रेवाड़ी शहर की स्वच्छता और सौंदर्य को नया आयाम देने के लिए नगर परिषद ने एक महत्वाकांक्षी कार्ययोजना तैयार की है। शहर की सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी की समस्या को जड़ से समाप्त करने के लिए पूरे नगर को 27 अलग-अलग सर्कलों में विभाजित किया गया है। इस नई व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जवाबदेही तय करना और सफाई व्यवस्था को अधिक पारदर्शी बनाना है। अगले सप्ताह से इस योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
नई संरचना और बीट सिस्टम का स्वरूप
नगर परिषद की इस नई रणनीति के तहत प्रत्येक सर्कल को 10 छोटी बीटों में बांटा गया है। इस प्रकार पूरे शहर में कुल 270 बीट होंगी। प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के लिए हर बीट में 2 से 3 सफाई कर्मचारियों की स्थायी तैनाती की जाएगी। इससे यह स्पष्ट रहेगा कि किस गली या मोहल्ले की सफाई की जिम्मेदारी किस कर्मचारी की है। यदि किसी क्षेत्र में गंदगी पाई जाती है, तो सीधे संबंधित बीट कर्मचारी और सुपरवाइजर को जवाबदेह ठहराया जाएगा।
| व्यवस्था का मुख्य घटक | प्रशासनिक विवरण |
|---|---|
| कुल निर्धारित सर्कल | 27 सर्कल |
| प्रति सर्कल बीट की संख्या | 10 बीट |
| कुल सफाई बीट | 270 बीट |
| प्रति बीट कर्मचारी तैनाती | 2 से 3 कर्मचारी |
| निगरानी तंत्र | वार्ड पार्षद एवं नप अधिकारी |
| प्रोत्साहन स्थल | रोडवेज वर्कशॉप के सामने डिजिटल बोर्ड |
पार्षद और अधिकारियों की सीधी निगरानी
इस नई व्यवस्था की सबसे बड़ी विशेषता इसका द्वि-स्तरीय निगरानी तंत्र है। संबंधित वार्ड के पार्षद अपने क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर पैनी नजर रखेंगे। इसके साथ ही नगर परिषद के वरिष्ठ अधिकारी भी समय-समय पर औचक निरीक्षण करेंगे। सफाई में किसी भी प्रकार की कोताही या लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इससे न केवल कार्यक्षमता बढ़ेगी, बल्कि संसाधनों का भी उचित उपयोग सुनिश्चित होगा।
जनभागीदारी: फोटो खींचकर भेजें शिकायत
नगर परिषद प्रशासन ने इस अभियान में आम नागरिकों को भी जोड़ने का निर्णय लिया है। शहरवासी अब अपने क्षेत्र में गंदगी दिखने पर उसकी फोटो खींचकर सीधे नगर परिषद को भेज सकेंगे। इसके लिए परिषद द्वारा जल्द ही आधिकारिक मोबाइल नंबर जारी किए जाएंगे। नागरिकों की शिकायतों पर त्वरित कार्रवाई करने के लिए एक विशेष टीम का गठन भी किया जा रहा है, जो डिजिटल माध्यम से प्राप्त शिकायतों का निपटारा सुनिश्चित करेगी।
कर्मचारियों के लिए प्रोत्साहन और दंड नीति
सफाई कर्मचारियों के मनोबल को बढ़ाने के लिए नगर परिषद ने 'प्रोत्साहन मॉडल' अपनाया है। जो कर्मचारी अपने आवंटित क्षेत्र को उत्कृष्ट रूप से स्वच्छ रखेंगे, उनके नाम रोडवेज वर्कशॉप के समीप लगे बड़े डिजिटल बोर्ड पर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे। परिषद का मानना है कि इससे कर्मचारियों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा पैदा होगी। वहीं, लगातार अनुपस्थित रहने वाले या काम में चोरी करने वाले कर्मचारियों पर जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
प्रभावित होने वाले प्रमुख क्षेत्र
इस योजना के तहत सेक्टर-1, मॉडल टाउन, ब्रास मार्केट, नारनौल रोड, गोपाल देव चौक, गुलाबी बाग, कुतुबपुर, सैनी मोहल्ला, ऑटो मार्केट, कटला बाजार, पंजाबी मार्केट और रेलवे स्टेशन जैसे प्रमुख क्षेत्रों के लिए विशेष सर्कल बनाए गए हैं। इसके अलावा सेक्टर-3 और सेक्टर-4 जैसे रिहायशी इलाकों के लिए भी पृथक सफाई चार्ट तैयार किया गया है।





