हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा के झज्जर के रोहद टोल प्लाजा के पास 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने के मामले में रोहतक STF की जांच में नए खुलासे हुए हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।
विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट
इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। जांच में सिरसा के महक गन हाउस मालिक आरोपी विजय मलिक की भूमिका सामने आई है।। पुलिस को उसके तार कारतूसों की खेप मंगवाने वाले पुलिस के अनुसार, विजय पंचकूला, चंडीगढ़ और हरियाणा के अन्य स्थानों से कारतूस खरीदकर लाता था।। अधिक मुनाफे के लालच में इस नेटवर्क में 4 से 5 अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है।।
| परियोजना / जनसुविधा | डिपो / विभाग व लाभ |
|---|---|
| योजना / जनसुविधा | झज्जर के 25 हजार जिंदा कारतूस केस में खुलासा: गन हाउस मालिक |
| संबंधित विभाग | राज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण |
| नागरिक लाभ | सुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं |
स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ
स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि विजय के पास न तो लाइसेंस था और न ही फर्म रजिस्टर्ड पाई गई है।। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि विजय का सरगना से संपर्क कैसे हुआ, वह अब तक कितने कारतूस बेच चुका है और पहले किन लोगों को सप्लाई की गई।। 25 हजार कारतूस की डील किसने कराई और कितनी रकम में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।। पुलिस खत्म होने पर दोबारा मांगेगी रिमांड पुलिस के अनुसार, विजय मलिक पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं दे रहा है।।
प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन
आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।
शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम
विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उसका 2 दिन का पुलिस रिमांड शनिवार को खत्म हो रहा है।। ऐसे में STF उसे कोर्ट में पेश कर 2 से 3 दिन का अतिरिक्त रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है, ताकि कारतूसों की खरीद और सप्लाई से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।। आरोपी विजय के पास करीब 50 साल पुराना गन हाउस बताया जा रहा है।। समय-समय पर फर्म के नाम बदले गए।।





