हरियाणा के झज्जर जिले के बेरी-गोच्छी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है, जहां माता भीमेश्वरी देवी के दर्शन करने जा रहा एक परिवार भीषण सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया। इस हादसे में कार में सवार सास और बहू की मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। इस हृदय विदारक घटना के बाद पूरे परिवार और उनके पैतृक गांव में मातम पसर गया है। एक तरफ जहां परिवार धार्मिक यात्रा की खुशी और उत्साह के साथ घर से निकला था, वहीं कुछ ही पन्नों में यह यात्रा एक कभी न भूलने वाले गहरे सदमे और दुख में तब्दील हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोनीपत जिले के ठस्का म्हारा गांव निवासी हैप्पी अपनी मां मुनेश, पत्नी कोमल और अन्य पारिवारिक सदस्यों के साथ अपनी कार में सवार होकर बेरी स्थित प्रसिद्ध माता भीमेश्वरी देवी के मंदिर में माथा टेकने के लिए आ रहे थे। सफर के दौरान अभी उनका वाहन बेरी-गोच्छी मार्ग पर नहर के पास ही पहुंचा था कि अचानक चालक का नियंत्रण कार से छूट गया। अनियंत्रित हुई तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े एक विशाल पेड़ से जोरदार तरीके से जा टकराई। टक्कर इतनी भयानक थी कि कार के अगले हिस्से के परखच्चे उड़ गए और अंदर बैठे लोग गंभीर रूप से लहूलुहान हो गए।
सड़क हादसे का सिलसिलेवार घटनाक्रम और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हालात
घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कार की हालत बेहद खराब थी और उसमें सवार महिलाएं बुरी तरह फंसी हुई थीं। स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को तुरंत कार से बाहर निकाला गया और एम्बुलेंस की सहायता से नजदीकी अस्पतालों के लिए रवाना किया गया। हादसे की भीषणता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टक्कर के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई थी और सड़क पर यातायात भी कुछ समय के लिए बाधित हो गया था।
दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हुई सास मुनेश को तुरंत उपचार के लिए डीघल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया गया, जबकि बहू कोमल की गंभीर हालत को देखते हुए उसे सीधे पंडित भगवत दयाल शर्मा पीजीआईएमएस रोहतक रेफर किया गया। हालांकि, दोनों ही अस्पतालों में डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद सास और बहू अपनी जिंदगी की जंग हार गईं और इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। एक ही परिवार की दो महिलाओं की अचानक हुई इस मौत ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।
| घटना का विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| घटना का स्थान | बेरी-गोच्छी मार्ग (नहर के पास), झज्जर, हरियाणा |
| मृतकों के नाम | मुनेश (सास) और कोमल (बहू) |
| मूल निवास स्थान | गांव ठस्का म्हारा, जिला सोनीपत |
| उद्देश्य | माता भीमेश्वरी देवी (बेरी) के दर्शन करना |
| अस्पताल जहां हुआ पोस्टमार्टम | नागरिक अस्पताल झज्जर (मुनेश) एवं पीजीआईएमएस रोहतक (कोमल) |
| जांच अधिकारी एवं थाना | आरती, बेरी थाना |
पुलिस प्रशासन की कार्रवाई और शवों का पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस तुरंत हरकत में आई और बेरी थाने से जांच अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहन को अपने कब्जे में लिया और यातायात को सुचारू कराया। पुलिस टीम ने दोनों अस्पतालों में पहुंचकर मृतकों के शवों को अपने कब्जे में लिया और कानूनी औपचारिकताएं पूरी कीं। पुलिस की निगरानी में ही दोनों मृतकों के पोस्टमार्टम की प्रक्रिया अलग-अलग अस्पतालों में संपन्न कराई गई।
जांच अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कानूनी प्रक्रिया के तहत इत्तेफाकिया कार्रवाई (Inquest Proceedings) दर्ज की गई है। पुलिस यह भी तकनीकी जांच कर रही है कि आखिर कार अचानक अनियंत्रित कैसे हुई—क्या गाड़ी की रफ्तार ज्यादा थी, कोई अचानक सामने आ गया था या फिर ड्राइवर को झपकी आई थी। पुलिस ने दुर्घटना स्थल का मुआयना करने के बाद साक्ष्य जुटाए हैं और मामले के सभी पहलुओं की गहराई से पड़ताल की जा रही है।
"बेरी-गोच्छी मार्ग पर एक कार के अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराने की सूचना मिली थी। इस हादसे में गंभीर रूप से घायल हुईं सास मुनेश और बहू कोमल की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतका मुनेश का पोस्टमार्टम झज्जर के नागरिक अस्पताल में और कोमल का पीजीआईएमएस रोहतक में करवाया गया है। मामले में नियमानुसार इत्तेफाकिया कार्रवाई अमल में लाई जा रही है।" - आरती, जांच अधिकारी, बेरी थाना
सड़क सुरक्षा और स्थानीय जनजीवन पर हादसे का प्रभाव
इस मರ್ಮस्पर्शी हादसे ने एक बार फिर हरियाणा के ग्रामीण और संपर्क मार्गों पर वाहन चालकों की सुरक्षा और तेज रफ्तार के खतरों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेरी-गोच्छी मार्ग पर अक्सर वाहनों की गति तेज होती है और सड़क किनारे सुरक्षात्मक उपायों की कमी के कारण ऐसे हादसे लगातार सामने आ रहे हैं। इस दुखद घटना के बाद ठस्का म्हारा गांव सहित पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है। स्थानीय निवासियों और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रशासन और पुलिस लगातार अपील कर रहे हैं कि वाहन चलाते समय पूरी सतर्कता बरतें, सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से प्रयोग करें और गति सीमा का विशेष ध्यान रखें ताकि ऐसे हंसते-खेलते परिवारों को उजड़ने से बचाया जा सके।





