देश की लोकतांत्रिक प्रणाली और चुनावी निष्पक्षता के सवाल पर विपक्षी दलों ने निर्वाचन आयोग के खिलाफ तीखा रुख अख्तियार कर लिया है। हरियाणा कांग्रेस के प्रभारी संजय दत्त तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने संयुक्त रूप से यह ऐलान किया है कि 1 नवंबर को नई दिल्ली स्थित ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की विशाल महारैली का आयोजन किया जाएगा। इस रैली का मुख्य एजेंडा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने, चुनावी प्रणाली में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और मतदाता सूचियों में कथित विसंगतियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना होगा।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मतदाता सूची की शुद्धता और हर नागरिक के मताधिकार की रक्षा लोकतंत्र की बुनियादी नींव है, जिससे किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जा सकता। पार्टी द्वारा संचालित दो महीने का 'वोट बचाओ-देश बचाओ' अभियान अब अपने सबसे निर्णायक दौर में पहुंच गया है। इसके तहत हरियाणा के सभी 22 जिलों, विभिन्न ब्लॉकों और ग्रामीण स्तर के बूथों पर संगठनात्मक तंत्र को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है ताकि आगामी महारैली में राज्य से लाखों की संख्या में भागीदारी सुनिश्चित कराई जा सके।
मतदाता सूची पुनरीक्षण पर उठे गंभीर सवाल और कानूनी कार्रवाई की तैयारी
प्रेस वार्ता के दौरान कांग्रेस पदाधिकारियों ने निर्वाचन आयोग के कामकाज और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया पर कड़े आक्षेप लगाए। नेताओं ने आरोप लगाया कि पुनरीक्षण अभियान की आड़ में सुनियोजित तरीके से लाखों पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की आशंकाएं सामने आई हैं। कांग्रेस का मानना है कि जब तक वर्तमान मुख्य चुनाव आयुक्त अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक गारंटी पर सवालिया निशान लगा रहेगा।
नेताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि जांच में यह प्रमाणित होता है कि किसी संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति ने नियमों की अनदेखी कर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है, तो उनके खिलाफ दंडात्मक कानूनी प्रावधानों के तहत मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी की जानी चाहिए। केवल चुनाव करा देना ही लोकतंत्र की सफलता नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक को बिना किसी भेदभाव के मतदान का निष्पक्ष अवसर मिलना अनिवार्य है।
| प्रमुख बिंदु | विवरण व कांग्रेस की कार्ययोजना |
|---|---|
| प्रस्तावित महारैली स्थल | रामलीला मैदान, नई दिल्ली |
| आयोजन की तिथि | 1 नवंबर (इंडिया गठबंधन का संयुक्त मंच) |
| मुख्य मांग | मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाना व विसंगतियों की कानूनी जांच |
| हरियाणा में संगठनात्मक ढांचा | AICC पर्यवेक्षकों की 26 नवंबर तक तैनाती |
| डिजिटल निगरानी टूल | 'वोट रक्षक' पोर्टल के जरिए बूथ सत्यापन |
| राष्ट्रीय वॉर रूम हेल्पलाइन | 95608 22897 (अत्यावश्यक मामलों के लिए) |
बूथ स्तर पर 'वोट रक्षक' पोर्टल से होगा दस्तावेजों का सत्यापन
मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों को दस्तावेजी प्रमाण के साथ उजागर करने के लिए कांग्रेस ने बूथ स्तर पर गहन सत्यापन अभियान शुरू किया है। जिला कांग्रेस कमेटियों (DCC) और ब्लॉक कांग्रेस कमेटियों (BCC) के कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से तैयार किए गए 'वोट रक्षक' पोर्टल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस डिजिटल तंत्र के माध्यम से तीसरे चरण में हटाए गए नामों की जमीनी पड़ताल की जाएगी और संबंधित नागरिकों के हस्ताक्षरित हलफनामे जुटाए जाएंगे।
सभी ब्लॉक कार्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे हटाए गए नामों के रिकॉर्ड, पहचान पत्र और आवश्यक दस्तावेजों की फाइलें संकलित कर जिला स्तर पर सुरक्षित रखें। इस तथ्यात्मक डेटाबेस का उपयोग न केवल जनता को जागरूक करने के लिए किया जाएगा, बल्कि आवश्यकता पड़ने पर इसे कानूनी मंचों और शीर्ष अदालत के समक्ष भी पेश किया जाएगा।
"चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा करना लोकतंत्र की पहली शर्त है। मतदाता सूचियों में की जा रही गड़बड़ियों पर आंखें मूंदकर नहीं बैठा जा सकता; हम इस मुद्दे को सड़क से लेकर अदालत तक निर्णायक मुकाम तक ले जाएंगे।"
— राव नरेंद्र सिंह, अध्यक्ष, हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी
संगठनात्मक निगरानी और AICC वॉर रूम को भेजी जाएगी साप्ताहिक रिपोर्ट
आंदोलन की निरंतरता और कार्यकर्ताओं की जवाबदेही तय करने के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी ने 26 नवंबर तक सभी संगठनात्मक जिलों में AICC पर्यवेक्षकों की नियुक्ति कर दी है। ये पर्यवेक्षक सांसदों, विधायकों, पूर्व जन प्रतिनिधियों और अग्रणी संगठनों के साथ समन्वय बनाकर काम करेंगे। प्रत्येक पर्यवेक्षक को अपने आवंटित जिले का सघन दौरा करने और स्थानीय स्तर पर किसी भी संगठनात्मक मतभेद को तत्काल सुलझाने का दायित्व सौंपा गया है।
जमीनी गतिविधियों, विरोध प्रदर्शनों और विसंगतियों के संकलन की प्रगति रिपोर्ट हर सोमवार को नई दिल्ली स्थित AICC राष्ट्रीय वॉर रूम को भेजी जाएगी। अभियान के तीसरे चरण की समीक्षा 28 नवंबर और चौथे चरण की समीक्षा 29 नवंबर तक पूरी की जाएगी। आपातकालीन समन्वय और कार्यकर्ताओं की सहायता के लिए AICC कनेक्ट सेंटर का विशेष हेल्पलाइन नंबर 95608 22897 भी सार्वजनिक कर दिया गया है।
प्रशासनिक जवाबदेही और आगे का रणनीतिक रुख
कांग्रेस नेतृत्व ने साफ किया है कि 12 अक्टूबर को दिल्ली में आयोजित 'लोकतंत्र के लिए मार्च' और सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिकाओं के बाद अब दबाव को और तेज किया जाएगा। 1 नवंबर की महारैली के माध्यम से विपक्षी दल केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर संस्थागत सुधारों के लिए दबाव बनाएंगे। हरियाणा से दिल्ली कूच करने के लिए प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में विशेष समन्वयकों की सूची जारी कर दी गई है, जिससे आने वाले दिनों में राज्य का सियासी पारा और चढ़ना तय माना जा रहा है।





