हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): पंचकूला: त्योहारों के सीजन में सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रहता है. सोने के रेट बीते कई दिन से लगातार ढलान की ओर हैं. नतीजतन लोगों ने आभूषणों की खरीदारी के लिए बाजारों की ओर रूझान बढ़ाया है. हालांकि, जनवरी 2026 से सोने-चांदी की कीमतों में अचानक भारी उछाल आने के कारण नए खरीदारों ने बाजारों से दूरी बना ली थी, लेकिन अक्टूबर में सोने की कीमतों में गिरावट से सर्राफा कारोबारियों में बिजनेस अच्छा होने की उम्मीद जगी है.सोने की कीमत गिरी, बाजार में रौनक: सोने की कीमत गिरने से आम लोग शादियों, त्योहारों और निवेश के नजरिए से खरीदारी को बाजारों में पहुंच रहे हैं. दैनिक रियलिटी ने चंडीगढ़ ज्वैलर्स एसोसिएशन के प्रेसिडेंट व अन्य सर्राफा कारोबारियों से बातचीत कर जाना कि ये मौका खरीदारी के लिए अच्छा है या कीमतों में गिरावट आगे भी जारी रह सकती है.सर्राफा कारोबार की चाल इन कारणों पर निर्भर: चंडीगढ़ की सबसे बड़ी सेक्टर-22 स्थित ज्वैलर मार्केट के सर्राफा कारोबारी जेजे निक्का मल डायमंडस के मालिक नीरज ने कीमतों के उतार-चढ़ाव को कई कारणों से स्पष्ट किया. उन्होंने कहा कि जब कभी सोने की कीमत किसी दर तक पहुंच जाती है, तो वही स्थिति दोबारा आने में समय नहीं लगता, लेकिन जहां इस साल सोने की कीमत एक लाख 75-80 हजार तक पहुंचने के बाद नीचे आई है, जो स्थिति करेक्शन के नाम से जानी जाती है. इसके लिए कई कारण निर्भर करते हैं, जैसे- वैश्विक स्तर पर राजनीतिक मतभेद (संकट), मिडिल ईस्ट में तेल आपूर्ति बाधित होना और देशों के बीच युद्ध की स्थिति का बरकरार रहना. इसके अलावा अमेरिकी डॉलर की स्थिति पर काफी कुछ निर्भर करता है.मौजूदा समय में काफी कर्ज होने के चलते अमेरिका ने ब्याज दरें बढ़ा दी. इससे दुनिया भर में स्टॉक मार्केट, गोल्ड मार्केट, कमॉडिटिज और मेट्लस की कीमतें गिर जाती हैं. अमेरिका ने बीते सप्ताह 25 बेसिस प्वाइंट बढ़ाया था जिससे भारत के बाजार पर भी असर पड़ा. -जेजे निक्का, सर्राफा व्यापारीआकर्षक बनी सोने की कीमतें: सर्राफा व्यापारी नीरज ने बताया कि सोने की कीमत भविष्य में लगातार नीचे जाएंगी, ये अनुमान लगाना सही नहीं रहता, लेकिन मौजूदा स्थिति के अनुसार सोने की कीमतें आकर्षक हो चुकी हैं. जिन किन्हीं के पास भी सोने की खरीद के लिए अलग पैसे हैं, उन्हें 40-50 व 60 प्रतिशत हिस्सा सोने में डिप के तौर पर निवेश किया जाना चाहिए, क्योंकि सोने की कीमत में जब दोबारा उछाल आएगा तो काबू नहीं आ सकेगा, जिस पछतावे से बचाव के लिए उक्त प्रतिशत खरीदारी करनी चाहिए.दुनिया डॉलर से अलग जाकर वैकल्पिक करेंसी की तलाश में है. अधिकांश सेंट्रल बैंक भी डॉलर से बाहर वैकल्पिक करेंसी की ओर रूख करना चाह रहे हैं, लेकिन अभी विकल्प मौजूद नहीं होने से पारंपरिक गोल्ड में निवेश बढ़ सकता है. भारत समेत विदेशी बैंक सोने में निवेश बढ़ा रहे हैं. ये प्रक्रिया लगातार जारी है, जो आगे बढ़ सकती है. सोना मौजूदा स्थिति से दो-चार प्रतिशत और नीचे आ सकता है, लेकिन सतर्कता जरूरी है. फिलहाल खरीदारी का अच्छा मौका है.- नीरज, सर्राफा व्यापारीचांदी की यूटिलिटी दोगुनी: नीरज ने बताया कि चांदी की यूटिलिटी इंडस्ट्रियल और मॉनिटरी होने से दोगुनी है. इस कारण चांदी की कमी लगातार बनी रहती है. उन्होंने कहा कि हमेशा देखा गया है कि यदि सोना दो-चार प्रतिशत नीचे आता है तो चांदी आठ-दस प्रतिशत नीचे आती है और कीमतों का उछाल भी इसी तर्ज पर बनता है. उन्होंने कहा कि सोने-चांदी के बाजार के लिए लॉन्ग टर्म (5-10 वर्ष) के अनुसार सोचना सही है, विशेष तौर पर चांदी की खरीदारी के लिए, जो बेहतर फैसला हो सकता है. चांदी की कीमतों में तेजी से हैरान करने वाला उतार-चढ़ाव होने के कारण बाजार की रफ्तार पर काफी असर पड़ा है.दिवाली के बाद कीमतों में उछाल: सर्राफा एसोसिएशन के प्रेसिडेंट ने शहरवासियों को दिवाली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि गोल्ड ट्रेड में कीमतों में कमी आने में समय लगता है, लेकिन कीमतें बढ़ने में समय नहीं लगता. नतीजतन मौजूदा समय खरीदारी को अच्छा है. उन्होंने मौजूदा रेट को बताते हुए कहा कि 22 कैरेट का रेट 1,33,600 रुपये है, जो पहले के मुकाबले काफी कम है. पहले की बिकवाली के मुकाबले 24 कैरेट का रेट भी काफी कम आ चुका है. उन्होंने कहा कि गोल्ड ट्रेड में भविष्य की स्थिति के बारे में अनुमान लगाना मुश्किल रहता है, लेकिन दिवाली के बाद कीमतों में दोबारा उछाल आने की संभावना है, क्योंकि बीते करीब चार वर्षों से दिवाली के आसपास कीमतें कम रहती हैं. जबकि दिवाली के बाद कीमतों में उछाल आ जाता है.लॉन्ग टर्म निवेश से फायदा और 9 कैरेट के आभूषण: सर्राफा कारोबारी गौरव ने कहा कि सोने की खरीद के लिए मौजूदा समय बहुत अच्छा है, क्योंकि तीस प्रतिशत की कमी आ चुकी है. भले ही कीमतों में दो-चार प्रतिशत करेक्शन आ जाए लेकिन अभी गोल्ड की खरीदारी करना उचित है. उन्होंने कीमतों के अनुसार आभूषण दिखाते हुए बताया कि आम और खास, सभी के लिए बाजार में गोल्ड आइटम मौजूद हैं. हर कोई अपने बजट के और अपनी पसंद के अनुसार खरीदारी कर सकता है. यहां उन्होंने बताया कि बाजार में वह 18 कैरेट और 9 कैरेट चुड़ियां भी ला रहे हैं. उन्होंने सोने के बाजार में लॉन्ग टर्म निवेश के लिहाज से काफी फायदा बताया.लंबी अवधि के निवेशकों के लिए कम कीमत पर सोना (गोल्ड ईटीएफ या डिजिटल गोल्ड) खरीदने का बढ़िया अवसर होता है, जिससे वे अपनी निवेश राशि धीरे-धीरे बढ़ा सकते हैं.कीमतें घटने से खुदरा बाजार में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ती है, जिससे आभूषणों की बिक्री में तेजी आती है.यदि किसी ने सोना गिरवी रखकर लोन लिया है, तो सोने के दाम घटने पर बैंक या वित्तीय संस्थान सोने का नया मूल्यांकन कम करते हैं, जिससे पात्र ऋण राशि घट जाती है.जिन लोगों ने ऊंची कीमतों पर सोना खरीदा है, उनके पोर्टफोलियो की वैल्यू अस्थायी रूप से कम हो जाती है.सोने की कीमतों में गिरावट अमूमन मजबूत डॉलर, बढ़ती ब्याज दरों या वैश्विक आर्थिक दबाव को सांकेतिक करती हैं, जो व्यावसायिक क्षेत्रों को प्रभावित करती हैं. 12 साल पहले विजयादशमी के अवसर पर 'मन की बात' शुरू की थी: पीएम मोदी आप मिस तो नहीं कर रहे गोल्ड खरीदने का सही मौका?। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
मसाज गन का गलत तरीके से इस्तेमाल हो सकता है बेहद खतरनाक!। डॉक्टर से जानिए शरीर के किन अंगों पर नहीं करना चाहिए यूज MS Dhoni ने RCB पर दिया बड़ा बयान, 'वो शानदार क्रिकेट खेल रहे है' Samsung Exynos 2700 ने Snapdragon 8 Elite को छोड़ा पीछे, 20% तक निकला आगे: रिपोर्ट।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | आप मिस तो नहीं कर रहे गोल्ड खरीदने का सही मौका? कीमतों |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | पंचकूला |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 80 हजार, 60 प्रतिशत, 600 रु, 12 साल |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
विभागीय स्तर पर प्राथमिक जांच रिपोर्ट तैयार कर ली गई है और उच्चाधिकारियों को पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी भेज दी गई है। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों और संबंधित पक्षों से भी आवश्यक जानकारी व साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए संबंधित विभाग और प्रशासन की ओर से आवश्यक एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर भी स्थिति पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून व्यवस्था व जनसुविधा पूरी तरह चाक-चौबंद बनी रहे।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





