हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा मंत्रिमंडल ने लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी दी है, जिसके तहत भू-मालिकों को विकसित क्षेत्र का 50% हिस्सा और ...और पढ़ें हरियाणा में लैंड पूलिंग पॉलिसी को मंजूरी।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। प्रति एकड़ ₹1 लाख वार्षिक वित्तीय सहायता चार साल तक परियोजना पूर्ण होने की समय-सीमा चार वर्ष की गई राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़।। हरियाणा में विकास परियोजनाओं को गति देने और उनमें भू-मालिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में प्रदेश सरकार ने बड़ा कदम उठाया है।। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक में लैंड पूलिंग पॉलिसी-2026 को मंजूरी प्रदान की गई।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | हरियाणा में नई लैंड पूलिंग पॉलिसी 2026 को मंजूरी, भू-मालिकों |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। नई नीति मौजूदा लैंड पूलिंग पॉलिसी-2022 का स्थान लेगी।। इसके तहत भू-मालिकों को उनकी ओर से दी गई जमीन के बदले विकसित क्षेत्र का 50 प्रतिशत हिस्सा मिलेगा।। साथ ही, उन्हें चार वर्षों तक प्रतिवर्ष प्रति एकड़ एक लाख रुपये की अंतरिम वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।। नई नीति में भू-मालिकों के हितों को प्राथमिकता देते हुए विकास परियोजनाओं को पूरा करने की समय-सीमा पांच वर्ष से घटाकर चार वर्ष कर दी गई है।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। विकास एजेंसी को परियोजना की अंतिम स्वीकृति मिलने की तारीख से चार वर्ष के भीतर सभी आवश्यक बुनियादी सुविधाओं का विकास करना होगा।। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर संबंधित भू-मालिकों को उनकी भूमि वापस लौटाने का प्रविधान किया गया है।। हरियाणा सरकार का मानना है कि नई लैंड पूलिंग पॉलिसी से विकास परियोजनाओं में भू-मालिकों की सक्रिय भागीदारी बढ़ेगी।। साथ ही, उन्हें विकसित भूमि में उचित हिस्सेदारी, नियमित अंतरिम आर्थिक सहायता और परियोजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन की गारंटी मिलने से भूमि मालिकों का भरोसा मजबूत होगा।।





