हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): भिवानी के एक निजी स्कूल में पांच माह की फीस बकाया होने पर दसवीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा का नाम काट दिया गया है।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। छात्रा के पिता ने उपायुक्त और समाधान शिविर में शिकायत देकर बेटी को दोबारा स्कूल में दाखिला दिलाने और स्कूल प्रबंधन व प्राचार्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है।। दिनोद रोड स्थित शास्त्री नगर कॉलोनी निवासी व्यक्ति ने शिकायत में बताया कि उसकी बेटी निजी स्कूल में दसवीं कक्षा की छात्रा है।। वह खुद भी 23 जून 2025 से 30 मई 2026 तक इसी विद्यालय में सुरक्षा गार्ड के पद पर कार्यरत था।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | भिवानी: 5 माह की फीस बकाया, 10वीं की छात्रा का स्कूल से नाम |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। विद्यालय की स्टाफ नीति के तहत उससे 9460 रुपये जमा करवाए गए थे जबकि शेष फीस माफ कर दी गई थी।। आरोप है कि नौकरी से हटाए जाने के बाद बेटी की बकाया फीस को लेकर उस पर दबाव बनाया जाने लगा।। 14 अक्तूबर को विद्यालय की ओर से नोटिस जारी कर बेटी का रोल नंबर रोकने और नाम काटने की चेतावनी दी गई थी।। इसके बाद दो नवंबर को जब बेटी स्कूल पहुंची तो उसे नाम काटे जाने की जानकारी दी गई।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। पिता ने आरोप लगाया कि पहले उसे नौकरी से निकाला गया और अब फीस जमा नहीं होने पर उसकी बेटी को भी प्रताड़ित किया जा रहा है।। स्कूल प्रबंधन का पक्ष : फीस जमा कराने पर दोबारा मिलेगा दाखिला विद्यालय की प्राचार्य कमला गुरेजा ने बताया कि दसवीं की छात्रा को मई तक फीस में छूट दी गई थी।। जून और जुलाई तक भी बच्ची को फीस माफी का लाभ दिया गया।। इसके बाद अगस्त से बकाया फीस जमा कराने के लिए अभिभावक को बार-बार नोटिस भेजे गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।।




