अंबाला: दीपावली और छठ पूजा जैसे बड़े त्योहारों के दौरान रेल यात्रियों की बढ़ती संख्या और स्टेशनों पर होने वाली आपाधापी को नियंत्रित करने के लिए उत्तर रेलवे के अंबाला मंडल ने अपनी कमर कस ली है। यात्रियों को सुरक्षित और सुविधाजनक सफर मुहैया कराने के उद्देश्य से मंडल ने 18 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों के संचालन की घोषणा की है। इसके अतिरिक्त, रेलवे बोर्ड द्वारा छह अन्य विशेष ट्रेनों का भी आवंटन किया गया है, जो मुख्य रूप से उत्तर प्रदेश और बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों के दबाव को कम करेंगी।
अंबाला रेल मंडल के प्रबंधक (DRM) विनोद भाटिया ने अंबाला छावनी रेलवे स्टेशन पर मीडिया से औपचारिक बातचीत के दौरान बताया कि त्योहारी सीजन में अंबाला मंडल की भूमिका एक 'ट्रांजिट डिवीजन' के रूप में अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। चूंकि जम्मू और फिरोजपुर मंडल से आने वाली अधिकांश ट्रेनें यहीं से होकर गुजरती हैं, इसलिए यहां यात्री प्रबंधन और ट्रेनों का समयबद्ध परिचालन रेलवे के लिए एक बड़ी चुनौती है।
स्टेशनों पर सुरक्षा और यात्री सुविधाओं का नया ढांचा
भीड़भाड़ वाले इस समय में यात्रियों को टिकट बुकिंग, पूछताछ और स्टेशन परिसर में आवाजाही के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए विशेष दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। अंबाला, चंडीगढ़, बठिंडा और सरहिंद जैसे व्यस्त स्टेशनों पर अधिकारियों और पर्यवेक्षकों की आठ-आठ घंटे की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और वाणिज्यिक विभाग के कर्मचारी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं ताकि प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
| सुविधा/विभाग | मुख्य कदम व व्यवस्था | लक्ष्य |
|---|---|---|
| विशेष ट्रेनें | 18 नियमित + 6 अतिरिक्त आवंटित | भीड़ कम करना |
| स्टेशन प्रबंधन | 8 घंटे की शिफ्ट में अधिकारियों की तैनाती | बेहतर निगरानी |
| सुरक्षा एवं सफाई | RPF की अतिरिक्त तैनाती व पेयजल उपलब्धता | यात्री सुरक्षा व स्वच्छता |
| कोहरा प्रबंधन | सिग्नल साइटिंग कमेटियों का गठन | सुरक्षित रेल परिचालन |
| कालका-शिमला मार्ग | जनवरी 2025 तक पूर्ण बहाली का लक्ष्य | पर्यटन को बढ़ावा |
कोहरे की चुनौती और तकनीकी सुरक्षा उपाय
आगामी शीत ऋतु और कोहरे की संभावना को देखते हुए रेलवे ने अभी से एहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कोहरे के दौरान सिग्नलों की दृश्यता सुनिश्चित करने के लिए विशेष 'सिग्नल साइटिंग कमेटियां' बनाई गई हैं, जो विभिन्न रेलखंडों का बारीकी से निरीक्षण कर रही हैं। लोको पायलटों (रेल चालकों) को कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग, ब्रेकिंग सिस्टम के सही उपयोग और इंजन नियंत्रण के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है।
"हमारा प्राथमिक उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक यात्री अपने गंतव्य तक सुरक्षित और सम्मानजनक तरीके से पहुंचे। टिकट जांच कर्मचारियों और स्टेशन स्टाफ को यात्रियों के साथ अत्यंत सहयोगात्मक व्यवहार करने के निर्देश दिए गए हैं। कोहरे के दौरान सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।" - विनोद भाटिया, मंडल रेल प्रबंधक, अंबाला
कालका-शिमला हेरिटेज ट्रैक पर ताजा अपडेट
विश्व प्रसिद्ध कालका-शिमला रेल मार्ग के पुनरुद्धार पर जानकारी देते हुए रेल प्रबंधक ने बताया कि भारी वर्षा और भूस्खलन के कारण प्रभावित हुए इस सेक्शन पर मरम्मत कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। वर्तमान में धर्मपुर से शिमला के बीच एक ट्रेन का संचालन किया जा रहा है और जल्द ही दूसरी ट्रेन शुरू करने की योजना है। रेलवे का लक्ष्य है कि जनवरी 2025 तक पूरे ट्रैक को सुरक्षित रूप से बहाल कर दिया जाए, ताकि पर्यटकों को फिर से टॉय ट्रेन का आनंद मिल सके।
जनहित में रेलवे की अपील
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल अधिकृत काउंटरों या ऑनलाइन माध्यमों से ही टिकट लें और यात्रा के दौरान किसी भी संदिग्ध वस्तु या व्यक्ति की सूचना तुरंत रेलवे हेल्पलाइन या ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को दें। स्टेशनों पर खानपान की गुणवत्ता और पेयजल की उपलब्धता पर भी विशेष नजर रखी जा रही है ताकि यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ कोई खिलवाड़ न हो।




