हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): करनाल में घरौंडा की नई अनाज मंडी में धान खरीद सीजन 2026 के दौरान धान की आवक और किसान के रजिस्ट्रेशन संबंधी रिकॉर्ड में संदिग्ध गड़बड़ी का मामला सामने आया है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
शिकायत में फर्म एम/एस भीम सिंह एंड संस के संचालक अमित मान और गांव बल्लाह निवासी कृष्ण, पुत्र रमेश चंद, का नाम शामिल है।। शिकायत के अनुसार, धान खरीद सीजन 2026 के दौरान नई अनाज मंडी में फिजिकल वेरिफिकेशन करते समय किसान के रजिस्ट्रेशन डिटेल के संदिग्ध इस्तेमाल का मामला सामने आया।। आशंका है कि उत्तर प्रदेश मूल के धान को हरियाणा के किसान के पंजीकरण संबंधी विवरण के आधार पर खरीद प्रक्रिया में शामिल करने के लिए ई-खरीद प्रणाली का इस्तेमाल किया गया हो सकता है।। हालांकि, धान वास्तव में कहां से आया, पंजीकरण का इस्तेमाल किस परिस्थिति में हुआ और इसमें किन लोगों की भूमिका रही, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।।
| मंडी व कृषि विवरण | वर्तमान स्थिति व दरें |
|---|---|
| फसल / मुद्दा | करनाल मंडी में यूपी के धान की आशंका |
| संबंधित मंडियां / ज़िले | करनाल |
| दरें / एमएसपी / आंकड़े | 25 अक्टूबर |
| प्रशासनिक व्यवस्था | करनाल पुलिस व विशेष जांच दल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
25 अक्टूबर को जारी किया था कारण बताओ नोटिस मार्केट कमेटी ने इस मामले में 25 अक्टूबर को फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया था।। नोटिस एम/एस भीम सिंह एंड संस, प्रोपराइटर अमित मान, दुकान नंबर 49, नई अनाज मंडी, घरौंडा के नाम जारी किया गया था।। नोटिस में गांव बल्लाह निवासी कृष्ण पुत्र रमेश चंद, से संबंधित तीन ट्रैक्टर-ट्रॉलियों का वेरिफिकेशन करने का उल्लेख किया गया है।। रिकॉर्ड के अनुसार, 25 अक्टूबर को सुबह 7:45 बजे ये तीनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां गेट नंबर 3 से बिना गेट पास मंडी में दाखिल हुई थीं।। इसी घटनाक्रम के आधार पर धान की वास्तविक उत्पत्ति और मंडी में प्रवेश से जुड़े रिकॉर्ड की जांच कराने की जरूरत बताई गई है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
किसान के रिकॉर्ड और ई-खरीद प्रणाली की होगी जांच शिकायत में पुलिस से किसान के मेरी फसल-मेरा ब्यौरा (एमएफएमबी) पंजीकरण, जमीन के रिकॉर्ड, दर्ज फसल क्षेत्र, अनुमानित उत्पादन और ई-खरीद से संबंधित विवरण की संबंधित विभागों से पुष्टि कराने का अनुरोध किया गया है।। इसके अलावा गेट पास, टोकन, समय, वाहनों के विवरण, उपयोगकर्ता की पहचान और उपलब्ध इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड की जांच करने को कहा गया है।। पुलिस को यह भी पता लगाना होगा कि संबंधित धान कहां से लाया गया, उसका परिवहन किसने किया, उसकी मात्रा कितनी थी और उसका मालिक कौन था।। इसके लिए खरीद, वजन, मंडी में आवक और लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की जाएगी।। फर्म, किसान और अन्य लोगों की भूमिका खंगालेगी पुलिस शिकायत में संबंधित फर्म, किसान, वाहन मालिकों, चालकों और मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की गई है।। यह भी पता लगाया जाएगा कि किसान के पंजीकरण विवरण का जानबूझकर गलत इस्तेमाल किया गया था या किसी रिकॉर्ड में हेरफेर की गई थी।। मार्केट कमेटी ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज, संबंधित लोगों के बयान, इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड और मूल दस्तावेज सुरक्षित करके जुटाने का अनुरोध किया है।। 25 अक्टूबर को जारी कारण बताओ नोटिस और उसकी तामील के प्रमाण को भी जांच में शामिल करने को कहा गया है।। फर्म को अपना पक्ष और समर्थन में दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।। 318(4), 336(2) और 61 बीएनएस के तहत केस पुलिस ने शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 336(2) और 61 के तहत दर्ज किया गया है।। मामले की जाचं एसआई मनजीत सिंह कर रहे है।। मार्केट कमेटी ने अनुरोध किया है कि उपलब्ध तथ्यों और सबूतों के आधार पर लागू कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाए तथा की गई कार्रवाई की जानकारी कार्यालय को दी जाए।। कमेटी ने जांच में जरूरी रिकॉर्ड उपलब्ध कराने और पुलिस को पूरा सहयोग देने की बात कही है।। फिलहाल धान के वास्तविक स्रोत और संबंधित लोगों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।। This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





