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पंचकूला: 'रन फॉर यूनिटी' को CM सैनी ने किया रवाना, राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' पर साधा निशाना

पंचकूला में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सरदार पटेल जयंती पर 'रन फॉर यूनिटी' को हरी झंडी दिखाई।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
31 अक्टूबर 2026 को 10:03 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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पंचकूला: 'रन फॉर यूनिटी' को CM सैनी ने किया रवाना, राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' पर साधा निशाना
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
  • •उन्होंने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर उन्हें नमन करते हुए राष्ट्र की एकता में उनके योगदान को सराहा।
  • •सीएम सैनी ने राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' को 'झूठ की दुकान' करार देते हुए कांग्रेस पर तीखे सवाल दागे।
  • •उन्होंने 1984 के सिख दंगों, धारा 370, आतंकवाद और भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर कांग्रेस को घेरा, वहीं भाजपा की उपलब्धियां गिनाईं।

पंचकूला, हरियाणा: देश की एकता और अखंडता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार सुबह पंचकूला में आयोजित 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने लौह पुरुष को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आदर्शों को याद किया। साथ ही, उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' पर तीखा हमला करते हुए उसे 'झूठ की दुकान' बताया और कांग्रेस के शासनकाल की कई घटनाओं पर सवाल खड़े किए।

मुख्यमंत्री सैनी के संबोधन का मुख्य केंद्र सरदार पटेल के योगदान को रेखांकित करना और वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भाजपा का पक्ष रखना था। उन्होंने बड़ी संख्या में मैराथन में शामिल हुए लोगों को एकता का संदेश दिया और देश निर्माण में सरदार पटेल के ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

घटना का पूरा विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम

पंचकूला के शांत वातावरण में अल-सुबह शुरू हुई 'रन फॉर यूनिटी' मैराथन में शहर के गणमान्य नागरिकों सहित बड़ी संख्या में युवाओं और आम जनता ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने इस मौके पर अपने संबोधन में कहा कि सरदार वल्लभभाई पटेल ने भारत को एक सूत्र में पिरोने का जो महान कार्य किया, वह अविस्मरणीय है। उनके दृढ़ संकल्प और दूरदर्शिता के कारण ही आज भारत एक मजबूत और एकीकृत राष्ट्र के रूप में खड़ा है। सीएम सैनी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा गुजरात में स्थापित 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' का जिक्र करते हुए कहा कि यह सरदार पटेल के सम्मान में निर्मित दुनिया की सबसे ऊंची प्रतिमा है, जो उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि है और देशवासियों को निरंतर प्रेरणा देती रहेगी। उन्होंने प्रदेश और देशवासियों को सरदार पटेल की जयंती की हार्दिक शुभकामनाएं भी दीं।

विषयविवरण
आयोजन'रन फॉर यूनिटी' मैराथन
स्थानपंचकूला, हरियाणा
मुख्य अतिथिमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी
उद्देश्यसरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर श्रद्धांजलि व राष्ट्रीय एकता का संदेश
सीएम द्वारा सराहे गएसरदार वल्लभभाई पटेल (देश की एकता में योगदान), प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (स्टैच्यू ऑफ यूनिटी निर्माण)
सीएम द्वारा लक्षितराहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान', कांग्रेस पार्टी, I.N.D.I.A. गठबंधन, अखिलेश यादव
कांग्रेस पर मुख्य आरोप1984 सिख दंगे, धारा 370 का विरोध, आतंकवाद को बढ़ावा, नक्सलवाद, असम संघर्ष, बड़े भ्रष्टाचार व घोटाले
भाजपा की उपलब्धियांगरीब सशक्तिकरण, सड़क नेटवर्क निर्माण, नक्सलवाद उन्मूलन

अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की भूमिका व बयान

अपने संबोधन के दौरान, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी पर सीधा निशाना साधा। एक नवंबर को प्रस्तावित कांग्रेस रैली के संदर्भ में, उन्होंने राहुल गांधी की चर्चित 'मोहब्बत की दुकान' के औचित्य पर सवाल उठाए। मुख्यमंत्री ने पूछा कि क्या इस तथाकथित 'मोहब्बत की दुकान' में 1984 के सिख विरोधी दंगों में हुए भीषण कत्लेआम का जिक्र भी होगा? उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा कश्मीर से धारा 370 को हटाकर आतंकवाद पर लगाम कसने जैसे महत्वपूर्ण कदमों को भी 'सजाया' जाएगा, जिनका कांग्रेस ने कभी विरोध किया था? सीएम सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के शासनकाल में देश में नक्सलवाद पनपा, जिससे अनगिनत लोगों की जान गई, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने इसे सफलतापूर्वक समाप्त किया। उन्होंने व्यंग्य करते हुए पूछा कि क्या इन विषयों को भी 'मोहब्बत की दुकान' में स्थान मिलेगा।

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल में हुए बड़े भ्रष्टाचार और घोटालों का भी उल्लेख किया। उन्होंने असम में संघर्ष के दौरान पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवानों की शहादत का हवाला देते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार इन समस्याओं को हल करने में विफल रही। उन्होंने पूछा कि क्या इन सभी 'बड़े मगरमच्छों' और घोटालों को भी राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' में प्रदर्शित किया जाएगा। इस दौरान, उन्होंने इंडी गठबंधन के सहयोगी दलों पर भी निशाना साधा, विशेषकर समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव पर सवाल खड़े करते हुए उनके शासनकाल में उत्तर प्रदेश में हुए दंगों का जिक्र किया, जिसके कारण लोग भयभीत रहते थे।

"राहुल गांधी की 'मोहब्बत की दुकान' क्या 1984 के सिख दंगों के कत्लेआम को भी प्रदर्शित करेगी? क्या इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा धारा 370 खत्म करने और आतंकवाद को समाप्त करने के प्रयासों को भी 'सजाया' जाएगा, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था? कांग्रेस के शासन में पनपे नक्सलवाद, असम संघर्ष में जवानों की शहादत और बड़े घोटालों पर वे क्या कहेंगे? यह 'मोहब्बत की दुकान' नहीं, बल्कि 'झूठ की दुकान' है।"
— मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, हरियाणा

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर प्रभाव

मुख्यमंत्री सैनी के ये बयान हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस छेड़ सकते हैं, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर। एक ओर जहां 'रन फॉर यूनिटी' जैसे कार्यक्रम राष्ट्रीय एकता का संदेश देते हैं, वहीं इसके मंच से दिए गए तीखे राजनीतिक बयान मतदाताओं के बीच एक स्पष्ट विभाजन रेखा खींचने का प्रयास करते हैं। ये टिप्पणियां न केवल कांग्रेस को बचाव की मुद्रा में ला सकती हैं, बल्कि भाजपा को अपने पिछले शासनकाल की उपलब्धियों को दोहराने और विरोधियों पर हमला करने का अवसर भी प्रदान करती हैं। हरियाणा के नागरिक इस प्रकार के राजनीतिक बयानों को आगामी चुनावों से जोड़कर देख सकते हैं, जहां स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीतिक विमर्श भी अहम भूमिका निभाता है। यह बयानबाजी राज्य में राजनीतिक तापमान को और बढ़ाएगी, जिससे जनमानस में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रति राय बन सकती है।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

वर्तमान में, मुख्यमंत्री के ये बयान राजनीतिक प्रकृति के हैं और इनका कोई सीधा कानूनी या प्रशासनिक कार्रवाई से संबंध नहीं है। हालांकि, ये टिप्पणियां निश्चित रूप से राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनेंगी और कांग्रेस की ओर से पलटवार देखने को मिल सकता है। आगामी दिनों में, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता इन बयानों पर अपनी प्रतिक्रियाएं देंगे, जिससे हरियाणा में राजनीतिक बहस और गरमाएगी। यह घटनाक्रम राज्य में चुनावी माहौल को और तेज करेगा, जहां सभी दल अपनी रणनीतियों को अंतिम रूप देने में लगे हैं। इस प्रकार की बयानबाजी भविष्य की राजनीतिक रैलियों और जनसभाओं का एजेंडा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, और जनता के बीच राजनीतिक चेतना को भी प्रभावित करेगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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