हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): भिवानी के चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल की ओपीडी अब फिर से शुरू हो गई है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
जो पिछले करीब डेढ़ साल से बंद थी।। अस्पताल के डॉक्टर मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट करने के कारण यह ओपीडी बंद थी, लेकिन अब फिर से यहां फिलहाल ओपीडी में 7 डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है।। जिसमें एक डॉक्टर हड्डी का, 2 डॉक्टर सर्जरी के, एक डॉक्टर ईएनटी का, 2 डॉक्टर आंखों के और एक डॉक्टर स्कीन का शामिल हैं।। इसके अलावा डेंटल की ओपीडी चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल की बिल्डिंग में ही चल रही है।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | भिवानी के अस्पताल में फिर से ओपीडी शुरू |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | भिवानी |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
जिसमें 8 डॉक्टर नियुक्त हैं।। अब अन्य विभागों के डॉक्टर भी अस्पताल की ओपीडी में उपलब्ध रहेंगे।। ओपीडी अप्रैल 2025 में हुई थी बंद चौधरी बंसीलाल नागरिक अस्पताल के पीएमओ डॉ. बलवान सिंह ने बताया कि अप्रैल 2025 में अस्पताल के डॉक्टरों को मेडिकल कॉलेज की नई बिल्डिंग में शिफ्ट कर दिया था।। ताकि मेडिकल कॉलेज को सुचारू रूप से चलाया जा सके।। इसके अलावा अन्य स्टॉफ भी वहां पर शिफ्ट किया गया था, लेकिन अस्पताल की ओपीडी बंद हो गई थी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
अब फिर से 7 डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है, जिससे कि अस्पताल की ओपीडी में भी मरीजों को सुविधाएं मिल सके।। मेडिकल कॉलेज में 110 कर्मी तैनात उन्होंने बताया कि अस्पताल में ही 400 बेड वार्डों में मरीजों के लिए उपलब्ध हैं।। उन्होंने कहा कि अस्पताल के करीब 110 कर्मचारी भी मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी दे रहे हैं, जिसके कारण अस्पताल का काम भी प्रभावित हो रहा है।। जिसमें चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी से लेकर नर्सिंग ऑफिसर व अन्य कर्मचारी शामिल हैं।। This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





