हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Haryana news : हरियाणा में बिजली निगम के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन अब कटने जा रहे हैं।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
जींद जिला प्रदेश में बिजली बिल डिफाल्टरों की सूची में प्रदेश में पहले स्थान पर है।। प्रत्येक सब डिवीजन को प्रतिदिन 50 डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटने या उनके बिल जमा करवाने का लक्ष्य दिया गया है।। पूरे जींद सर्कल में 35 हजार से ज्यादा कनेक्शन उपभोक्ताओं पर 800 करोड़ रुपये से ज्यादा बिजली बिल बकाया है।। वहीं 700 करोड़ रुपये से ज्यादा राशि उन उपभोक्ताओं की तरफ बकाया है, जिनके बिल नहीं भरने की वजह से पहले ही कनेक्शन कट चुके हैं।।
| अभियान / राजनीतिक बिंदु | विस्तृत विवरण व स्थिति |
|---|---|
| अभियान / कार्यक्रम का नाम | बिजली के डिफाल्टर उपभोक्ताओं के कटेंगे कनेक्शन, 1 नवंबर |
| आयोजक दल / संगठन | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| तय तारीख / प्रमुख आंकड़े | 1 नवंबर, 35 हजार, 800 करोड़, 700 करोड़ |
| कार्यक्षेत्र व ज़िले | जींद |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
डिफाल्टर उपभोक्ता शहर की बजाय गांवों में ज्यादा हैं।। जो लंबे समय से बिजली बिल नहीं भर रहे हैं।। कनेक्शन कटने के बाद सीधे कुंडी कनेक्शन से बिजली प्रयोग करते हैं।। गर्मियों में एसी और सर्दियों में हीटर व राड चलाते हैं।। बिजली चोरी की वजह से लाइन लोस भी ज्यादा रहता है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम और संगठनात्मक गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी रणनीतियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर टिकी हुई हैं।
ज्यादा लाइन लोस की वजह से ही जींद सर्कल में 295 गांवों में से केवल 39 गांवों में जगमग योजना के तहत शहर की तर्ज पर बिजली मिलती है।। जबकि कई जिलों में लगभग सभी गांवों में शहर की तर्ज पर बिजली मिल रही है।। बिजली निगम का प्रयास बकाया बिलों की रिकवरी, बिजली चोरी रोक कर लाइन लोस कम करने पर है।। निगम की तरफ से बिजली चोरी पकड़ने का भी अभियान चलाया जाता है।। टीमें कर दी गई हैं गठित : एसई दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम जींद सर्कल अधीक्षक अभियंता विनोद पूनिया ने कहा कि बकाया बिजली बिलों की रिकवरी के लिए एक नवंबर से विशेष अभियान शुरू कर रहे हैं।। जिन उपभोक्ताओं पर बिल बकाया ज्यादा है, उनको चिह्नित किया गया है।। टीमें गठित की जा चुकी हैं।। प्रत्येक सब डिवीजन को प्रतिदिन 50 कनेक्शन काटने का लक्ष्य दिया गया है।। जिन उपभोक्ताओं का बिजली बिल बकाया है, वे बिल जमा करवा दें।। ताकि बिजली कनेक्शन कटने से होने वाली असुविधा से बच सकें।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





