हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Ration Card update : हरियाणा में राशन कार्डों में छंटनी लगातार जारी है।। सरकार की इस जनकल्याणकारी योजना का सीधा उद्देश्य जरूरतमंद परिवारों, महिलाओं और आम नागरिकों को आर्थिक व सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
योजना का उद्देश्य और नागरिकों को मुख्य लाभ
योजना के माध्यम से पात्र नागरिकों को वित्तीय सहायता, अनुदान व आवश्यक सुविधाएं सीधे उनके बैंक खातों (DBT) में भेजी जाएंगी। इस माह प्रदेश भर में 58 हजार 123 राशन कार्ड कम हुए हैं, जिनमें जींद जिले से 2821 राशन कार्ड भी कटे हैं।। बता दें कि खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार जून में जिले में कुल 2,25,447 राशन कार्ड थे, जबकि अक्टूबर में इनकी संख्या घटकर 2,22,626 रह गई।। जून से अक्टूबर के बीच राशन कार्डों की संख्या में करीब 1.25 प्रतिशत की कमी आई है।।
| योजना व जनहित बिंदु | महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश व लाभ |
|---|---|
| योजना का नाम | राशन कार्ड में छंटनी, हरियाणा में 58,123 राशन कार्ड कम हुए |
| लक्षित लाभार्थी | हरियाणा के पात्र नागरिक व परिवार |
| वित्तीय व सामाजिक लाभ | प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) व सरकारी सहायता |
| आवेदन माध्यम | ऑनलाइन पोर्टल / सीएससी केंद्र |
पात्रता की शर्तें एवं आवश्यक दस्तावेज
योजना का लाभ लेने के लिए हरियाणा का स्थायी निवासी होना, परिवार पहचान पत्र (Family ID / PPP) और आवश्यक आय प्रमाण पत्र होना अनिवार्य है। संबंधित विभाग द्वारा दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। विभागीय आंकड़ों के अनुसार जून में जिले में कुल 40,01,315 राशन कार्डों में से अक्टूबर में घटकर 39,43,192 रह गए।। इनमें अंत्योदय अन्न योजना के 50,818 राशन कार्ड शामिल हैं।। प्रदेश में भी इस दौरान 58,123 राशन कार्ड कम हुए हैं।। खाद्य एवं आपूर्ति विभाग की ओर से हर माह राशन कार्डों की जांच और पात्रता के आधार पर उनकी संख्या में कमी की जा रही है।।
आवेदन करने का तरीका और स्टेटस जांचने की प्रक्रिया
नागरिक अपने नजदीकी सीएससी सेंटर (CSC Center) अथवा अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से आसानी से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की स्थिति भी ऑनलाइन ट्रैक की जा सकती है।
प्रशासनिक व्यवस्था और लाभार्थियों को मिलने वाली राहत
प्रशासन ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना से जुड़े आवेदनों का समयबद्ध निस्तारण किया जाए ताकि किसी भी पात्र नागरिक को योजना के लाभ से वंचित न रहना पड़े। इस आधार पर अपात्र परिवारों को सरकारी राशन का लाभ नहीं दिया जाता है।। जून में जिले में 2,25,447 राशन कार्ड थे, जबकि अक्टूबर में घटकर 2,22,626 रह गए।। वहीं, अक्टूबर में जिले में 7,305 राशन कार्ड कम हुए हैं।। विभागीय अधिकारियों के अनुसार लोग अब स्वयं भी अपने राशन कार्ड सरेंडर कर रहे हैं।।





