हरियाणा के पंचकूला जिले से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने न केवल स्कूली सुरक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगा दिए हैं, बल्कि बच्चों के व्यवहारिक मनोविज्ञान को लेकर भी अभिभावकों और शिक्षकों को चिंता में डाल दिया है। शहर के एक प्रतिष्ठित स्कूल परिसर के भीतर तीसरी कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने केजी (KG) में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची पर पत्थरों, ईंटों और भारी गमले से जानलेवा हमला कर दिया। इस हमले में बच्ची के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं और वह फिलहाल जीवन और मौत के बीच जूझ रही है।
घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि आरोपी छात्र ने मासूम बच्ची पर एक-दो बार नहीं, बल्कि ईंट से करीब 12 बार वार किए। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जांच के अनुसार, हमला इतना हिंसक था कि बच्ची घटनास्थल पर ही बेहोश होकर गिर पड़ी, लेकिन इसके बावजूद छात्र का गुस्सा शांत नहीं हुआ। उसने बेहोश बच्ची को काफी दूर तक घसीटा और उसके चेहरे पर लातों से प्रहार किए।
सिलसिलेवार घटनाक्रम: कैसे शुरू हुई हैवानियत
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरी घटना स्कूल के भीतर उस समय हुई जब बच्चे परिसर में मौजूद थे। बताया जा रहा है कि तीसरी कक्षा के छात्र ने अचानक केजी की छात्रा को निशाना बनाया। उसने पहले पास पड़े पत्थरों से उस पर हमला किया। जब बच्ची बचने की कोशिश करने लगी, तो छात्र ने उसे बालों से पकड़ लिया और पास ही रखे एक भारी बेंच पर उसका सिर दे मारा। इसके बाद, आरोपी ने पास में रखा एक भारी गमला उठाया और बच्ची के शरीर व सिर पर दे मारा।
हमले के दौरान बच्ची चीखती रही, लेकिन आरोपी छात्र ने उसे जमीन पर पटक दिया और पास पड़ी ईंट उठाकर उसके चेहरे और सिर पर ताबड़तोड़ हमला करना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि उसने करीब 12 बार ईंट से वार किए, जिससे बच्ची का चेहरा पूरी तरह क्षत-विक्षत हो गया। घटना के बाद स्कूल परिसर में अफरा-तफरी मच गई और खून से लथपथ बच्ची को तुरंत सेक्टर-6 स्थित नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां उसकी नाजुक स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे तुरंत पीजीआई चंडीगढ़ (PGI Chandigarh) रेफर कर दिया।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| घटना स्थल | स्कूल परिसर, पंचकूला |
| पीड़ित बच्ची की कक्षा | केजी (Kindergarten) |
| आरोपी की कक्षा | तीसरी (3rd Standard) |
| हमले का हथियार | ईंट, पत्थर और भारी गमला |
| गंभीरता | ईंट से 12 बार वार, सिर में गंभीर चोट |
| वर्तमान स्थिति | पीजीआई चंडीगढ़ में उपचाराधीन |
| जांच एजेंसी | सेक्टर-20 थाना पुलिस, पंचकूला |
पुलिस की कार्रवाई और जांच का दायरा
घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-20 थाना प्रभारी यशदीप और जांच अधिकारी प्रदीप कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल को सील कर दिया है और वहां से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने स्कूल प्रबंधन से सुरक्षा व्यवस्था में चूक को लेकर जवाब मांगा है। सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में स्कूल में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि हमले की पूरी कड़ियों को जोड़ा जा सके।
"यह मामला अत्यंत गंभीर और संवेदनशील है क्योंकि इसमें दोनों ही पक्ष नाबालिग हैं। हम स्कूल प्रबंधन से सीसीटीवी फुटेज मांग रहे हैं और सुरक्षा में हुई चूक की जांच की जा रही है। बच्ची का इलाज के बाद बच्ची के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा रही है और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।" - पुलिस जांच टीम
स्थानीय जनजीवन और अभिभावकों में रोष
इस घटना ने पंचकूला के अभिभावकों के बीच डर और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। अभिभावकों का कहना है कि अगर स्कूल परिसर के भीतर ही बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो वे उन्हें कहां भेजें? स्थानीय नागरिकों ने स्कूल प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठाए हैं कि आखिर इतनी देर तक यह हिंसा चलती रही और किसी भी सुरक्षाकर्मी या शिक्षक की नजर इस पर क्यों नहीं पड़ी? इस घटना ने बच्चों के बीच बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति और उनके मानसिक स्वास्थ्य की काउंसलिंग की आवश्यकता को भी रेखांकित किया है।
आगामी कदम और कानूनी प्रक्रिया
चूंकि आरोपी छात्र तीसरी कक्षा का है, इसलिए इस मामले में जुवेनाइल जस्टिस एक्ट (Juvenile Justice Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या छात्र और बच्ची के बीच पहले से कोई विवाद था या यह किसी मानसिक तनाव का परिणाम है। वहीं, शिक्षा विभाग भी इस मामले में स्कूल की मान्यता और सुरक्षा मानकों को लेकर अलग से जांच बिठा सकता है। फिलहाल, पूरी प्राथमिकता बच्ची की जान बचाने पर है, जो पीजीआई में वेंटिलेटर या गहन चिकित्सा इकाई में भर्ती बताई जा रही है।





