हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): पंचकूला में 6 साल की बच्ची के साथ स्कूल के एक नाबालिग छात्र की मारपीट की घटना के बाद स्वास्थ्य और शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता प्रणाली विकसित करने की पहल की है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसका उद्देश्य बच्चों में मानसिक और मनोवैज्ञानिक समस्याओं की समय रहते पहचान कर उन्हें मदद उपलब्ध कराना है।। इसमें परीक्षा का तनाव, चिंता, अवसाद, बुलिंग, सामाजिक अलगाव और अत्यधिक स्क्रीन इस्तेमाल जैसी समस्याओं पर ध्यान दिया जाएगा।। योजना में शिक्षकों, अभिभावकों और मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों को भी जोड़ा जाएगा।। स्वास्थ्य विभाग के 122 काउंसलर चिन्हित स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने बताया कि प्रस्तावित व्यवस्था में स्वास्थ्य और स्कूल शिक्षा विभाग के साथ शिक्षक, अभिभावक, छात्र स्वयंसेवक, परामर्शदाता, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट और साइकियाट्रिस्ट शामिल होंगे।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा में स्कूलों में शुरू होगा ‘साथ’ प्रोजेक्ट |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | पंचकूला |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 6 साल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
पेशेवर सहायता के लिए स्वास्थ्य विभाग के 122 परामर्शदाताओं को चिह्नित किया गया है।। मनोविज्ञान की योग्यता वाले शिक्षकों और विशेष मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की भी मदद ली जाएगी।। विद्यार्थियों की उम्र के हिसाब से बनेगी व्यवस्था बच्चों की विकासात्मक और मनोवैज्ञानिक जरूरतों को देखते हुए अलग-अलग आयु वर्ग के लिए सहायता के तरीके तय किए जाएंगे।। प्रस्तावित रूपरेखा में कक्षा 5 से 8 और कक्षा 9 से 12 के विद्यार्थियों के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाने की बात कही गई है।। विशेषज्ञों के अनुसार, योजना लागू होने से विद्यार्थियों को समय पर मानसिक स्वास्थ्य सहायता मिल सकेगी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





