हरियाणा की प्रशासनिक राजधानी पंचकूला में मनोरंजन और सामाजिक जागरूकता का एक अनूठा संगम देखने को मिलने वाला है। विश्व प्रसिद्ध जादूगर सम्राट शंकर, जिन्हें शिव कुमार मोदी के नाम से भी जाना जाता है, अपने जादुई पिटारे के साथ पंचकूला पहुँच चुके हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की विशेष मंजूरी के बाद, सूचना जनसंपर्क एवं भाषा विभाग के सहयोग से शहर में चार दिवसीय निशुल्क जादुई शो का आयोजन किया जा रहा है। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का साधन बनेंगे, बल्कि इनके माध्यम से समाज में व्याप्त अंधविश्वासों को जड़ से मिटाने और सरकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार का लक्ष्य रखा गया है।
जादूगर सम्राट शंकर ने बताया कि वे साल 1974 से लगातार इस कला के जरिए देश-विदेश में लोगों को अचंभित कर रहे हैं। पंचकूला के सेक्टर-14 स्थित सरकारी महिला महाविद्यालय (गर्ल्स कॉलेज) के ऑडिटोरियम में आयोजित होने वाले ये शो पूरी तरह से परिवार-आधारित होंगे। हरियाणा सरकार के साथ हुए विशेष अनुबंध के तहत, आने वाले समय में प्रदेश के अन्य जिलों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है।
पंचकूला जादुई शो का पूरा विवरण और समय-सारणी
शहर के नागरिकों के लिए यह एक दुर्लभ अवसर है जहाँ वे अंतरराष्ट्रीय स्तर की जादुई कला को बिना किसी शुल्क के देख सकेंगे। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि शो में प्रवेश 'पहले आओ-पहले पाओ' के आधार पर हो सकता है, क्योंकि ऑडिटोरियम की क्षमता सीमित है।
| दिनांक | शो का समय (दोपहर) | शो का समय (शाम) | स्थान | प्रवेश शुल्क |
|---|---|---|---|---|
| 31 अक्टूबर 2024 | दोपहर 1 से 3 बजे | शाम 7 से 9 बजे | ऑडिटोरियम, सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज | निशुल्क |
| 01 नवंबर 2024 | दोपहर 1 से 3 बजे | शाम 7 से 9 बजे | ऑडिटोरियम, सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज | निशुल्क |
| 02 नवंबर 2024 | दोपहर 1 से 3 बजे | शाम 7 से 9 बजे | ऑडिटोरियम, सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज | निशुल्क |
| 03 नवंबर 2024 | दोपहर 1 से 3 बजे | शाम 7 से 9 बजे | ऑडिटोरियम, सेक्टर-14 गर्ल्स कॉलेज | निशुल्क |
अंधविश्वास के खिलाफ जंग और सामाजिक संदेश
जादूगर सम्राट शंकर का मानना है कि जादू केवल हाथ की सफाई और 'फाइन आर्ट' का हिस्सा है, न कि कोई दैवीय शक्ति। उन्होंने विशेष रूप से उन ठगों से सावधान रहने की अपील की जो दोगुना सोना या नोट बनाने का झांसा देकर लोगों को लूटते हैं। अपने शो के दौरान वे सफेद कागज से नोटों की गड्डी बनाकर दिखाएंगे, लेकिन साथ ही यह भी समझाएंगे कि यह केवल एक ट्रिक है। इसके अलावा, उनके कार्यक्रमों में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', कन्या भ्रूण हत्या पर रोक, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा जैसे विषयों को जादुई ट्रिक्स के साथ पिरोया गया है।
"मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी और सूचना जनसंपर्क विभाग के सहयोग से ये शो हो रहे हैं। मेरा मुख्य उद्देश्य जादू की इस प्राचीन कला के जरिए समाज से अंधविश्वास को खत्म करना और सरकार की जनहितकारी योजनाओं को रोचक तरीके से लोगों तक पहुँचाना है। मैं चाहता हूँ कि नई पीढ़ी इस कला को समझे और सराहे।" - जादूगर सम्राट शंकर
कला को जीवित रखने के लिए सरकार से बड़ी मांग
सिरसा के ऐलनाबाद में जन्मे सम्राट शंकर ने अपनी कला के सफर में अब तक करीब 30 हजार शो किए हैं, जिनमें से 20 हजार से अधिक शो केवल चैरिटी के लिए समर्पित रहे हैं। उन्होंने देश पर आए विभिन्न संकटों के समय लगभग 2 करोड़ रुपये की राशि सरकारी कोष में दान की है। हालांकि, वे इस बात से थोड़े चिंतित हैं कि वर्तमान में जादू की कला के प्रति रुझान कम हो रहा है।
उन्होंने हरियाणा सरकार से मांग की है कि चंडीगढ़ या गुरुग्राम के आसपास इस कला को समर्पित एक स्थायी भवन या ऑडिटोरियम के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने तर्क दिया कि जिस प्रकार चिड़ियाघर या अन्य पर्यटन स्थल स्थायी होते हैं, वैसे ही एक जादुई केंद्र होने से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और युवा कलाकारों को प्रशिक्षण मिल सकेगा। उन्होंने कलाकारों के लिए आसान ऋण सुविधा और जादू को 'ललित कला' की श्रेणी में शामिल करने की भी वकालत की है।
जादू और विज्ञान का अद्भुत मेल: हवा में उड़ने का रहस्य
शो के दौरान होने वाले सबसे रोमांचक करतबों में से एक है 'इंसान को हवा में उड़ाना'। सम्राट शंकर ने अपना एक पुराना अनुभव साझा करते हुए बताया कि दशकों पहले उन्होंने पानीपत के दर्पण सिनेमा में एक बच्ची को हवा में उड़ाने का करतब दिखाया था, और हाल ही में जब वे दोबारा वहां गए, तो वही महिला अपनी बेटी के साथ उनसे मिलने आई। यह इस कला का भावनात्मक जुड़ाव ही है कि लोग पीढ़ियों तक इन यादों को संजो कर रखते हैं। उनके शो में घड़ियों का समय रोकना और मोबाइल के साथ किए जाने वाले आधुनिक ट्रिक्स युवाओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगे।
आगे की योजना और प्रशासनिक तैयारी
पंचकूला जिला प्रशासन और सूचना जनसंपर्क विभाग ने शो के सफल आयोजन के लिए सुरक्षा और बैठने की व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। चूंकि कार्यक्रम निशुल्क हैं, इसलिए भारी भीड़ जुटने की संभावना है। विभाग की ओर से स्थानीय पुलिस को भी सूचित किया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। सम्राट शंकर ने दिल्ली में 'दिल्ली स्कूल ऑफ मैजिक' की स्थापना की है, लेकिन वे चाहते हैं कि उनके गृह राज्य हरियाणा में भी इस कला का एक बड़ा केंद्र बने, ताकि यह विलुप्त होने से बच सके।





