सोमवार, 2 नवंबर 2026
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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की GIS मैपिंग, मोबाइल पर दिखेंगी लोकेशन और सुविधाएं

हरियाणा सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों, PHC और आयुष संस्थानों की GIS मैपिंग शुरू की है। अब नागरिक मोबाइल पर अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र की लोकेशन, तस्वीरें और।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
2 नवंबर 2026 को 10:32 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा के सरकारी अस्पतालों की GIS मैपिंग, मोबाइल पर दिखेंगी लोकेशन और सुविधाएं
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •हरियाणा के सभी सरकारी अस्पताल, पीएचसी और आयुष संस्थान अब डिजिटल मैप पर उपलब्ध होंगे।
  • •भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक से स्वास्थ्य केंद्रों की सटीक लोकेशन, तस्वीरें और सुविधाएं दिखेंगी।
  • •नागरिकों को अपने मोबाइल पर नजदीकी स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी आसानी से मिल सकेगी।
  • •यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं की कमियों को पहचानने और संसाधनों के प्रभावी उपयोग में सरकार की मदद करेगी।

दैनिक रियलिटी, चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने प्रदेश के स्वास्थ्य ढांचे को सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब राज्य के सभी सरकारी अस्पताल, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC), उप-स्वास्थ्य केंद्र और आयुष संस्थान एक एकीकृत डिजिटल मैप पर उपलब्ध होंगे। इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना का उद्देश्य नागरिकों को अपने आसपास की सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं तक आसान पहुंच प्रदान करना और स्वास्थ्य विभाग को संसाधनों के बेहतर प्रबंधन में सक्षम बनाना है। यह नई व्यवस्था भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS) तकनीक पर आधारित होगी, जिससे स्वास्थ्य संस्थानों की सटीक भौगोलिक स्थिति, उपलब्ध सेवाएं और यहां तक कि उनकी तस्वीरें भी मोबाइल फोन पर देखी जा सकेंगी।

इस डिजिटल पहल से, हरियाणा के लाखों नागरिकों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश और उन तक पहुंचना कहीं अधिक सुविधाजनक हो जाएगा। अब उन्हें किसी भी स्वास्थ्य सुविधा की जानकारी के लिए भटकना नहीं पड़ेगा, बल्कि एक क्लिक पर सभी आवश्यक विवरण उपलब्ध होंगे। यह न केवल आपातकालीन स्थितियों में महत्वपूर्ण समय बचाने में सहायक होगा, बल्कि सामान्य स्वास्थ्य जांच या परामर्श के लिए सही संस्थान चुनने में भी मदद करेगा। सरकार का मानना है कि इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिक-केंद्रित दृष्टिकोण को बढ़ावा मिलेगा।

स्वास्थ्य संस्थानों का एकीकृत डिजिटल नेटवर्क और जानकारी का सरलीकरण

राज्य सरकार की इस परियोजना के तहत, हरियाणा के कोने-कोने में स्थित सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों का एक व्यापक और एकीकृत डिजिटल नेटवर्क तैयार किया जा रहा है। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अधीन आने वाले अस्पताल और केंद्र, आयुष विभाग के संस्थान और चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान विभाग से संबंधित सुविधाएं शामिल होंगी। GIS तकनीक का उपयोग करके इन सभी संस्थानों के डेटा को एक मंच पर लाया जाएगा, जिससे अलग-अलग विभागों के रिकॉर्ड को सुव्यवस्थित किया जा सकेगा। यह एक ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म होगा जहां नागरिक किसी भी स्वास्थ्य केंद्र की बुनियादी जानकारी जैसे उसका नाम, पता, संपर्क विवरण, उपलब्ध चिकित्सा विशेषज्ञता और यहां तक कि उसकी बाहरी व आंतरिक तस्वीरें भी देख सकेंगे।

यह सुविधा विशेष रूप से ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है, जहाँ अक्सर लोगों को नजदीकी या विशिष्ट स्वास्थ्य सेवा प्रदाता का पता लगाने में कठिनाई होती है। अब वे अपने मोबाइल डिवाइस पर कुछ ही टैप में सभी आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे, जिससे समय और श्रम दोनों की बचत होगी। इसके अतिरिक्त, यह पहल स्वास्थ्य विभाग को राज्यव्यापी स्वास्थ्य कवरेज का एक स्पष्ट चित्र प्रदान करेगी, जिससे यह समझना आसान होगा कि किन क्षेत्रों में सुविधाओं का अभाव है और कहाँ अतिरिक्त निवेश या विस्तार की आवश्यकता है।

परियोजना के मुख्य आयामविवरण
परियोजना का लक्ष्यहरियाणा में सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं का डिजिटल सशक्तिकरण
शामिल संस्थानसरकारी अस्पताल, प्राथमिक/उप-स्वास्थ्य केंद्र, आयुष संस्थान
मुख्य तकनीकभौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS)
नागरिकों को लाभस्वास्थ्य केंद्रों की लोकेशन, तस्वीरें, सुविधाओं की ऑनलाइन उपलब्धता
विभागों को लाभस्वास्थ्य सेवाओं की कमियों की पहचान, संसाधनों का बेहतर प्रबंधन
समीक्षा अधिकारीडॉ. सुमिता मिश्रा, अतिरिक्त मुख्य सचिव, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग

अधिकारियों की भूमिका और परियोजना की प्रगति

इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति की समीक्षा हाल ही में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा द्वारा की गई। बैठक में प्रदेशभर के स्वास्थ्य संस्थानों की GIS मैपिंग से संबंधित विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत किए गए, जिससे परियोजना के कार्यान्वयन की स्थिति स्पष्ट हुई। डॉ. मिश्रा ने परियोजना के विभिन्न पहलुओं पर गहन विचार-विमर्श किया और अधिकारियों को इसे निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह पहल न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बढ़ाएगी, बल्कि राज्य के समग्र स्वास्थ्य नेटवर्क को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाने में भी सहायक सिद्ध होगी।

विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने परियोजना की तकनीकी जटिलताओं और उसके समाधान पर चर्चा की। इस दौरान डेटा एकत्रीकरण, मानचित्रण की सटीकता और डिजिटल प्लेटफॉर्म के यूजर-फ्रेंडली इंटरफेस को सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर ध्यान केंद्रित किया गया। सरकार का लक्ष्य है कि इस डिजिटल नेटवर्क को जल्द से जल्द आम जनता के लिए उपलब्ध कराया जाए ताकि वे इसके लाभों का पूरी तरह से उपयोग कर सकें। अधिकारियों ने बताया कि इस परियोजना से प्राप्त डेटा का उपयोग भविष्य की स्वास्थ्य नीतियों और योजनाओं के निर्माण में एक मजबूत आधार के रूप में किया जाएगा, जिससे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।

स्थानीय जनजीवन और व्यवस्था पर सीधा प्रभाव

इस डिजिटल मैपिंग परियोजना का हरियाणा के स्थानीय जनजीवन पर गहरा और सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। आम नागरिकों को अब अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र का पता लगाने के लिए किसी से पूछने या दूरभाष पर संपर्क करने की आवश्यकता नहीं होगी। विशेषकर ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी अक्सर सीमित होती है, यह पहल वरदान साबित होगी। आपातकालीन स्थितियों में, मरीज या उनके परिजन बिना समय गंवाए सबसे उपयुक्त और नजदीकी सरकारी अस्पताल तक पहुंच सकेंगे, जिससे जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी। यह महिलाओं, बुजुर्गों और दिव्यांगजनों के लिए विशेष रूप से सहायक होगा, जिन्हें अक्सर जानकारी के अभाव में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।

प्रशासनिक दृष्टिकोण से, यह परियोजना राज्य के स्वास्थ्य ढांचे में मौजूद कमियों और भौगोलिक असमानताओं को उजागर करेगी। सरकार अब डेटा-आधारित निर्णय ले सकेगी कि किन क्षेत्रों में नए स्वास्थ्य केंद्र स्थापित करने की आवश्यकता है, कहाँ मौजूदा सुविधाओं का उन्नयन किया जाना है, और किस क्षेत्र में चिकित्सा कर्मियों की कमी है। इससे संसाधनों का अधिक न्यायसंगत और प्रभावी वितरण सुनिश्चित होगा, जिससे पूरे प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता और पहुंच में सुधार होगा। यह पहल हरियाणा को डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित करने में भी सहायक होगी।

आगे की प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

इस परियोजना के सफल कार्यान्वयन के लिए आगामी महीनों में कई प्रशासनिक और तकनीकी कदम उठाए जाएंगे। इसमें सभी स्वास्थ्य संस्थानों से डेटा का अंतिम सत्यापन, GIS मैपिंग की सटीकता सुनिश्चित करना, और एक मजबूत, सुरक्षित डिजिटल प्लेटफॉर्म का विकास शामिल है जिसे मोबाइल एप्लिकेशन और वेब पोर्टल के माध्यम से एक्सेस किया जा सके। इसके साथ ही, स्वास्थ्य विभाग द्वारा एक व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा ताकि अधिक से अधिक नागरिक इस नई सुविधा का लाभ उठा सकें। कर्मचारियों को इस नई प्रणाली के उपयोग और डेटा अद्यतन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। भविष्य में इस प्लेटफॉर्म को अन्य डिजिटल स्वास्थ्य पहलों, जैसे ऑनलाइन डॉक्टर परामर्श या डिजिटल स्वास्थ्य रिकॉर्ड के साथ एकीकृत करने की भी योजना है, जिससे हरियाणा की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली पूरी तरह से डिजिटल और समेकित हो सकेगी।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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