हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana Namo Bharat Train : देश में नमो भारत यानी आरआरटीएस कॉरिडोर के निर्माण का काम तेजी से चल रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस कॉरिडोर का निर्माण अगले 1 साल में पूरा कर लिया जाएगा।। इस कॉरिडोर पर काम शुरू हो गया है।। इसके पहले चरण में निर्माण के रास्ते में आने वाली बिजली की लाइन को शिफ्ट किया जाएगा।। क्योंकि काम शुरू करने से पहले बिजली लाइन और उपकरणों को स्थानांतरित किया जाना है।।
| यात्रा व रूट विवरण | रोडवेज सेवा अपडेट |
|---|---|
| रूट व बस सेवा | दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर सभी अड़चने हुई दूर, |
| डिपो / संचालन प्राधिकरण | करनाल पुलिस व विशेष जांच दल |
| संबंधित ज़िले / रूट | करनाल, पानीपत, दिल्ली |
| यात्रियों के लिए सुविधा | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
इस कार्य के लिए टाटा पावर-डीडीएल द्वारा नेशनल कैपिटल रीजन ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन यानी एनसीआरटीसी के साथ एमओयू किया गया है।। एमओयू के अनुसार दिल्ली- पानीपत - करनाल कॉरिडोर के रास्ते में आने वाले बिजली नेटवर्क शिफ्ट करने के साथ-साथ दोबारा भी तैयार किया जाना है।। गौरतलब है कि दिल्ली से करनाल के बीच 136.3 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर बनाया जाना है।। यह एनसीआर में महत्वपूर्ण परियोजना होगी।। इस कॉरिडाेर पर नमो भारत रेल परियोजना के 21 स्टेशन बनाए जाने हैं।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
परिवहन विभाग के इस कदम से रोजाना यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, कामकाजी वर्ग और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस रूट पर सुगम यातायात सुविधा की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने समय सारिणी और स्टॉपेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है।
इसमें 6 रेलवे स्टेशन दिल्ली में होंगे, जबकि 15 हरियाणा रेलवे स्टेशन हरियाणा में बनाए जाने हैं।। इस कॉरिडोर के निर्माण में 124.82 किलोमीटर एलिवेटेड ट्रैक बनेगा, जबकि 11.48 किलोमीटर का ट्रैक भूमिगत बनाया जाना है।। कॉरिडोर के निर्माण से पहले बिजली लाइनों को हटाया जाएगा।। क्योंकि इस रास्ते में कुल 38 अतिरिक्त उच्च वोल्टेज की लाइन आती हैं।। इसमें 765, 400, 132 और 66 केवी की लाइन हैं।। ऐसे में इनको सबसे पहले शिफ्ट किया जाना है।। इसके बाद ही निर्माण का काम आगे बढ़ेगा।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





