हरियाणा (दैनिक रियलिटी विशेष ग्राउंड रिपोर्ट): Railway news : यात्रियों की भागदौड़ और दुविधा खत्म करने के लिए नागपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर शुरू किए गए सफल मॉडल की तर्ज पर अब उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर मंडल के रेवाड़ी और अलवर जंक्शन पर भी अत्याधुनिक तकनीक का विस्तार होने जा रहा है।। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर संबंधित अधिकारियों व स्थानीय स्तर पर आवश्यक संज्ञान लिया जा रहा है। प्राप्त विश्वसनीय जानकारियों व प्राथमिक तथ्यों के अनुसार, पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर आवश्यक पड़ताल जारी है ताकि घटनाक्रम से जुड़े हर पहलू की प्रामाणिक स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले की पूरी पृष्ठभूमि और क्या है पूरा घटनाक्रम?
इस योजना के तहत दोनों स्टेशनों के मुख्य सर्कुलेटिंग एरिया यानी प्रवेश द्वार के पास ये कियोस्क स्थापित किए जाएंगे, ताकि स्टेशन में कदम रखते ही यात्री आसानी से इनका उपयोग कर सकें।। अधिकारियों के अनुसार, इस कार्य को इसी चालू वित्तीय वर्ष के भीतर पूरा करने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे रोजाना आवागमन करने वाले हजारों यात्रियों का सफर सुगम और तनावमुक्त हो सके।। स्क्रीन को छूकर व क्यूआर कोड स्कैन करने से पता चलेगा कहां है टिकट घर व अन्य सुविधाएं कहां हैं।। नागपुर स्टेशन पर लागू नेविगेशन तकनीक की भांति ही यह डिजिटल मार्गदर्शक एक इंटररैक्टिव टच स्क्रीन कियोस्क के रूप में कार्य करेगा, जिसमें स्टेशन परिसर का विस्तृत 3 डी और चित्रात्मक (पिक्टोग्राफिक) लेआउट फीड रहेगा।।
| यात्रा व रूट विवरण | रोडवेज सेवा अपडेट |
|---|---|
| रूट व बस सेवा | इन रेलवे स्टेशनों पर नहीं भटकेंगे यात्री, डिजीटल स्क्री |
| डिपो / संचालन प्राधिकरण | संबंधित राज्य विभाग व स्थानीय प्रशासन |
| संबंधित ज़िले / रूट | रेवाड़ी |
| यात्रियों के लिए सुविधा | यात्रियों व नागरिकों की सुविधा के लिए सेवा/अभियान शुरू |
अधिकारियों, पुलिस व जांच दल की क्या है भूमिका?
यात्री स्क्रीन को छूकर या उस पर प्रदर्शित विशेष क्यूआर कोड को अपने स्मार्टफोन से स्कैन करके प्लेटफॉर्म, टिकट काउंटर, पूछताछ केंद्र, वेटिंग हॉल, विश्राम कक्ष, फुट ओवर ब्रिज, लिफ्ट, एस्केलेटर, केटरिंग स्टॉल और निकास द्वारों का सटीक रास्ता सीधे अपने मोबाइल पर नेविगेट कर सकेंगे।। यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक बनाने का प्रयास : सीनियर डीसीएम उत्तर पश्चिम रेलवे, जयपुर मंडल के सीनियर डीसीएम भूपेश यादव का कहना है कि रेल यात्रियों के सफर को अधिक आरामदायक, आधुनिक और सुगम बनाने के लिए उत्तर पश्चि रेलवे, जयपुर मंडल लगातार प्रयास कर रहा है।। नागपुर रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए लगाया गया डिजिटल मार्गदर्शक नेविगेशन पोर्टल सफल साबित हुआ है।। इसी मॉडल से प्रेरणा लेते हुए जयपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले रेवाड़ी और अलवर जंक्शन पर भी डिजिटल मार्गदर्शक लगाने के प्रस्ताव को स्वीकृत कर लिया गया है।। इस वित्तीय वर्ष के अंत तक इस कार्य को पूरी तरह से अमलीजामा पहनाकर यात्रियों को यह सौगात सौंप दी जाएगी।।
'प्रशासनिक स्तर पर पूरे मामले की बारीकी से मॉनिटरिंग की जा रही है। कानून और स्थापित नियमों के तहत निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।' - संबंधित प्राधिकारी
स्थानीय जनजीवन, नागरिकों व व्यवस्था पर सीधा असर
परिवहन विभाग के इस कदम से रोजाना यात्रा करने वाले दैनिक यात्रियों, कामकाजी वर्ग और विद्यार्थियों को सीधा लाभ मिलेगा। लंबे समय से इस रूट पर सुगम यातायात सुविधा की मांग की जा रही थी, जिसे ध्यान में रखते हुए अधिकारियों ने समय सारिणी और स्टॉपेज की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की है।
यात्रियों को ये मिलेगा लाभ इससे सबसे बड़ा व्यावहारिक लाभ यह होगा कि अनजान यात्रियों, महिलाओं और बुजुगों को ट्रेन पकड़ने या किसी सुविधा की तलाश में भटकना नहीं पड़ेगा और न ही किसी से रास्ता पूछने की मजबूरी होगी।। वहीं दिव्यांग जनों को व्हीलचेयर रैंप, सुलभ शौचालय और स्पेशल लिफ्ट की लोकेशन एक क्लिक पर मिल जाएगी, जिससे समय की बचत होगी और भीड़ के दौरान आवाजाही व्यवस्थित रहेगी।।
आगे की कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई और आगामी कदम
आगामी दिनों में इस पूरे मामले को लेकर विभागीय स्तर पर उच्चस्तरीय समीक्षा की जा सकती है, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तय होगी। दैनिक रियलिटी की विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग टीम पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है और पाठकों तक सबसे पहले प्रामाणिक जानकारी पहुंचाती रहेगी।





