हरियाणा के करनाल जिले में विकास कार्यों को लेकर पैदा हुए आपसी विवाद ने अब कानूनी रूप ले लिया है। जिले के निसिंग खंड के अंतर्गत आने वाले गांव डाचर में एक सरकारी सड़क के निर्माण कार्य शुरू होने से ठीक पहले भारी हंगामा हुआ। यहां न केवल शिलान्यास के लिए लगाए गए पत्थर को क्षतिग्रस्त किया गया, बल्कि उस पर काला पेंट (कालिख) भी पोत दिया गया। इस घटना के बाद क्षेत्र में तनाव की स्थिति पैदा हो गई और नीलोखेड़ी के विधायक भगवान दास का प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम अंतिम समय पर रद्द करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव डाचर में रुगसाना रोड से लेकर ढिल्लो फार्म तक के कच्चे रास्ते को पक्का करने की मांग लंबे समय से की जा रही थी। ग्रामीणों की इस समस्या को देखते हुए हरियाणा सरकार ने 27 लाख रुपए की विशेष ग्रांट मंजूर की थी। 24 अक्टूबर को इस सड़क के निर्माण का औपचारिक शिलान्यास होना तय हुआ था, लेकिन असामाजिक तत्वों की इस हरकत ने पूरे उत्सव के माहौल को विवाद में बदल दिया।
घटना का विस्तृत विवरण और सिलसिलेवार घटनाक्रम
गांव में विकास की नई इबारत लिखने के लिए तैयार की गई शिलान्यास पट्टिका को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ लोगों ने सार्वजनिक रूप से इस निर्माण का विरोध किया। आरोप है कि जब प्रशासन और पंचायत विभाग ने उद्घाटन की तैयारियां पूरी कर ली थीं, तभी गांव के ही दो व्यक्तियों ने वहां पहुंचकर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पत्थर को न केवल अपनी जगह से उखाड़कर फेंका गया, बल्कि उस पर काला रंग लगाकर सरकार और स्थानीय प्रशासन के खिलाफ विरोध दर्ज कराया गया।
| विवरण | तथ्य एवं आंकड़े |
|---|---|
| प्रभावित क्षेत्र | गांव डाचर, निसिंग (करनाल) |
| परियोजना की कुल लागत | ₹ 27,00,000 (27 लाख रुपए) |
| प्रस्तावित कार्य | रुगसाना रोड से ढिल्लो फार्म तक सड़क निर्माण |
| मुख्य अतिथि (उद्घाटनकर्ता) | भगवान दास, विधायक (नीलोखेड़ी) |
| नामजद आरोपी | विपिन सिंह और सोनू शर्मा |
| संबंधित थाना | निसिंग पुलिस थाना |
प्रशासनिक कार्रवाई और पुलिस की भूमिका
इस पूरे मामले में ब्लॉक समिति निसिंग के चेयरमैन हर्षजोत गुरदेव गुराया ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंपी है। शिकायत में स्पष्ट किया गया है कि सरकारी ग्रांट के माध्यम से होने वाले इस कार्य में बाधा डालना सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विपिन सिंह और सोनू शर्मा के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
"गांव डाचर में सड़क निर्माण के शिलान्यास पत्थर को क्षतिग्रस्त करने की शिकायत मिली थी। इस मामले में खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) की अनुशंसा पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस की एक टीम साक्ष्य जुटा रही है और जांच अधिकारी ऋषिपाल को मामले की गहन जांच के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी कार्य में बाधा डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।"
स्थानीय जनजीवन और विकास कार्यों पर प्रभाव
इस घटना के बाद गांव डाचर में ग्रामीणों के दो गुटों के बीच वैचारिक मतभेद गहरा गए हैं। सड़क निर्माण का इंतजार कर रहे स्थानीय किसानों और राहगीरों में भारी रोष है, क्योंकि शिलान्यास टलने से निर्माण कार्य में देरी होने की आशंका बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि विकास कार्यों में राजनीति या व्यक्तिगत रंजिश को नहीं लाना चाहिए, क्योंकि इससे पूरे गांव का नुकसान होता है। प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए गांव में सतर्कता बढ़ा दी है।
आगामी कानूनी कदम और जांच की दिशा
निसिंग थाना पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि इस तोड़फोड़ के पीछे मुख्य मंशा क्या थी? क्या यह केवल आपसी रंजिश का मामला है या इसके पीछे कोई गहरी राजनीतिक साजिश है। पुलिस जल्द ही आरोपियों को पूछताछ के लिए नोटिस जारी कर सकती है। वहीं, पंचायत विभाग इस कोशिश में जुटा है कि जल्द से जल्द दोबारा शिलान्यास की तिथि निर्धारित की जाए ताकि 27 लाख रुपए की लागत वाली इस सड़क का काम समय सीमा के भीतर पूरा हो सके।





