नूंह जिला मुख्यालय के लघु सचिवालय स्थित मुख्य मीटिंग हॉल में मंगलवार को जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की एक अहम बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री विपुल गोयल ने की, जहां उन्होंने प्रशासनिक अमले की कार्यशैली की जमकर समीक्षा की। बैठक के दौरान विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 13 परिवाद सुनवाई के लिए रखे गए थे, जिनमें से सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए 11 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जबकि शेष 2 मामलों को केवल आगामी सूचना और रिकॉर्ड के लिए लंबित रखा गया। मंत्री के इस सख्त और पारदर्शी रुख ने प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है, खासकर उन अधिकारियों के बीच जो अपने उत्तरदायित्वों के प्रति लापरवाही बरत रहे थे।
बैठक की शुरुआत से ही कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल काफी आक्रामक और स्पष्टवादी मुद्रा में नजर आए। उन्होंने पुलिस, स्वास्थ्य, कृषि, पंचायत और महिला एवं बाल विकास विभाग के कामकाज का कड़ाई से लेखा-जोखा लिया। मंत्री ने विशेष तौर पर पंचायत विभाग के अधिकारियों को चेतावनी दी कि वे अपनी कार्यसंस्कृति में तुरंत सुधार लाएं। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि भविष्य में ग्रीवेंस कमेटी की बैठकों में जो अधिकारी पूरी होमवर्क और तैयारी के साथ नहीं आएंगे, उनके खिलाफ सरकार सख्त अनुशासनात्मक कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। इसके साथ ही, पुलिस महकमे को कड़ी हिदायत देते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी आपराधिक मामले में झूठी धाराएं जोड़ने की प्रवृत्ति को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और हर जांच पूरी तरह निष्पक्ष होनी चाहिए ताकि वास्तविक पीड़ितों को न्याय मिल सके।
| समीक्षा बिंदु / विभाग | प्रमुख निर्देश एवं प्रशासनिक चेतावनी | लंबित / निस्तारित मामले |
|---|---|---|
| कृषि एवं उर्वरक विभाग | डीएपी व यूरिया की कालाबाजारी या अधिक मूल्य वसूलने वाले दुकानदारों पर तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। | किसानों की खाद उपलब्धता सुनिश्चित |
| स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण | पीएचसी-सीएचसी का नियमित निरीक्षण हो, बायोमेट्रिक उपस्थिति सख्ती से लागू की जाए। | डीसी अखिल कुमार पिलानी करेंगे दौरा |
| महिला एवं बाल विकास | जिले के सभी 1130 आंगनबाड़ी केंद्रों पर गर्भवती महिलाओं और बच्चों को मिलने वाली सुविधाएं बेहतर हों। | बुनियादी सुविधाओं की समीक्षा |
| पंचायती राज विभाग | गांवों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दें और सरकारी भूमि से अवैध कब्जों को प्राथमिकता से हटाएं। | कार्यशैली सुधारने की हिदायत |
कृषि प्रधान राज्य हरियाणा में खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए मंत्री ने कृषि विभाग को विशेष रूप से अलर्ट किया है। उन्होंने कड़े लहजे में कहा कि रबी या खरीफ सीजन के दौरान किसानों को डीएपी और यूरिया खाद की कोई भी किल्लत नहीं खलनी चाहिए। यदि किसी भी खाद विक्रेता या डिपो होल्डर ने कृत्रिम किल्लत पैदा की, या तयशुदा सरकारी मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेची, तो उस व्यापारी के साथ-साथ लापरवाह अधिकारियों पर भी गाज गिरेगी। इसके अलावा, स्वास्थ्य विभाग के कामकाज पर असंतोष जताते हुए उन्होंने निर्देश दिए कि जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHC) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHC) के अधिकारी केवल कागजों तक सीमित न रहें, बल्कि धरातल पर जाकर नियमित रूप से अस्पतालों का दौरा करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि उपायुक्त अखिल कुमार पिलानी स्वयं विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का औचक निरीक्षण करेंगे और बायोमेट्रिक अटेंडेंस में किसी भी तरह की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
"अगर किसानों को डीएपी व यूरिया खाद की किल्लत हुई या फिर किसी दुकानदार ने भंडारण कर अधिक मूल्य पर खाद बेचा, तो उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासनिक बैठकों में पूरी तैयारी के साथ आएं और जनता की समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करें।" - विपुल गोयल, कैबिनेट मंत्री, हरियाणा सरकार
ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों और बुनियादी सुविधाओं को गति देने के लिए पंचायत राज विभाग के अधिकारियों को भी कड़े निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि गांवों की गलियों से लेकर सार्वजनिक स्थानों तक साफ-सफाई की व्यवस्था चाक-चौबंद होनी चाहिए। इसके साथ ही, पंचायतों की जमीनों पर हुए अवैध कब्जों को हटाने के अभियान को प्राथमिकता दी जाए। महिला एवं बाल विकास विभाग के तहत आने वाले जिले के सभी 1130 आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली की भी गहन समीक्षा की गई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्रों पर आने वाले छोटे बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पोषण और स्वास्थ्य से जुड़ी सभी योजनाएं पारदर्शी तरीके से मिलनी चाहिए ताकि भविष्य में किसी भी स्तर पर कोई शिकायत सामने न आए।
बैठक के अंत में मंत्री विपुल गोयल ने उन मामलों पर भी अपनी तीखी प्रतिक्रिया दी जहां कुछ लोग अपने रसूख या व्यक्तिगत प्रभाव का इस्तेमाल करके प्रशासनिक अधिकारियों से नियमों के विरुद्ध काम करवाने का प्रयास करते हैं। उन्होंने साफ कर दिया कि जनता के अधिकारों पर डाका डालने वाले और गलत तरीकों से काम निकलवाने वाले लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन की यह उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक इस बात का संकेत है कि आने वाले दिनों में नूंह जिले के भीतर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और कानून व्यवस्था के पालन में और अधिक सख्ती देखने को मिलेगी, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिल सके।





