हरियाणा के कैथल जिले के अंतर्गत आने वाले कस्बा पूंडरी में कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने अवैध विस्फोटक सामग्री के खिलाफ एक बड़ी और सफल कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट और स्थानीय थाना पूंडरी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर इंदिरा कॉलोनी इलाके में दबिश दी। इस औचक निरीक्षण के दौरान एक रिहायशी मकान के साथ संलग्न बाड़े से भारी मात्रा में प्रतिबंधित और बिना लाइसेंस के स्टॉक किए गए बम-पटाखे बरामद किए गए हैं। आवासीय क्षेत्र के बीचों-बीच इतनी भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री का भंडारण होना स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा साबित हो सकता था।
छापेमारी की यह पूरी कार्रवाई सुरक्षा तंत्र की मुस्तैदी का एक बड़ा उदाहरण है, जहां किसी बड़ी अनहोनी से पहले ही स्थिति पर नियंत्रण पा लिया गया। त्योहारी सीजन या अन्य आयोजनों से पहले अवैध रूप से संगृहीत इस विस्फोटक खेप को खपाने की साजिश रची जा रही थी, जिसका पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने मौके से मुख्य संचालक को भी अपनी हिरासत में ले लिया है। इलाके में इस प्रकार के अवैध भंडारण से जुड़ी अन्य संभावित जगहों की भी टोह ली जा रही है ताकि नेटवर्क की तह तक पहुंचा जा सके।
छापेमारी का सिलसिलेवार घटनाक्रम और तलाशी अभियान
गुप्तचर तंत्र से मिली भनक के बाद स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट के प्रभारी पीएसआई संदीप कुमार के मार्गदर्शन में एएसआई बलकार सिंह के नेतृत्व में एक विशेष रेडिंग पार्टी का गठन किया गया था। इस दल ने थाना पूंडरी प्रभारी पीएसआई सुनील कुमार की टीम के साथ मिलकर इंदिरा कॉलोनी के वार्ड नंबर 14 में चिन्हित स्थान पर योजनाबद्ध तरीके से धावा बोला। पुलिस बल को अपनी तरफ आते देख बाड़े के भीतर मौजूद एक संदिग्ध व्यक्ति ने हड़बड़ी में लोहे के मुख्य द्वार को अंदर से बंद करने की नाकाम कोशिश की। हालांकि, सतर्क पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए गेट खुलवाया और मौके पर ही आरोपी को धर दबोचा। पूछताछ के दौरान उसने अपनी पहचान स्थानीय निवासी राकेश कुमार के रूप में बताई।
तलाशी की प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और तकनीकी रूप से पुख्ता बनाने के लिए मौके पर लाइसेंस प्राप्त फायरवक्स मर्चेंट (LFM) दर्शन सिंह को आधिकारिक तौर पर बुलाया गया। उनकी मौजूदगी में बाड़े के भीतर रखी गई पेटियों की जांच की गई, जिसमें विभिन्न प्रकार के 'चट्टर-पट्टर' बम और पटाखे होने की पुष्टि हुई। गिनती करने पर वहां सफेद और खाकी रंग के गत्ते के कुल 160 बक्से पाए गए। हर एक पेटी के भीतर मानक पैकेजिंग के तहत 40 डिब्बे और प्रत्येक डिब्बे में 10 पैकेट रखे गए थे, जो यह दर्शाते हैं कि माल भारी मात्रा में व्यावसायिक वितरण के लिए तैयार किया गया था।
| कार्रवाई के मुख्य बिंदु | विवरण व आंकड़े |
|---|---|
| स्थान | वार्ड नंबर 14, इंदिरा कॉलोनी, पूंडरी (कैथल) |
| मुख्य आरोपी | राकेश कुमार |
| बरामद कुल पेटियां | 160 गत्ता पेटियां (81 सफेद और 79 खाकी) |
| कुल वजन | 1245.276 किलोग्राम (इलेक्ट्रॉनिक कांटे से सत्यापित) |
| संलिप्त एजेंसियां | स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट कैथल एवं थाना पूंडरी पुलिस |
प्रशासनिक व पुलिस तंत्र की भूमिका और विधिक कार्रवाई
प्रशासन ने इस पूरे मामले को अत्यंत गंभीरता से लिया है क्योंकि घनी आबादी वाले रिहायशी इलाके में भारी मात्रा में विस्फोटक रखना कानूनन गंभीर अपराध होने के साथ-साथ जनजीवन के लिए खुला खतरा है। पुलिस द्वारा बरामद की गई सभी 160 पेटियों को करीने से अलग-अलग मार्किंग देकर सील किया गया। इसके पश्चात, पूर्ण पारदर्शिता बरतते हुए इलेक्ट्रॉनिक कांटे की मदद से सटीक तौल कराई गई, जिसमें गत्तों सहित कुल वजन 1245.276 किलोग्राम आंका गया। इतनी बड़ी खेप बिना किसी वैध लाइसेंस, सुरक्षा मानकों या प्रशासनिक अनुमति के भंडारित की गई थी, जिसके चलते आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत अभियोग दर्ज कर लिया गया है।
जांच अधिकारियों का यह भी मानना है कि इस अवैध कारोबार में केवल एक व्यक्ति संलिप्त नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे एक गहरी सप्लाई चेन काम कर रही है। पुलिस अब इस बात की पड़ताल में जुटी है कि यह कच्चा माल या तैयार पटाखे कहां से लाए गए थे और इन्हें किन-किन इलाकों में सप्लाई किया जाना था। इस सिलसिले में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है ताकि उसके अन्य सहयोगियों और वितरकों के चेहरों से भी पर्दा उठाया जा सके।
गुप्त सूचना के आधार पर पूंडरी के एक बाड़े में छापेमारी कर 1245 किलोग्राम से अधिक अवैध पटाखे बरामद किए गए हैं। आरोपी राकेश को गिरफ्तार कर लिया गया है और विस्फोटक अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कड़ियों को खंगाला जा रहा है।
स्थानीय नागरिकों की सुरक्षा और जनजीवन पर प्रभाव
इस बड़ी बरामदगी के बाद पूंडरी की इंदिरा कॉलोनी और आसपास के इलाकों के लोगों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वे इस बात से पूरी तरह अनजान थे कि उनके पड़ोस में इतनी भारी मात्रा में बारूद और विस्फोटक सामग्री डंप करके रखी गई थी। यदि किसी दुर्घटना वश इस बाड़े में आग लग जाती, तो पूरा रिहायशी इलाका मलबे में तब्दील हो सकता था और सैकड़ों बेकसूर लोगों की जान खतरे में पड़ सकती थी। इस घटना के सामने आने के बाद आम नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, साथ ही मांग की है कि ऐसे अवैध गोदामों की समय-समय पर चेकिंग होनी चाहिए।
विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारी सीजन के नजदीक आते ही इस तरह के अवैध सिंडिकेट सक्रिय हो जाते हैं जो मुनाफे के चक्कर में नियमों को ताक पर रखकर इंसानी जिंदगियों से खिलवाड़ करते हैं। स्थानीय प्रशासन और पुलिस के इस कड़े कदम से अवैध कारोबारियों में एक सख्त संदेश गया है कि राज्य में इस तरह की अवैध गतिविधियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस प्रकार के औचक अभियानों का जारी रहना बेहद आवश्यक है।
आगामी विधिक प्रक्रिया और अदालत में पेशी
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपी राकेश कुमार से रिमांड के दौरान मिलने वाली जानकारियों के आधार पर इस रैकेट के अन्य ठिकानों पर भी छापे मारे जा सकते हैं। कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ का दायरा बढ़ाया जाएगा। जिला प्रशासन और पुलिस विभाग का यह स्पष्ट रुख है कि सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले किसी भी तत्व को बख्शा नहीं जाएगा और इस मामले में अदालत के माध्यम से कड़ी सजा सुनिश्चित की जाएगी।




