हरियाणा (दैनिक Reality विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): फरीदाबाद: कभी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मुकाबलों के लिए पहचान रखने वाले फरीदाबाद के राजा नाहर सिंह स्टेडियम की तस्वीर अब बदलने वाली है. वर्षों से अधूरे पड़े इस स्टेडियम को आधुनिक खेल परिसर के रूप में विकसित करने की तैयारी तेज हो गई है. नगर निगम ने इसके पुनर्निर्माण के लिए 163 करोड़ रुपये की नई डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी है. इस बार योजना केवल क्रिकेट स्टेडियम तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यहां फुटबॉल, बैडमिंटन, वॉलीबॉल और एथलेटिक्स सहित कई खेलों की सुविधाएं विकसित की जाएंगी.खेल सुविधाओं के विस्तार पर रहेगा जोर: नगर निगम की नई योजना के तहत स्टेडियम को आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के रूप में तैयार किया जाएगा. क्रिकेट मैदान के साथ दूसरे खेलों के लिए भी अलग-अलग सुविधाएं विकसित होंगी. दर्शकों की सुविधा के लिए नए स्टैंड और सीटें लगाई जाएंगी. इसके अलावा पूरे स्टेडियम परिसर के चारों तरफ साइकिल ट्रैक बनाने की भी योजना है. निगम का उद्देश्य इसे ऐसा खेल केंद्र बनाना है, जहां एक साथ कई खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जा सकें.पुरानी एजेंसी पूरा करेगी अपने हिस्से का निर्माण: स्टेडियम में फिलहाल करीब 22 करोड़ रुपये की लागत से निर्माण कार्य शुरू कराए गए हैं. इनमें टाइल लगाने, पीओपी और अन्य जरूरी काम शामिल हैं. पुरानी निर्माण एजेंसी रंजीत बिल्डकॉन को अपने हिस्से के अधूरे काम पूरे करने हैं. इसके बाद शेष निर्माण कार्य के लिए नई एजेंसी का चयन किया जाएगा. नगर निगम की योजना के अनुसार, पहले चरण के काम को दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद दूसरे चरण का निर्माण शुरू होगा. पूरे स्टेडियम को वर्ष 2027 तक तैयार करने का लक्ष्य है.2015 में हुई थी जीर्णोद्धार की घोषणा: राजा नाहर सिंह स्टेडियम के पुनर्निर्माण की घोषणा वर्ष 2015 में तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने की थी. इसके बाद नगर निगम ने करीब 135 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया था. वर्ष 2018 में गुजरात की कंपनी रंजीत बिल्डकॉन को निर्माण का ठेका दिया गया. शुरुआत में काम आगे बढ़ा, लेकिन करीब दो साल बाद कंपनी ने बजट की कमी का हवाला देते हुए निर्माण बंद कर दिया. इसके बाद कोरोना महामारी के कारण भी परियोजना प्रभावित हुई. लंबे समय तक काम अटका रहने के बाद प्रदेश सरकार ने निर्माण की जिम्मेदारी नगर निगम को सौंप दी.फुटबॉल से लेकर स्विमिंग पूल तक की सुविधा: नई डीपीआर में क्रिकेट के अलावा कई खेलों को शामिल किया गया है. स्टेडियम परिसर में फुटबॉल मैदान, बैडमिंटन कोर्ट और वॉलीबॉल मैदान तैयार किए जाएंगे. इसके साथ एथलेटिक्स मैदान और स्विमिंग पूल भी प्रस्तावित हैं. स्टेडियम के चारों तरफ साइकिल ट्रैक बनाया जाएगा, जिससे साइकिलिंग के शौकीनों को भी सुविधा मिल सकेगी. इन सुविधाओं के विकसित होने से स्थानीय खिलाड़ियों को अभ्यास और प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर जगह उपलब्ध होगी.दर्शकों के लिए बनेंगे नए स्टैंड: दर्शकों के बैठने की व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए ईस्ट, वेस्ट और साउथ स्टैंड का निर्माण किया जाएगा. इन स्टैंड के ऊपर नई सीटें लगाई जाएंगी. वहीं, स्टेडियम में लगी फ्लड लाइटों की रोशनी भी बढ़ाई जाएगी. अभी इनका लक्स लेवल 1500 है, जिसे बढ़ाकर 3000 करने की योजना है. इससे रात के समय होने वाले मैच और खेल प्रतियोगिताओं के दौरान खिलाड़ियों और दर्शकों को बेहतर रोशनी मिल सकेगी.एलिवेटेड रोड के साथ स्टेडियम भी प्राथमिकता में: इस बारे में बड़खल विधायक धनेश अदलखा ने कहा कि, मेरी प्राथमिकताओं में सैनिक कॉलोनी मोड़ से ग्रेटर फरीदाबाद तक एलिवेटेड सड़क और राजा नाहर सिंह स्टेडियम का निर्माण शुरू कराना शामिल था. एलिवेटेड सड़क के टेंडर हो चुके हैं और स्टेडियम का काम भी शुरू करा दिया गया है. पहले चरण का काम दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इसके बाद दूसरे चरण का काम शुरू होगा. हमारी कोशिश है कि स्टेडियम का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए. सरकार के पास मंजूरी के लिए भेजी डीपीआर: वहीं, नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह ने कहा कि, राजा नाहर सिंह स्टेडियम के लिए 163 करोड़ रुपये की नई डीपीआर तैयार कर सरकार के पास भेजी गई है. शेष निर्माण कार्य के लिए नई एजेंसी का टेंडर लगाया जाएगा. निगम का प्रयास है कि स्टेडियम का निर्माण जल्द से जल्द पूरा कराया जाए. नई डीपीआर को मंजूरी मिलने के बाद बाकी निर्माण कार्य की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. 1988 में पहली बार हुआ था अंतरराष्ट्रीय वनडे: राजा नाहर सिंह स्टेडियम का इतिहास भी काफी खास रहा है. वर्ष 1981 में करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस स्टेडियम में 19 जनवरी 1988 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला अंतरराष्ट्रीय एकदिवसीय मुकाबला खेला गया था. उस समय इसे मयूर स्टेडियम के नाम से जाना जाता था. बाद में इसका नाम बदलकर राजा नाहर सिंह स्टेडियम कर दिया गया. इस मैदान पर भारत के अलावा वेस्टइंडीज, जिम्बाब्वे, ऑस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड और इंग्लैंड की टीमें भी खेल चुकी हैं. यहां कुल आठ पुरुष अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबले आयोजित हुए. कपिल देव, सचिन तेंदुलकर, मोहम्मद अजहरुद्दीन, नवजोत सिंह सिद्धू, विनोद कांबली, अनिल कुंबले और जवागल श्रीनाथ जैसे भारतीय क्रिकेटर इस मैदान पर खेल चुके हैं. विदेशी खिलाड़ियों में ब्रायन लारा, कार्ल हूपर, कर्टनी वॉल्श, शिवनारायण चंद्रपॉल, स्टीफन फ्लेमिंग और एलन डोनाल्ड जैसे दिग्गज शामिल रहे.कपिल देव के वनडे करियर का आखिरी मैच भी यहीं: स्टेडियम के इतिहास से जुड़ा सबसे रोचक तथ्य यह है कि भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान कपिल देव ने अपना आखिरी अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबला इसी मैदान पर खेला था. 17 अक्टूबर 1994 को भारत और वेस्टइंडीज के बीच हुए मैच के साथ उनके वनडे करियर का अंत हुआ था. इस मुकाबले में वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 50 ओवर में पांच विकेट पर 273 रन बनाए थे. जवाब में भारतीय टीम 45 ओवर में 177 रन पर सिमट गई और वेस्टइंडीज ने 96 रन से जीत दर्ज की. कपिल देव ने 18 गेंदों पर 12 रन बनाए थे. वेस्टइंडीज की ओर से फिल सिमंस ने 76 और कार्ल हूपर ने नाबाद 61 रन बनाए थे.2006 के बाद नहीं लौटा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: राजा नाहर सिंह स्टेडियम में आखिरी अंतरराष्ट्रीय वनडे मुकाबला 31 मार्च 2006 को भारत और इंग्लैंड के बीच खेला गया था. इसके बाद यहां कोई अंतरराष्ट्रीय वनडे मैच आयोजित नहीं हुआ. करीब 25 हजार दर्शकों की क्षमता वाले इस स्टेडियम में कभी बड़े मुकाबलों के दौरान क्रिकेट प्रेमियों की भीड़ उमड़ती थी, लेकिन निर्माण कार्य अधूरा रहने और सुविधाओं की कमी के कारण इसकी पहचान कमजोर होती चली गई. अब 163 करोड़ रुपये की नई डीपीआर और आधुनिक खेल सुविधाओं की योजना से एक बार फिर उम्मीद जगी है. यदि परियोजना तय समय पर पूरी होती है तो फरीदाबाद के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण सुविधाएं मिलेंगी और राजा नाहर सिंह स्टेडियम राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए फिर तैयार हो सकेगा.स्टेडियम में खेले गए आठ अंतरराष्ट्रीय वनडे:तारीख मुकाबला19 जनवरी 1988 भारत बनाम वेस्टइंडीज19 मार्च 1993 भारत बनाम जिम्बाब्वे17 अक्टूबर 1994 भारत बनाम वेस्टइंडीज 25 अक्टूबर 1996 ऑस्ट्रेलिया बनाम दक्षिण अफ्रीका15 मार्च 2000भारत बनाम दक्षिण अफ्रीका7 मार्च 2002 भारत बनाम जिम्बाब्वे 29 अक्टूबर 2003ऑस्ट्रेलिया बनाम न्यूजीलैंड31 मार्च 2006भारत बनाम इंग्लैंड IND vs NZ: दूसरे वनडे में भारत की शानदार शुरुआत, न्यूजीलैंड के 10 ओवर में गिरे तीन विकेट पराग्वे में बड़ा सियासी उलटफेर: राष्ट्रपति पद से हटाए गए सैंटियागो पेना, देश का बड़ा बैंक डूबने पर हुई कार्रवाई चंडीगढ़ के बाद हरियाणा-पंजाब के एक्स-अग्निवीरों को भी मौका, जेल वार्डर भर्ती नियमों में बदलाव, उम्र में 5 साल तक की छूट दिल्ली से भी ज्यादा प्रदूषित हरियाणा के शहर, पंचगांव देश में नंबर-1, बल्लभगढ़ तीसरे स्थान पर, अब GRAP-3 की सख्ती। खेल के मैदान से आई इस शानदार खबर ने प्रदेश के खेल प्रेमियों में उत्साह भर दिया है।
मुकाबले का रोमांच और ऐतिहासिक जीत का सफर
मुकाबले के दौरान दोनों पक्षों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला, जहां सूझबूझ और सटीक रणनीति के बल पर जीत दर्ज की गई। खेल जगत के दिग्गजों ने इस शानदार प्रदर्शन की जमकर सराहना की है।
| खेल व मुकाबला बिंदु | विवरण, स्कोर व उपलब्धि |
|---|---|
| प्रतियोगिता / खेल | फरीदाबाद के राजा नाहर सिंह स्टेडियम की बदलेगी तस्वीर, 163 कर |
| प्रदर्शन व उपलब्धि | ऐतिहासिक जीत व उत्कृष्ट रिकॉर्ड |
| संबंधित वर्ग | हरियाणा के प्रतिभावान खिलाड़ी |
खिलाड़ी का शानदार प्रदर्शन, मेहनत और रिकॉर्ड
खिलाड़ी ने नियमित अभ्यास और अनुशासन के दम पर यह मुकाम हासिल किया है। खेल प्रशिक्षकों और समर्थकों ने इसे भविष्य की बड़ी प्रतियोगिताओं के लिए एक बड़ा संकेत बताया है।
खेल प्रेमियों में उत्साह और जीत का जश्न
आगामी राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं को ध्यान में रखते हुए खिलाड़ी अब आगे की तैयारियों में जुट गए हैं।
आगामी मैच, टूर्नामेंट और भविष्य की तैयारियां
क्षेत्रवासियों और खेल संगठनों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए खिलाड़ी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।





