रविवार, 8 नवंबर 2026
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झज्जर के 25 हजार जिंदा कारतूस केस में खुलासा: गन हाउस मालिक पंचकूला से लाता था, फोन पर करता डील, नेटवर्क खंगाल रही STF

हरियाणा के झज्जर के रोहद टोल प्लाजा के पास 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने के मामले में रोहतक STF की जांच में नए खुलासे हुए हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधि।

नीरज अहलावत
वरिष्ठ पत्रकार एवं मुख्य संपादक
7 नवंबर 2026 को 04:10 am बजे2 मिनट पठन0 व्यूज
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झज्जर के 25 हजार जिंदा कारतूस केस में खुलासा: गन हाउस मालिक पंचकूला से लाता था, फोन पर करता डील, नेटवर्क खंगाल रही STF
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फोटो: दैनिक रियलिटी विशेष डिजिटल डेस्कdainikreality.in

खबर की मुख्य बातें (Key Highlights)

  • •झज्जर के 25 हजार जिंदा कारतूस केस में खुलासा: गन हाउस मालिक पंचकूला से लाता था,
  • •प्रामाणिक तथ्यों और विकास, जनसुविधा व स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट।
  • •हरियाणा के संबंधित क्षेत्र व नागरिकों पर सीधा और सकारात्मक प्रभाव।
  • •ताज़ा व विश्वसनीय अपडेट्स के लिए दैनिक रियलिटी से जुड़े रहें।

हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): हरियाणा के झज्जर के रोहद टोल प्लाजा के पास 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद होने के मामले में रोहतक STF की जांच में नए खुलासे हुए हैं।। स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभाग द्वारा जनसुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है।

विकास कार्य / जनसुविधा का पूरा ब्योरा और रूट

इस पहल से क्षेत्र के नागरिकों को दैनिक आवागमन, प्रशासनिक कार्यों और मूलभूत सुविधाओं में बड़ा लाभ मिलेगा। जांच में सिरसा के महक गन हाउस मालिक आरोपी विजय मलिक की भूमिका सामने आई है।। पुलिस को उसके तार कारतूसों की खेप मंगवाने वाले पुलिस के अनुसार, विजय पंचकूला, चंडीगढ़ और हरियाणा के अन्य स्थानों से कारतूस खरीदकर लाता था।। अधिक मुनाफे के लालच में इस नेटवर्क में 4 से 5 अन्य लोगों के शामिल होने की आशंका है।।

परियोजना / जनसुविधाडिपो / विभाग व लाभ
योजना / जनसुविधाझज्जर के 25 हजार जिंदा कारतूस केस में खुलासा: गन हाउस मालिक
संबंधित विभागराज्य प्रशासन व स्थानीय प्राधिकरण
नागरिक लाभसुगम आवागमन व बेहतर सुविधाएं

स्थानीय नागरिकों और यात्रियों को मिलने वाला लाभ

स्थानीय नागरिकों और विभिन्न संगठनों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत करते हुए इसे जनहित में एक सार्थक प्रयास बताया है। जांच में यह भी सामने आया है कि विजय के पास न तो लाइसेंस था और न ही फर्म रजिस्टर्ड पाई गई है।। STF अब यह पता लगाने में जुटी है कि विजय का सरगना से संपर्क कैसे हुआ, वह अब तक कितने कारतूस बेच चुका है और पहले किन लोगों को सप्लाई की गई।। 25 हजार कारतूस की डील किसने कराई और कितनी रकम में हुई, इसकी भी जांच की जा रही है।। पुलिस खत्म होने पर दोबारा मांगेगी रिमांड पुलिस के अनुसार, विजय मलिक पूछताछ में ज्यादा जानकारी नहीं दे रहा है।।

प्रशासन की समय-सीमा और जमीनी क्रियान्वयन

आगामी दिनों में इस व्यवस्था के क्रियान्वयन की उच्चस्तरीय समीक्षा की जाएगी ताकि आम जनता को किसी भी तरह की असुविधा न हो।

शहरवासियों की प्रतिक्रिया और आगामी कदम

विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कार्यों की गुणवत्ता और समय-सीमा का विशेष ध्यान रखा जाए। उसका 2 दिन का पुलिस रिमांड शनिवार को खत्म हो रहा है।। ऐसे में STF उसे कोर्ट में पेश कर 2 से 3 दिन का अतिरिक्त रिमांड मांगने की तैयारी कर रही है, ताकि कारतूसों की खरीद और सप्लाई से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।। आरोपी विजय के पास करीब 50 साल पुराना गन हाउस बताया जा रहा है।। समय-समय पर फर्म के नाम बदले गए।।

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नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)

नीरज अहलावत (Neeraj Ahlawat)वरिष्ठ पत्रकार एवं संपादक

DainikReality.in | पानीपत, हरियाणा | 10+ वर्षों का डिजिटल पत्रकारिता अनुभव

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नीरज अहलावत हिंदी पत्रकारिता और डिजिटल समाचार प्रकाशन के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वे समाचारों की सटीकता, निष्पक्षता और पाठकों तक उपयोगी जानकारी पहुंचाने को प्राथमिकता देते हैं। DainikReality.in पर उनका फोकस हरियाणा की खबरों, समसामयिक घटनाओं, सरकारी योजनाओं और रोजगार पर तथ्यपरक विश्लेषण प्रस्तुत करना है।

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