हरियाणा के पंचकूला जिले से एक ऐसी हृदयविदारक घटना सामने आई है जिसने स्कूली बच्चों की सुरक्षा और शिक्षण संस्थानों के प्रबंधन पर गंभीर सवालिया निशान लगा दिए हैं। यहाँ के एक प्रतिष्ठित निजी स्कूल में तीसरी कक्षा के एक छात्र ने केजी (KG) क्लास में पढ़ने वाली एक मासूम बच्ची पर अत्यंत बेरहमी से हमला कर दिया। इस पूरी घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद न केवल परिजन बल्कि शिक्षा विभाग और प्रदेश सरकार भी स्तब्ध है। घटना के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे चंडीगढ़ पीजीआई (PGI) में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका उपचार जारी है।
सीसीटीवी में कैद हुई रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात
स्कूल परिसर के भीतर हुई यह वारदात कक्षा में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज के अनुसार, तीसरी कक्षा के छात्र ने मासूम बच्ची पर एक के बाद एक ईंट से 12 वार किए। इतना ही नहीं, छात्र ने दो बार बच्ची के बाल पकड़कर उसका सिर डेस्क पर पटका और करीब 19 बार उसके चेहरे पर पैरों से प्रहार किए। काफी देर तक वह बच्ची को कमरे में घसीटता रहा, लेकिन हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान स्कूल का कोई भी शिक्षक या स्टाफ सदस्य वहां मौजूद नहीं था। यह घटना स्कूल की सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी तंत्र की पोल खोलती है।
| विवरण | तथ्य एवं जानकारी |
|---|---|
| स्थान | पंचकूला, हरियाणा |
| पीड़िता | केजी (KG) कक्षा की छात्रा |
| आरोपी | तीसरी कक्षा का छात्र |
| हमले की प्रकृति | ईंट से 12 वार, डेस्क पर सिर पटका, 19 बार पैर से वार |
| वर्तमान स्थिति | पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती (गंभीर हालत) |
| प्रशासनिक कार्रवाई | मुख्यालय स्तर पर जांच कमेटी गठित |
परिजनों का आरोप: स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही
मामले का खुलासा तब हुआ जब स्कूल की छुट्टी के बाद ऑटो चालक बच्ची को लेने पहुँचा, लेकिन वह अपनी निर्धारित जगह पर नहीं मिली। इसके बाद परिजनों को सूचित किया गया। पीड़िता के चाचा ने बताया कि जब बच्ची के पिता स्कूल पहुँचे, तो उसी हमलावर छात्र ने उन्हें बताया कि बच्ची ऊपर के कमरे में पड़ी है। जब पिता कमरे में पहुँचे तो वहां का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए; मासूम बच्ची खून से लथपथ हालत में पड़ी थी। परिजनों का आरोप है कि स्कूल में स्टाफ की भारी कमी है और दो-तीन कक्षाओं के बच्चों को एक ही कमरे में बिठाया जाता है, जिसके कारण यह हादसा हुआ।
"मैंने इस घटना का वीडियो देखा है, वह इतना वीभत्स है कि उसे देख पाना भी मुश्किल है। मासूम बच्ची के साथ जो हुआ वह अक्षम्य है। हमने तुरंत मुख्यालय स्तर पर एक जांच कमेटी गठित कर दी है। जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसे किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।" - महिपाल ढांडा, शिक्षा मंत्री, हरियाणा
शिक्षा मंत्री की सख्त कार्रवाई और जांच के आदेश
हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने इस मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि घटना का वीडियो देखने के बाद उन्होंने तुरंत अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा गठित की गई उच्च स्तरीय कमेटी आज शाम या कल सुबह तक अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि स्कूल प्रबंधन की ओर से सुरक्षा मानकों में जो भी चूक हुई है, उस पर कड़ी कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। सरकार का प्राथमिक उद्देश्य अब यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में किसी भी स्कूल में ऐसी घटना न दोहराई जाए।
स्थानीय जनजीवन और अभिभावकों में आक्रोश
इस घटना ने पंचकूला सहित पूरे हरियाणा के अभिभावकों को चिंता में डाल दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि स्कूलों के भीतर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो शिक्षा व्यवस्था पर भरोसा कैसे किया जाए। मांग की जा रही है कि सभी निजी और सरकारी स्कूलों में सीसीटीवी कैमरों की लाइव मॉनिटरिंग के लिए एक समर्पित टीम होनी चाहिए ताकि किसी भी अप्रिय घटना को समय रहते रोका जा सके। फिलहाल, पुलिस और शिक्षा विभाग दोनों ही अपने स्तर पर जांच को आगे बढ़ा रहे हैं और स्कूल के अन्य स्टाफ सदस्यों से भी पूछताछ की जा रही है।





