हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा पावर जनरेशन कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPGCL) ने अपने कर्मचारियों के तबादलों को डिजिटल बनाने के लिए "HPGCL ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी 2026" की अधिसूचना जारी कर दी है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
ट्रांसफर पॉलिसी से असिस्टेंट लाइनमैन, लाइनमैन, शिफ्ट अटेडेंट, असिस्टेंट शिफ्टअटेंडेंट, सब स्टेशन अटेंडेंट को शामिल नहीं किया गया है।। इसके अलावा असिस्टेंट, डिप्टी सुपरिटेंडेंट, सुपिरटेंडेंट को भी शामिल नहीं किया गया है।। HPGCL के पॉवर प्लांटों में करीब 1800 कर्मचारियों का स्टॉफ मौजूद है।। अब पढ़िए इस विस्तृत भास्कर एक्सप्लेनर में नई ट्रांसफर पॉलिसी से जुड़े हर सवाल का जवाब: सवाल 1: यह नीति क्यों लाई गई है और यह किन कर्मचारियों पर लागू होगी?।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | भास्कर एक्सप्लेनर |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | पंचकूला, रोहतक, चंडीगढ़ |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 15 सितंबर, 50% |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
उद्देश्य: HPGCL का मुख्य मकसद उपलब्ध मानव संसाधनों का सही उपयोग करना, प्रशासनिक दक्षता बढ़ाना, कर्मचारियों को संतुष्टि देना और जनहित में बेहतर सेवाएं प्रदान करना है।। यह नीति HPGCL के उन सभी नियमित कैडर कर्मचारियों पर लागू होगी, जिनकी स्वीकृत संख्या 50 या उससे अधिक है।। इसमें फील्ड पोस्टिंग के साथ-साथ मुख्यालय के सभी पद भी शामिल रहेंगे।। सवाल 2: कर्मचारियों को ट्रांसफर प्रक्रिया के आधार पर किन श्रेणियों में बांटा गया है?। जवाब: कर्मचारियों को कुल 7 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है: सवाल 4: विशेष कारकों के तहत किसे कितने अंक मिलेंगे?।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
सवाल 5: किन गंभीर बीमारियों को विशेष छूट के दायरे में रखा गया है?। शर्त: इसके लिए AIIMS, PGI चंडीगढ़/रोहतक या हरियाणा/दिल्ली/चंडीगढ़ के सरकारी मेडिकल कॉलेज के मेडिकल बोर्ड का प्रमाण पत्र अनिवार्य है।। सवाल 6: क्या अनुशासनहीनता या पेनल्टी पर अंक काटे जाने का प्रावधान है?। जवाब:, यदि किसी कर्मचारी पर HCS (Punishment & Appeal) Rules 2016 के तहत मेजर पेनल्टी की कार्रवाई चल रही है और सजा प्रभावी है, तो उसके मेरिट में से 10 अंक काटे जाएंगे।। सवाल 7: मेरिट में टाई (Tie) होने पर फैसला कैसे होगा?। जवाब: यदि दो या अधिक कर्मचारियों के मेरिट अंक समान हो जाते हैं, तो वरीयता का क्रम इस प्रकार होगा: सवाल 9: पूरी ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया किन 8 चरणों में संपन्न होगी?। सवाल 10: राशनलाइजेशन प्रक्रिया में अतिरिक्त कर्मचारियों की पहचान कैसे होगी?। जवाब: जिस यूनिट में आवश्यकता से अधिक कर्मचारी होंगे, वहां सबसे लंबे समय तक टिके कर्मचारी को पहले सरप्लस माना जाएगा।स्टे समान होने पर उम्र में छोटे कर्मचारी को सरप्लस माना जाएगा।। प्रोटेक्टेड कैटेगरी के कर्मचारियों को उनकी सहमति के बिना सरप्लस में विस्थापित नहीं किया जाएगा (जब तक कि यूनिट के कुल सरप्लस में उनकी संख्या 50% से अधिक न हो)।। सवाल 12: क्या ऑनलाइन ट्रांसफर ड्राइव न चलने के दौरान भी किसी विशेष परिस्थिति में तबादला संभव है?। सवाल 13: यदि कोई कर्मचारी गलत डेटा भरता है या राजनीतिक सिफारिश लगवाता है तो क्या कार्रवाई होगी?। This website follows the DNPA Code of Ethics.।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





