हरियाणा के पंचकूला शहर में आवारा कुत्तों का आतंक अब मासूम जिंदगियों के लिए गंभीर खतरा बन गया है। शनिवार दोपहर सेक्टर-11 के व्यस्त इलाके में एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई, जहां एक आवारा कुत्ते ने 10 वर्षीय बच्चे पर उस समय हमला कर दिया जब वह खेल रहा था। हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कुत्ते ने बच्चे के सिर को इतनी बुरी तरह नोचा कि उसके सिर का मांस तक अलग हो गया।
घटना का सिलसिलेवार विवरण और क्या है मामला?
जानकारी के अनुसार, एचएमटी कॉलोनी बरवाला का रहने वाला 10 वर्षीय रितिक शनिवार को अपने माता-पिता के साथ सेक्टर-11 आया था। उसके परिजन वहां फूल बेचने का काम करते हैं। दोपहर करीब 12 बजे जब रितिक पास ही खेल रहा था, तभी एक खूंखार आवारा कुत्ते ने उसे अपना निशाना बनाया। कुत्ते ने सीधे बच्चे के सिर पर झपट्टा मारा और उसे बुरी तरह नोचने लगा।
बच्चे की चीखें सुनकर उसके माता-पिता और आसपास के लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुत्ता इतना आक्रामक था कि उसे बच्चे के चंगुल से छुड़ाने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। लहूलुहान हालत में रितिक को तुरंत सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने आपातकालीन उपचार शुरू किया। बच्चे के सिर पर गहरे घाव थे, जिन्हें भरने के लिए करीब 20 टांके लगाने पड़े।
| मामले का विवरण | पुलिस कार्रवाई व वर्तमान स्थिति |
|---|---|
| पीड़ित: 10 वर्षीय रितिक, निवासी बरवाला | अस्पताल में उपचार जारी, स्थिति स्थिर |
| घटनास्थल: सेक्टर-11, पंचकूला | नगर निगम को सूचित किया गया, कार्रवाई लंबित |
| चोट की प्रकृति: सिर का मांस अलग हुआ, 20 टांके | हाईकोर्ट के मुआवजे के नियम (10k-20k प्रति घाव) लागू |
पुलिस जांच, दर्ज मुकदमा व आरोपियों की स्थिति
इस मामले में हालांकि किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज नहीं हुआ है, लेकिन कानूनन आवारा कुत्तों के हमलों के लिए नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को जिम्मेदार माना जाता है। स्थानीय पुलिस और प्रशासन को घटना की सूचना दी गई है। कानून-व्यवस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि शहर की सुरक्षा और पशु नियंत्रण की जिम्मेदारी नगर निगम की है, जिसमें विफलता के कारण ऐसे हादसे हो रहे हैं।
पुलिस मामले में प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के बयान दर्ज कर रही है ताकि घटना की आधिकारिक पुष्टि की जा सके। पंचकूला के विभिन्न सेक्टरों में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके हिंसक व्यवहार को लेकर निवासियों ने बार-बार शिकायतें की हैं, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में अब मासूमों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है।
घायलों की स्थिति, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान व साक्ष्य
नागरिक अस्पताल के डॉक्टरों के अनुसार, रितिक के सिर पर कई गहरे घाव हैं। कुत्ते के दांतों ने खोपड़ी के ऊपरी हिस्से को बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया है। हालांकि 20 टांके लगाने के बाद घाव को बंद कर दिया गया है, लेकिन संक्रमण के खतरे को देखते हुए उसे एंटी-रेबीज इंजेक्शन और गहन निगरानी में रखा गया है। रितिक के पिता ने बताया कि हमला इतना अचानक था कि बच्चे को संभलने का मौका ही नहीं मिला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि सेक्टर-11 में यह कुत्ता पहले भी कई लोगों को डराने की कोशिश कर चुका है। घटना के समय मौजूद लोगों ने मांग की है कि नगर निगम को तुरंत उस कुत्ते को पकड़ना चाहिए और इलाके में कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान को तेज करना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी किसी अनहोनी को टाला जा सके।
अदालत में पेशी, रिमांड व आगामी कानूनी कार्रवाई
इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सख्त निर्देश रितिक के परिवार के लिए कानूनी ढाल बन सकते हैं। हाईकोर्ट के नियमों के अनुसार, आवारा कुत्ते के काटने से त्वचा पर दांत का निशान बनने पर पीड़ित को प्रति निशान 10,000 रुपये का मुआवजा दिया जाना अनिवार्य है। वहीं, रितिक के मामले में जहां मांस अलग हुआ है, वहां प्रति 0.2 सेंटीमीटर घाव के लिए न्यूनतम 20,000 रुपये मुआवजे का प्रावधान है।
आगामी कानूनी कार्रवाई के तहत पीड़ित परिवार मुआवजे के लिए जिला प्रशासन या मानवाधिकार आयोग का दरवाजा खटखटा सकता है। यह मामला न केवल एक हादसा है बल्कि सार्वजनिक सुरक्षा में प्रशासनिक चूक का भी प्रमाण है। कोर्ट के आदेशों के अनुसार, मुआवजे की यह राशि संबंधित नगर निगम या राज्य सरकार को वहन करनी होगी, जिससे प्रशासन पर जवाबदेही तय होना निश्चित है।





