बुधवार, 28 अक्टूबर 2026
सोनीपतब्रेकिंग

सोनीपत नगर निगम के JE पर रिश्वत मांगने का आरोप: प्रॉपर्टी ID बनवाने के मांगे ₹10 हजार; 3 महीने बाद मांगा डेवलपमेंट चार्ज - Sonipat News

सोनीपत नगर निगम में भ्रष्टाचार, अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही और आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर कटवाने के आरोप लगाते हुए आयुक्त से शिकायत की गई है।।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
28 अक्टूबर 2026 को 06:22 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
शेयर करें:
सोनीपत नगर निगम के JE पर रिश्वत मांगने का आरोप:  प्रॉपर्टी ID बनवाने के मांगे ₹10 हजार; 3 महीने बाद मांगा डेवलपमेंट चार्ज - Sonipat News
दैनिकरियलिटी
सोनीपत
दैनिक रियलिटी विशेष कवरेज
dainikreality.in
फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •सोनीपत नगर निगम में भ्रष्टाचार, अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही और आम लोगों को कार...
  • •प्रशासनिक व संबंधित विभाग ने मामले पर लिया त्वरित संज्ञान, जांच जारी।
  • •सोनीपत सहित प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर रखी जा रही है निरंतर नजर।
  • •विस्तृत तथ्यों व अग्रिम अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): सोनीपत नगर निगम में भ्रष्टाचार, अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही और आम लोगों को कार्यालयों के चक्कर कटवाने के आरोप लगाते हुए आयुक्त से शिकायत की गई है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।

मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?

वहीं आप नेता विमल किशोर ने निगम कमिश्नर को दी शिकायत में बताया गया है कि 13 जुलाई को नई पीआईडी बनवाने के लिए आवेदन किया गया था, जिसे दो महीने बाद रिजेक्ट कर दिया गया।। इसके बाद दोबारा आवेदन करने और निगम आयुक्त से शिकायत करने के बाद 26 अक्टूबर को मामला लेवल-2 पर भेजा गया।। शिकायतकर्ता ने पूरे मामले की जांच करवाकर संबंधित जेई के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।। शिकायत के अनुसार, नई प्रॉपर्टी आईडी बनवाने के लिए 13 जुलाई 2026 को आवेदन संख्या 0502348742105 किया गया था।।

अभियान / राजनीतिक बिंदुविस्तृत विवरण व स्थिति
अभियान / कार्यक्रम का नामसोनीपत नगर निगम के JE पर रिश्वत मांगने का आरोप
आयोजक दल / संगठनसंबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन
तय तारीख / प्रमुख आंकड़े10 हजार, 13 जुलाई, 26 अक्टूबर, 12 सितंबर
कार्यक्षेत्र व ज़िलेसोनीपत

अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?

करीब दो महीने बाद 12 सितंबर को आवेदन यह कहते हुए रिजेक्ट कर दिया गया कि पुरानी पीआईडी में नाम बदलवाया जाए।। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आवेदन के संबंध में नगर निगम के कई चक्कर लगाने के बाद जब जेई विपिक राणा से मुलाकात हुई तो उन्होंने कथित तौर पर 10 हजार रुपए रिश्वत की मांग की।। विजिलेंस से संपर्क करने पर मांगी रिश्वत शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि रिश्वत मांगने के मामले में विजिलेंस से संपर्क करने के बाद वह रिकॉर्डिंग के लिए उपकरण लेकर दोबारा जेई के पास पहुंचा।। शिकायत के मुताबिक, जेई को शिकायतकर्ता विमल किशोर के बारे में पता चल गया।। इसके बाद रिश्वत के संबंध में कोई बातचीत नहीं हुई।।

'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी

स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर

राजनीतिक गलियारों में इस पूरे घटनाक्रम और संगठनात्मक गतिविधि को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी रणनीतियों को लेकर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र की आम जनता और राजनीतिक विश्लेषकों की निगाहें भी इस फैसले के दूरगामी परिणामों पर टिकी हुई हैं।

आरोप है कि कुछ समय बाद आवेदन को रिजेक्ट कर दिया गया।। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।। दोबारा आवेदन के बाद भी कटवाए चक्कर पहला आवेदन रिजेक्ट होने के बाद 13 सितंबर को आवेदन संख्या 0502349123902 के तहत दोबारा आवेदन किया गया।। शिकायतकर्ता के अनुसार, इस पर भी कार्रवाई नहीं हुई, तो 29 सितंबर को नगर निगम आयुक्त से मिलकर शिकायत दी गई।। इसके बाद संबंधित जेई ने प्रक्रिया आगे बढ़ाई, लेकिन शिकायतकर्ता को कभी जेईटीओ तो कभी क्लर्क सहित अन्य कर्मचारियों के पास भेजा जाता रहा।। शिकायत में बताया गया है कि करीब साढ़े तीन महीने बाद 26 अक्टूबर को रात 8 बजे आवेदन पर डेवलपमेंट चार्ज की मांग लगाकर उसे लेवल-2 पर भेज दिया गया।। जेई पर अभद्रता और धमकी देने का आरोप शिकायत के मुताबिक, 27 अक्टूबर को शिकायतकर्ता ने जेई विपिक राणा से मिलकर साढ़े तीन महीने तक चक्कर कटवाने का कारण पूछा।। आरोप है कि इस दौरान जेई ने अभद्रता की और शिकायतकर्ता को 'नौटंकी कर रहे हो' कहा।। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि जेई बाहर आकर झगड़ा करने पर उतारू हो गए और धमकी दी।। शिकायतकर्ता का दावा है कि इस घटनाक्रम की रिकॉर्डिंग उसके पास मौजूद है।। इस मामले में शिकायतकर्ता ने 27 अक्टूबर को ही नगर निगम आयुक्त को डायरी संख्या R 9666 के तहत शिकायत दी थी।। अब ज्ञापन देकर मामले में कार्रवाई की मांग की गई है।। पहले रिजेक्ट, फिर उन्हीं दस्तावेजों पर मंजूरी कैसे मिली शिकायतकर्ता ने आवेदन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि 13 जुलाई को किए गए आवेदन को 12 सितंबर को रिजेक्ट किया गया, जबकि बाद में उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।। शिकायत के अनुसार, आयुक्त और एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर के समक्ष मामला उठाने के बाद आवेदन को मंजूरी दी गई।। शिकायतकर्ता ने सवाल उठाया कि यदि दस्तावेज सही थे तो पहले आवेदन को दो महीने बाद रिजेक्ट क्यों किया गया और यदि दस्तावेजों में कमी थी तो उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बाद में मंजूरी कैसे दी गई?। उसने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कराने और यह पता लगाने की मांग की है कि आवेदन को पहले रिजेक्ट करने के पीछे कोई अनुचित मंशा तो नहीं थी।। काम की समय सीमा तय करने की मांग ज्ञापन में नगर निगम में आम लोगों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के जनता से मिलने का समय निर्धारित करने की मांग की गई है।। साथ ही, प्रत्येक कार्य को पूरा करने की समय सीमा तय करने और अधिकारियों-कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग उठाई गई है।। शिकायतकर्ता ने जनता से मिलने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों के कमरों में ऑडियो रिकॉर्डिंग की सुविधा वाले सीसीटीवी कैमरे लगवाने की भी मांग की है, ताकि कार्यालयों में होने वाली बातचीत और कामकाज की निगरानी की जा सके।। जेई के खिलाफ कार्रवाई और पूरे मामले की जांच की मांग ज्ञापन के माध्यम से नगर निगम आयुक्त से मांग की गई है कि रिश्वत मांगने, अभद्रता करने और धमकी देने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए।। जांच में आरोप सही पाए जाने पर जेई विपिक राणा के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए।। साथ ही, शिकायतकर्ता के आवेदन को पहले रिजेक्ट करने और बाद में उसी दस्तावेजी आधार पर आगे बढ़ाने के कारणों की भी जांच की जाए, ताकि जिम्मेदारी तय हो सके और आम लोगों को नगर निगम के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।। This website follows the DNPA Code of Ethics.।

आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम

आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।

इस खबर को अपने दोस्तों व ग्रुप्स में शेयर करें:
व्हाट्सएप
नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

लेखक प्रोफाइल व सभी खबरें →

नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

संपादकीय प्राथमिकता:निष्पक्ष खबरेंतथ्यपरक जानकारीसरल हिंदीपाठकों का विश्वास
सोनीपत नगर निगम के JE पर रिश्वत मांगने का आरोप: प्रॉपर्टी ID बनवाने के मांगे ₹10 हजार; 3 महीने बाद मांगा डेवलपमेंट चार्ज - Sonipat News | दैनिक रियलिटी