हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): पानीपत : त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई लगातार जारी है. आमजन की सेहत से खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों पर शिकंजा कसते हुए विभाग ने जिले में विशेष जांच अभियान चलाया हुआ है. खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. विक्रम पचिसिया के नेतृत्व में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा रहे हैं. वहीं, खराब और संदिग्ध खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया जा रहा है.400 किलो दूध, 200 किलो रसगुल्ले बरामद : खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने सनौली क्षेत्र में तड़के करीब साढ़े चार से पांच बजे के बीच कार्रवाई करते हुए दो गाड़ियों को पकड़ा. विभाग को सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश की ओर से जिले में दूध और मिठाइयों की सप्लाई की जा रही है. जांच के दौरान दोनों गाड़ियों से करीब 400 किलो मिलावटी दूध और 200 किलो रसगुल्ले बरामद किए गए. पुलिस के सहयोग से जेसीबी बुलवाकर खाद्य सामग्री को नष्ट करवाया गया. साथ ही दोनों वाहनों को जब्त कर लिया गया. सरकार का बड़ा फैसला, 'अग्निवीरों' का कार्यकाल बढ़ाकर 6 साल किया गया 'दो बच्चों के नियम वाले कानून अब जरूरी नहीं रहे', सुप्रीम कोर्ट ने जनसंख्या में गिरावट पर चिंता जताई पानीपत में 400 किलो दूध और 200 किलो रसगुल्लों को मिट्टी में मिलाया गया, मिलावटखोरी पर बड़ा एक्शन बांग्लादेश में कश्मीरी MBBS छात्र की संदिग्ध मौत, JKSA ने विदेश मंत्री से दखल की मांग की GRAP के कारण फरीदाबाद में 5 से 20 नवंबर तक निर्माण कार्यों पर रोक, ऑफिस में कर्मचारी हाफ। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
स्वास्थ्य समस्या / सुविधा के मुख्य लक्षण और कारण
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। संबंधित अधिकारियों को समय सीमा के भीतर सभी औपचारिकताएं पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।
| स्वास्थ्य बिंदु | विशेषज्ञ सलाह व सावधानियां |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | पानीपत में 400 किलो दूध और 200 किलो रसगुल्लों को मिट्टी में |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
डॉक्टरों व चिकित्सा विशेषज्ञों की जरूरी सलाह
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है।
अस्पताल में उपलब्ध सुविधाएं और ओपीडी सेवाएं
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
खान-पान, दिनचर्या और घरेलू सावधानियां
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए।





