रविवार, 25 अक्टूबर 2026
हरियाणा ब्रेकिंगब्रेकिंग

हरियाणा में प्रशासनिक कसावट: हर सरकारी विभाग में तैनात होगा भ्रष्टाचार निरोधक नोडल अधिकारी

हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार पर नकेल कसने के लिए सभी विभागों में राजपत्रित नोडल अधिकारी नियुक्त करने के निर्देश दिए हैं, जो 48 घंटे में सूचनाएं साझा करेंगे।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
22 अक्टूबर 2026 को 06:17 pm बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
शेयर करें:
हरियाणा में प्रशासनिक कसावट: हर सरकारी विभाग में तैनात होगा भ्रष्टाचार निरोधक नोडल अधिकारी
दैनिकरियलिटी
हरियाणा ब्रेकिंग
दैनिक रियलिटी विशेष कवरेज
dainikreality.in
फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •राज्य के सभी सरकारी विभागों में एक-एक राजपत्रित अधिकारी को भ्रष्टाचार निरोधक नोडल अधिकारी बनाया जाएगा।
  • •मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी निर्देशों के तहत सतर्कता ब्यूरो को 48 घंटे के भीतर सूचनाएं उपलब्ध करवानी होंगी।
  • •सभी संबंधित विभागों को अपने नोडल अधिकारी का पूरा ब्योरा 15 दिनों के भीतर सतर्कता विभाग को भेजना होगा।
  • •इस व्यवस्था से राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और विभिन्न विभागों के बीच सूचनाओं का आदान-प्रदान तेज होगा।

हरियाणा प्रशासनिक ढांचे में पारदर्शिता और जवाबदेही को और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से राज्य सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ा और कड़ा कदम उठाया है। भ्रष्टाचार के मामलों और प्रशासनिक गड़बड़ियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए शासन ने प्रदेश के प्रत्येक सरकारी विभाग में एक राजपत्रित (Gazetted) अधिकारी को विशेष नोडल अधिकारी के रूप में नामित करने के निर्देश जारी किए हैं। यह व्यवस्था राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और विभिन्न प्रशासनिक कार्यालयों के बीच तालमेल को अभेदड़ और बेहद तेज बनाने के लिए लाई गई है, जिससे फाइलों के आवागमन और जांच में होने वाली देरी पर पूरी तरह अंकुश लगाया जा सके।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से हाल ही में जारी किए गए आधिकारिक दिशा-निर्देशों के मुताबिक, यह नए नोडल अधिकारी इस बात की व्यक्तिगत जिम्मेदारी संभालेंगे कि राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो द्वारा लिखित पत्राचार के माध्यम से मांगी जाने वाली सभी प्रकार की जानकारियां और दस्तावेज समयबद्ध तरीके से साझा किए जाएं। लंबे समय से यह महसूस किया जा रहा था कि कई बार विभागों और जांच एजेंसियों के बीच पत्राचार में लंबा समय लगने के कारण जांच प्रक्रिया प्रभावित होती है, जिसे दूर करने के लिए अब यह पुख्ता प्रशासनिक मैकेनिज्म तैयार किया गया है।

48 घंटे की समयसीमा और रिपोर्ट भेजने की अनिवार्यता

प्रशासनिक सुधारों की इस नई कड़ी के तहत सरकार ने बेहद सख्त समयसीमा तय की है। नए आदेशों के अनुसार, जैसे ही सतर्कता ब्यूरो की ओर से किसी भी विभाग को लिखित अनुरोध प्राप्त होगा, संबंधित विभाग के नोडल अधिकारी की यह नैतिक और प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी कि वह व्यावहारिक रूप से संभव होने पर मात्र 48 घंटे के भीतर वांछित सूचना ब्यूरो को सौंप दें। इससे जांच एजेंसियों को समय पर साक्ष्य और रिकॉर्ड मिल सकेंगे, जिससे संदिग्धों या भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसने में आसानी होगी।

प्रशासनिक बिंदुविवरण एवं निर्देश
जिम्मेदार प्राधिकारीमुख्य सचिव, हरियाणा सरकार (अनुराग रस्तोगी)
नोडल अधिकारी की पात्रताप्रत्येक विभाग में तैनात राजपत्रित (Gazetted) अधिकारी
सूचना आदान-प्रदान की समयावधिब्यूरो का अनुरोध मिलने के बाद अधिकतम 48 घंटे
विवरण भेजने की अंतिम सीमाआदेश जारी होने के 15 दिनों के भीतर

सभी प्रशासनिक सचिवों और विभागाध्यक्षों को यह भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने-अपने विभाग के नामित नोडल अधिकारी का नाम, पूरा पदनाम, आधिकारिक मोबाइल नंबर और सक्रिय ई-मेल आईडी का पूरा विवरण इन आदेशों के लागू होने के मात्र 15 दिनों के भीतर सतर्कता विभाग और राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक को अनिवार्य रूप से प्रेषित करें। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य राज्य के भीतर भ्रष्टाचार मुक्त शासन प्रणाली की स्थापना करना और जनता के पैसों व संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना है।

"हरियाणा सरकार राज्य में सुशासन और पारदर्शिता को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। विभिन्न विभागों और सतर्कता ब्यूरो के बीच सूचनाओं के सुगम आदान-प्रदान के लिए राजपत्रित अधिकारियों को नोडल अधिकारी नियुक्त करने के ये निर्देश प्रशासनिक दक्षता को और बढ़ाएंगे।" — मुख्य सचिव कार्यालय, हरियाणा

भ्रष्टाचार के मामलों में तेजी और नौकरशाही पर असर

इस नई प्रशासनिक व्यवस्था के धरातल पर उतरने से राज्यभर में चल रही विभिन्न विजिलेंस जांचों और प्राथमिकियों में अप्रत्याशित तेजी आने की पूरी संभावना है। अक्सर यह देखा जाता था कि सतर्कता विभाग द्वारा मांगे गए रिकॉर्ड को जुटाने में विभाग महीनों लगा देते थे, जिससे कई बार आरोपी पक्ष को कानूनी लाभ मिलने की गुंजाइश बन जाती थी। अब जबकि हर विभाग में एक विशिष्ट राजपत्रित अधिकारी को सीधे तौर पर जवाबदेह बना दिया गया है, तो फाइलों को दबाने या टालमटोल करने की प्रवृत्ति पर स्वतः ही विराम लग जाएगा।

प्रदेश के आम नागरिकों, जागरूक नागरिकों और कर्मचारियों के बीच भी इस कदम को एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पारदर्शी कार्यप्रणाली न केवल सरकारी तंत्र की साख को मजबूत करती है बल्कि आम जनमानस में यह विश्वास भी जगाती है कि सरकारी योजनाओं और महकमों में किसी भी प्रकार की वित्तीय अनिमियमितता या घूसखोरी को सहन नहीं किया जाएगा। जमीनी स्तर पर इसका असर यह होगा कि सरकारी कार्यालयों में आम जनता के कार्यों को लेकर अधिकारियों की जवाबदेही कई गुना बढ़ जाएगी।

भविष्य की प्रशासनिक रणनीति और अनुपालन

राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो और प्रशासनिक मुख्यालय अब इस पूरी प्रक्रिया की नियमित मॉनिटरिंग करेंगे। यदि किसी विभाग द्वारा तयशुदा 15 दिनों की अवधि के भीतर नोडल अधिकारी की जानकारी साझा नहीं की जाती है या सतर्कता जांच में किसी स्तर पर असहयोग पाया जाता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सरकार का यह स्पष्ट संदेश है कि हरियाणा को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance) की नीति पर पूरी सख्ती से अमल किया जा रहा है, और इसमें किसी भी प्रकार की प्रशासनिक ढिलाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस खबर को अपने दोस्तों व ग्रुप्स में शेयर करें:
व्हाट्सएप
नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

लेखक प्रोफाइल व सभी खबरें →

नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

संपादकीय प्राथमिकता:निष्पक्ष खबरेंतथ्यपरक जानकारीसरल हिंदीपाठकों का विश्वास
हरियाणा में प्रशासनिक कसावट: हर सरकारी विभाग में तैनात होगा भ्रष्टाचार निरोधक नोडल अधिकारी | दैनिक रियलिटी