुगतान की अनिवार्यता से टिकट काउंटरों पर पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
प्रशासन ने इस सुविधा को तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए हैं। बीकानेर मंडल के सभी आरक्षण केंद्रों (PRS) और अनारक्षित टिकट प्रणाली (UTS) काउंटरों पर कार्यरत कर्मचारियों को इसके लिए विशेष प्रशिक्षण और दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। काउंटर पर बैठा कर्मचारी अब प्रत्येक यात्री से टिकट बुक करते समय बीमा के विकल्प के बारे में अनिवार्य रूप से पूछेगा।
जमीनी स्तर पर यात्रियों को जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर बड़े सूचना बोर्ड और पोस्टर लगाए जा रहे हैं। इन बोर्डों पर बीमा के लाभ, दावा प्रक्रिया और डिजिटल भुगतान के तरीकों की विस्तृत जानकारी दी गई है। प्रशासन का लक्ष्य है कि अगले कुछ ही हफ्तों में शत-प्रतिशत यात्रियों तक इस जानकारी को पहुँचाया जा सके ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति इस सुविधा से वंचित न रहे।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
हिसार और आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों ने रेलवे के इस निर्णय का स्वागत किया है। यात्री संगठनों का मानना है कि यह सुविधा उन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए वरदान है जो अक्सर काउंटर टिकट पर निर्भर रहते हैं। शहरवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि इस प्रक्रिया को और सरल बनाया जाए ताकि टिकट बुकिंग के समय अधिक देरी न हो।
आगामी समय में रेलवे इस बीमा सुविधा को जनरल टिकटों (अनारक्षित) पर भी लागू करने की संभावनाओं पर विचार कर रहा है। इसके अलावा, स्टेशनों पर डिजिटल भुगतान के बुनियादी ढांचे को और अधिक सुदृढ़ किया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी की समस्या के कारण किसी यात्री का बीमा न छूटे। प्रशासन नियमित रूप से इस व्यवस्था की फीडबैक रिपोर्ट भी तैयार करेगा।





