हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा में दशहरा के बाद पराली जलाने के मामलों में बढ़ोतरी हुई है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इसके बाद 21 अक्तूबर से 1 नवंबर तक 12 दिनों में 33 नए मामले दर्ज किए गए।। रविवार को सात नए मामले सामने आने के साथ ही इस सीजन में पराली जलाने के कुल मामलों की संख्या 42 हो गई है।। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के आंकड़ों के अनुसार, रविवार को हांसी और अंबाला में दो-दो मामले सामने आए।। अंबाला जिले के अंबाला और साहा क्षेत्रों में मामले चिह्नित किए गए।।
| समाचार बिंदु | ताज़ा विवरण व स्थिति |
|---|---|
| मुख्य घटनाक्रम | हरियाणा में पराली जलाने के मामले बढ़े |
| संबंधित क्षेत्र / ज़िला | अंबाला, कुरुक्षेत्र, कैथल |
| संबंधित संस्था / विभाग | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| प्रमुख तथ्य व आंकड़े | 20 अक्तूबर, 21 अक्तूबर, 1 नवंबर, 31 अक्तूबर |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
इसके अलावा जींद के पीलूखेड़ा, कैथल के पुंडरी और कुरुक्षेत्र के बबैन में एक-एक मामला दर्ज किया गया।। अब तक सर्वाधिक मामले 28 और 31 अक्तूबर को सामने आए।। इन दोनों दिनों में छह-छह स्थानों पर पराली जलाई गई।। जिलेवार आंकड़ों में पलवल सात मामलों के साथ सबसे आगे है, जबकि कैथल में अब तक पांच मामले सामने आए हैं।। कैथल के नागल गांव में किसान जितेंद्र सिंह के खेत में फसल अवशेष जलाने की पुष्टि हुई है।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
इस पूरे मामले का स्थानीय नागरिकों और संबंधित क्षेत्र के लोगों पर सीधा और व्यापक प्रभाव देखा जा रहा है। जनहित को प्राथमिकता देते हुए प्रशासनिक तंत्र ने सभी संबंधित अधिकारियों को फील्ड में सक्रिय रहने और किसी भी तरह की समस्या का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए हैं।
विभाग ने किसान पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।। इससे पहले मटौर गांव में भी पराली जलाने का मामला सामने आया था।। राज्य में 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी राज्य में तीन बार हुई बारिश के कारण धान की कटाई का काम लगातार प्रभावित हो रहा है।। अब तक 59.87 प्रतिशत धान की कटाई पूरी हो चुकी है।। इसमें बासमती धान की 43.96 प्रतिशत और गैर-बासमती धान की 66.15 प्रतिशत कटाई हुई है।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





