हरियाणा के पंचकूला से एक राहत भरी और सुखद खबर सामने आई है। सेक्टर-20 स्थित राजकीय संस्कृत मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जानलेवा हमले का शिकार हुई केजी (KG) कक्षा की नन्ही छात्रा अब मौत को मात देकर जिंदगी की जंग जीत रही है। चंडीगढ़ के पीजीआई (PGI) अस्पताल में उपचाराधीन बच्ची की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है। सोशल मीडिया और पारिवारिक सूत्रों से सामने आए एक ताजा वीडियो में बच्ची अपनी मां की गोद में सुरक्षित महसूस करते हुए मुस्कुराती नजर आ रही है। इस मुस्कान ने न केवल उसके परिजनों को, बल्कि पूरे देश में उसके लिए दुआएं कर रहे हजारों लोगों को बड़ी राहत दी है।
बच्ची के चाचा फाजिल ने बताया कि मासूम ने वीडियो कॉल के जरिए उनसे लंबी बातचीत की है। परिवार के लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं है कि गंभीर चोटों के बावजूद बच्ची अब होश में है और संवाद कर पा रही है। परिजनों का कहना है कि उनकी बच्ची एक 'शेरनी' की तरह लड़ी है और उसे मानो दूसरा जीवन मिला है। हालांकि, अस्पताल प्रशासन ने अभी तक आधिकारिक रूप से छुट्टी (Discharge) की तारीख की पुष्टि नहीं की है, लेकिन डॉक्टरों की एक विशेष टीम उसकी रिकवरी पर चौबीसों घंटे नजर रख रही है।
होश में आते ही बयां किया खौफनाक मंजर: पत्थर से हमले का खुलासा
जैसे ही बच्ची पूरी तरह होश में आई, उसने उस खौफनाक घटना की यादें साझा कीं जिसने पूरे हरियाणा को झकझोर दिया था। बच्ची ने अपनी मां को बताया कि उस पर पत्थर से हमला किया गया था। परिजनों के दावों के अनुसार, आरोपी छात्र ने पहले बच्ची को कुछ अपशब्द कहे थे, जिसका विरोध करने और शिकायत करने की बात कहने पर आरोपी उसे झांसा देकर स्कूल की ऊपरी मंजिल पर ले गया। वहां ले जाकर उस पर बेरहमी से हमला किया गया। परिवार फिलहाल बच्ची को इस सदमे से बाहर निकालने के लिए उसे मानसिक तनाव से दूर रखने की कोशिश कर रहा है।
| विवरण | महत्वपूर्ण जानकारी |
|---|---|
| घटना की तिथि | 28 अक्टूबर 2024 |
| घटनास्थल | राजकीय संस्कृत मॉडल स्कूल, सेक्टर-20, पंचकूला |
| अस्पताल | PGI चंडीगढ़ |
| आरोपी छात्र की आयु | 8 वर्ष (तीसरी कक्षा) |
| प्रशासनिक कार्रवाई | प्रिंसिपल व 2 शिक्षिकाएं सस्पेंड |
| पुलिस कार्रवाई | BNS और JJ एक्ट के तहत FIR दर्ज |
प्रशासनिक हंटर: स्कूल प्रबंधन पर गाज, शिक्षा मंत्री सख्त
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए हरियाणा सरकार और शिक्षा विभाग ने कड़ा रुख अपनाया है। शुरुआती जांच में लापरवाही पाए जाने पर स्कूल के प्रिंसिपल और दो जेबीटी (JBT) शिक्षिकाओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और किशोर न्याय (JJ) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
"बच्ची का मुस्कुराना हमारे लिए सबसे बड़ी जीत है। हम चाहते हैं कि उसे न्याय मिले ताकि भविष्य में किसी अन्य मासूम के साथ ऐसी घटना न हो। समाज और प्रशासन को स्कूलों में सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीरता से विचार करना होगा।" - फाजिल (पीड़ित बच्ची के चाचा)
मानवाधिकार और बाल अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
पंचकूला की इस घटना ने स्कूल परिसरों में बच्चों की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हरियाणा मानवाधिकार आयोग और हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। वहीं, आरोपी छात्र, जिसकी उम्र महज 8 वर्ष है, उसे अंबाला स्थित ऑब्जर्वेशन होम भेजा गया है। वहां विशेषज्ञों की टीम उसकी काउंसलिंग कर रही है ताकि इस हिंसक व्यवहार के पीछे के मनोवैज्ञानिक कारणों का पता लगाया जा सके।
स्थानीय जनजीवन और सुरक्षा पर प्रभाव
इस घटना के बाद पंचकूला और आसपास के क्षेत्रों के अभिभावकों में अपने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता देखी जा रही है। जीटी रोड बेल्ट के स्कूलों में भी सुरक्षा ऑडिट की मांग तेज हो गई है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सीसीटीवी कैमरों की निगरानी और स्टाफ की जवाबदेही तय होना अनिवार्य है। फिलहाल, पूरा पंचकूला और हरियाणा इस 'नन्ही परी' के पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटने का इंतजार कर रहा है। परिजनों ने उसके स्वागत की विशेष तैयारियां की हैं, जो न केवल एक बच्ची की वापसी होगी, बल्कि जीवन की जीवटता का जश्न भी होगा।





