हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Diwali Hospital facility : दिवाली पर पटाखों से होने वाले हादसों और जलने की घटनाओं या दूसरे कारण से होने वाले हादसों को देखते हुए हरियाणा सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने प्रदेश के सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं।। आरती राव ने अस्पतालों में अलग से बर्न वार्ड तैयार रखने और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को मजबूत करने को कहा है ताकि पटाखों से झुलसने, आंखों में चोट लगने और सांस संबंधी समस्याओं के मरीजों को तुरंत उपचार मिल सके।। मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी सरकारी अस्पतालों में दिवाली के दौरान 20 से अधिक बेड आपातकालीन मरीजों के लिए आरक्षित रखे जाएं।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | दिवाली पर स्वास्थ्य मंत्री के आदेश, अस्पताल अलर्ट मोड पर, 20 |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। इनमें इमरजेंसी विभाग के अलावा नेत्र रोग, हड्डी रोग और सर्जरी विभाग के बेड भी शामिल होंगे।। गंभीर मरीजों के उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर और आईसीयू में भी विशेष व्यवस्था की जाएगी।। ऑक्सीजन और बर्न ट्रीटमेंट किट का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश आरती सिंह राव ने अस्पतालों को ब्रोंकोडायलेटर्स, ऑक्सीजन सिलेंडर, बर्न ट्रीटमेंट किट, एंटीबायोटिक्स और आईवी सॉल्यूशन का पर्याप्त स्टॉक रखने को कहा है।। इसके अलावा बर्न मरीजों के उपचार के लिए स्ट्रेचर, बेड और आईवी स्टैंड की उपलब्धता भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। विशेषज्ञ डॉक्टर रहेंगे ऑनकॉल स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दिवाली के दौरान नेत्र रोग, ईएनटी, आथोपेडिक और सर्जरी विशेषज्ञों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए।। डॉक्टरों को ऑन-कॉल ड्यूटी पर रखा जाएगा ताकि जरूरत पड़ने पर तत्काल उनकी सेवाएं ली जा सकें।। सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों के विशेषज्ञों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।। त्योहार के दौरान शहर नहीं छोड़ सकेंगे चिकित्सा कर्मी दिवाली के दौरान अस्पतालों में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मियों की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए उन्हें शहर से बाहर जाने की अनुमति नहीं होगी।।





