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हरियाणा: होडल-बिलासपुर-कुलाना फोरलेन को हरी झंडी, 71 किलोमीटर सड़क से दक्षिणी बेल्ट का होगा कायापलट

हरियाणा के दक्षिणी क्षेत्र में होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन हाईवे परियोजना को मंजूरी मिल गई है।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
2 नवंबर 2026 को 10:42 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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हरियाणा: होडल-बिलासपुर-कुलाना फोरलेन को हरी झंडी, 71 किलोमीटर सड़क से दक्षिणी बेल्ट का होगा कायापलट
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •दक्षिणी हरियाणा में होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन हाईवे परियोजना को मिली अंतिम मंजूरी।
  • •पहले चरण में 71 किलोमीटर लंबा होडल से बिलासपुर तक का फोरलेन मार्ग होगा विकसित।
  • •पटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर के निर्माण से सुगम होगा यातायात।
  • •यह नया कॉरिडोर दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे समेत कई राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ेगा, राजस्थान से कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

हरियाणा के दक्षिणी हिस्से में सड़क संपर्क को नई गति देने वाली एक महत्वपूर्ण परियोजना को राज्य सरकार ने अंतिम मंजूरी दे दी है। होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना मार्ग को फोरलेन हाईवे में बदलने की इस महत्वाकांक्षी योजना से न केवल इस क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा, बल्कि यह दिल्ली-एनसीआर और राजस्थान के बीच व्यापारिक तथा पर्यटन संबंधों को भी मजबूती प्रदान करेगा। यह परियोजना दक्षिणी हरियाणा के विकास के लिए मील का पत्थर साबित होगी, खासकर उन इलाकों के लिए जहां बेहतर सड़क नेटवर्क की लंबे समय से आवश्यकता महसूस की जा रही थी।

इस वृहद परियोजना को दो चरणों में पूरा किया जाएगा। पहले चरण में पलवल जिले के होडल से गुरुग्राम के बिलासपुर तक लगभग 71 किलोमीटर लंबी सड़क को फोरलेन में अपग्रेड किया जाएगा, जिसके लिए स्वीकृति मिल चुकी है और निर्माण कार्य जल्द ही शुरू होने की उम्मीद है। वहीं, अब इस परियोजना के दूसरे चरण को भी आधिकारिक तौर पर हरी झंडी मिल गई है, जिसमें बिलासपुर से कुलाना तक के मार्ग को फोरलेन किया जाएगा। इस पूरे कॉरिडोर के बन जाने से दक्षिणी हरियाणा के कई प्रमुख कस्बे और ग्रामीण क्षेत्र सीधे राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़ जाएंगे, जिससे आर्थिक गतिविधियों में अभूतपूर्व वृद्धि की संभावना है।

परियोजना का पूरा विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम

दक्षिणी हरियाणा के लिए यह फोरलेन हाईवे परियोजना क्षेत्र की भौगोलिक और आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य मौजूदा सड़क नेटवर्क को आधुनिक और उच्च क्षमता वाले कॉरिडोर में बदलना है। होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना मार्ग वर्तमान में कई जगहों पर संकरा और भीड़भाड़ वाला है, जिससे यात्रा में अधिक समय लगता है और दुर्घटनाओं का जोखिम भी बना रहता है। फोरलेन निर्माण से यातायात का दबाव कम होगा और वाहनों की गति बढ़ेगी, जिससे लोगों को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा।

परियोजना के तहत, पटौदी और हेलीमंडी जैसे व्यस्त कस्बों में यातायात को सुगम बनाने के लिए एलिवेटेड फ्लाईओवर का निर्माण भी प्रस्तावित है। ये फ्लाईओवर शहरी क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की समस्या को हल करेंगे और स्थानीय निवासियों को भी आवागमन में सुविधा प्रदान करेंगे। इस पूरे कॉरिडोर की रणनीतिक स्थिति इसे दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-44), दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे (NH-48), गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी मार्ग, रेवाड़ी-रोहतक हाईवे, गुरुग्राम-नूंह और गुरुग्राम-सोहना-तावडू-भिवाड़ी के लिए बने हाईवेज जैसे प्रमुख राष्ट्रीय और राज्यीय मार्गों से जोड़ेगी। यह एक ऐसा एकीकृत नेटवर्क तैयार करेगा जो दक्षिणी हरियाणा को देश के अन्य हिस्सों से निर्बाध रूप से जोड़ेगा।

परियोजना का विवरणजानकारी
परियोजना का नामहोडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन हाईवे
मुख्य मार्गहोडल (पलवल) से कुलाना (झज्जर)
कुल लंबाई (पहला चरण)71 किलोमीटर (होडल से बिलासपुर)
प्रमुख संरचनाएंपटौदी और हेलीमंडी में एलिवेटेड फ्लाईओवर
लाभान्वित प्रमुख क्षेत्रपलवल, गुरुग्राम, रेवाड़ी, झज्जर के दक्षिणी हिस्से
जुड़ी हुई प्रमुख सड़केंदिल्ली-आगरा हाईवे, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे, दिल्ली-जयपुर हाईवे, गुरुग्राम-पटौदी-रेवाड़ी मार्ग, रेवाड़ी-रोहतक हाईवे, गुरुग्राम-नूंह, गुरुग्राम-सोहना-तावडू-भिवाड़ी हाईवेज
अनुमानित प्रभावदक्षिणी हरियाणा का तीव्र आर्थिक और सामाजिक विकास

अधिकारियों और जांच दल की भूमिका व बयान

राज्य सरकार के संबंधित विभागों और सड़क परिवहन मंत्रालय के अधिकारियों ने इस परियोजना के महत्व पर जोर दिया है। उनका कहना है कि यह निर्णय दक्षिणी हरियाणा में बुनियादी ढांचे के विकास को प्राथमिकता देने की सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस हाईवे का निर्माण क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करने और आर्थिक विकास को बढ़ावा देने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। परियोजना की विस्तृत योजना और डिजाइन प्रक्रिया में विभिन्न तकनीकी पहलुओं और पर्यावरणीय प्रभावों का गहन अध्ययन किया गया है ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि निर्माण कार्य उच्चतम मानकों के अनुसार हो और न्यूनतम पर्यावरणीय पदचिह्न छोड़े।

वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के लिए आवश्यक सभी प्रशासनिक और वित्तीय स्वीकृतियां प्राप्त कर ली गई हैं। निर्माण कार्य की निगरानी के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन किया जाएगा, जो परियोजना की प्रगति पर नियमित रूप से नजर रखेगी और समयबद्ध तरीके से इसके पूरा होने को सुनिश्चित करेगी। भूमि अधिग्रहण और अन्य प्रारंभिक कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि परियोजना के कार्यान्वयन में कोई अनावश्यक देरी न हो। यह हाईवे न केवल परिवहन को सुगम बनाएगा, बल्कि क्षेत्र में नए रोजगार के अवसर भी पैदा करेगा।

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर प्रभाव

होडल-बिलासपुर-पटौदी-कुलाना फोरलेन हाईवे का निर्माण दक्षिणी हरियाणा के स्थानीय जनजीवन पर बहुआयामी सकारात्मक प्रभाव डालेगा। सबसे पहले, यह दिल्ली-एनसीआर से आने-जाने वाले यात्रियों के लिए यात्रा समय को काफी कम कर देगा। गुरुग्राम, रेवाड़ी और झज्जर जैसे औद्योगिक केंद्रों से जुड़ने के कारण, यह हाईवे व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा देगा, जिससे स्थानीय व्यवसायों को फायदा होगा। कृषि उत्पादों को मंडियों तक पहुंचाने में लगने वाला समय और लागत भी कम होगी, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिलेगा।

इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी से इस क्षेत्र में पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। राजस्थान से सीधा जुड़ाव होने के कारण, पर्यटक और तीर्थयात्री आसानी से इस मार्ग का उपयोग कर पाएंगे। रियल एस्टेट सेक्टर में भी उछाल आने की उम्मीद है, क्योंकि बेहतर बुनियादी ढांचा हमेशा निवेश को आकर्षित करता है। स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा और रोजगार के अवसरों तक पहुंचने में आसानी होगी, जिससे जीवन की गुणवत्ता में सुधार होगा। कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से, बेहतर सड़कें आपातकालीन सेवाओं की त्वरित पहुंच सुनिश्चित करेंगी, जिससे किसी भी अप्रिय घटना पर तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

इस परियोजना की प्रशासनिक कार्रवाई अब निर्माण प्रक्रिया की ओर बढ़ेगी। पहले चरण के लिए निविदा प्रक्रिया (Tendering Process) जल्द ही शुरू की जाएगी, जिसमें योग्य निर्माण कंपनियों से बोलियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके बाद सबसे कम बोली लगाने वाली और तकनीकी रूप से सक्षम कंपनी को कार्यभार सौंपा जाएगा। दूसरे चरण के लिए भी समान प्रक्रिया अपनाई जाएगी। परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण को लेकर भी तेजी से काम किया जाएगा, जिसमें प्रभावित भूमि मालिकों को नियमानुसार उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा।

राज्य सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय के बीच समन्वय स्थापित कर इस पूरे कॉरिडोर के निर्माण को गति दी जाएगी। निर्माण कार्य की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। परियोजना के पूरा होने के बाद, यह हाईवे दक्षिणी हरियाणा की जीवनरेखा बन जाएगा, जो क्षेत्र के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और इसे राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ेगा।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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